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धर्म-अध्यात्म
Diwali 2025, शिववास और शुभ योग में बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा
Harrison
19 Oct 2025 8:16 PM IST

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Religion Spirituality, धर्म अध्यात्म : इस वर्ष दीवाली 2025 न केवल रोशनी और उल्लास का पर्व बनकर आ रही है, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी यह अत्यंत शुभ और फलदायी मानी जा रही है। पंचांग के अनुसार, इस बार दीवाली पर शिववास, शुभ योग और व्रिद्धि योग जैसे मंगलकारी संयोग बन रहे हैं, जो इसे और भी विशेष बना देते हैं।
ऐसे संयोग न केवल धार्मिक कार्यों के लिए उत्तम माने जाते हैं, बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी अत्यधिक फलदायक माने जाते हैं। यही कारण है कि इस बार मां लक्ष्मी की पूजा का महत्व और भी बढ़ गया है।
कब है दीवाली 2025?
2025 में दीवाली का पर्व 20 अक्टूबर (सोमवार) को मनाया जाएगा। यह दिन अमावस्या तिथि को पड़ रहा है, जो मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर की पूजा के लिए सबसे पवित्र और उपयुक्त समय माना जाता है।
लक्ष्मी पूजन मुहूर्त:
🔸 शाम 06:15 बजे से रात 08:05 बजे तक (स्थानीय समय के अनुसार भिन्न हो सकता है)
🔸 कुल अवधि: लगभग 1 घंटे 50 मिनट
शिववास और अन्य विशेष योग
इस वर्ष दीवाली पर चंद्रमा तुला राशि में और स्वाति नक्षत्र में होगा। वहीं, भगवान शंकर का वास — शिववास — इस दिन विशेष महत्व रखता है।
पौराणिक मान्यता है कि जब अमावस्या तिथि पर शिववास बनता है, तो मां लक्ष्मी की कृपा के साथ-साथ शिव की शक्ति भी व्यक्ति के जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा लाती है।
इस दिन बनने वाले अन्य शुभ योग इस प्रकार हैं:
शुभ योग – कार्यों में सफलता और वांछित फल की प्राप्ति होती है।
वृद्धि योग – व्यापार, निवेश और धन संचय के लिए अत्यंत अनुकूल समय।
आनंदाद योग – मानसिक शांति और सुख की प्राप्ति का योग।
इन तीनों योगों के एक साथ आने से इस बार की दीवाली बेहद खास मानी जा रही है।
धन लाभ और पूजन का विशेष महत्व
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार मां लक्ष्मी की कृपा विशेष रूप से व्यापारियों, निवेशकों और गृहस्थ जीवन जीने वालों पर बनी रहेगी। यदि सही समय पर विधिपूर्वक पूजा की जाए, तो आर्थिक क्षेत्र में रुकावटें दूर होती हैं और समृद्धि के द्वार खुलते हैं।
क्या करें:
लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा का पूजन करें
घर में कम से कम एक स्थान पर तेल का दीपक जरूर जलाएं
किचन, तिजोरी और मुख्य द्वार को विशेष रूप से साफ करें
मां लक्ष्मी को कमल का फूल, केसर, और मिश्री अर्पण करें
क्या न करें:
इस दिन झगड़ा, विवाद, अपशब्द या नकारात्मक बातें करने से बचें
पूजा के समय मोबाइल या टीवी जैसी चीज़ों से ध्यान भंग न करें
शाम के बाद झाड़ू-पोंछा या कूड़ा बाहर न फेंकें
सामाजिक और मानसिक लाभ भी
दीवाली सिर्फ एक धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि समाज में आपसी संबंधों को मजबूत करने, नेगेटिव ऊर्जा से छुटकारा पाने और नए संकल्पों के साथ जीवन को दोबारा दिशा देने का अवसर भी है।
इस बार शिववास के साथ बनी सकारात्मक ऊर्जा न केवल आर्थिक समृद्धि लाएगी, बल्कि घर-परिवार में शांति और सौहार्द का वातावरण भी बनाएगी।
दीवाली 2025 न केवल ज्योतिषीय रूप से शुभ है, बल्कि अध्यात्म और जीवन में स्थायित्व लाने वाली भी है। शिववास, शुभ योग और व्रिद्धि योग के चलते यह पर्व इस बार और भी अधिक फलदायक बन गया है।
ऐसे में यह उचित समय है कि हम पूरी श्रद्धा और सकारात्मकता के साथ मां लक्ष्मी का स्वागत करें और अपने जीवन को उजालों से भर दें।
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