- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- Ketu Grah : पापकारी...
धर्म-अध्यात्म
Ketu Grah : पापकारी होते हुए भी मोक्ष का मार्ग खोलने की अद्भुत शक्ति
Tara Tandi
18 Nov 2025 6:09 PM IST

x
Ketu Grah ज्योतिष न्यूज़: ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को छाया ग्रह माना गया है, लेकिन इनका प्रभाव अत्यंत गहरा और रहस्यमय होता है. जहां राहु भोग, आकर्षण और सांसारिक इच्छाओं का प्रतिनिधित्व करता है, वहीं केतु त्याग, वैराग्य और मोक्ष का प्रतीक है. दैत्य जन्म होने के बावजूद केतु को अध्यात्म और आत्मज्ञान का कारक क्यों कहा गया है? इसका उत्तर हमें पौराणिक कथा और ज्योतिषीय दृष्टि दोनों में मिलता है. आइए जानते हैं कि ज्योतिष शास्त्र में पाप ग्रह होने के बावजूद केतु मोक्ष का रास्ता कैसे खोलता है.
कैसे हुई केतु की उत्पत्ति?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय देवताओं को अमृत वितरित किया जा रहा था. तभी स्वर्भानु नामक एक दैत्य देवताओं का वेष धारण कर उनकी पंक्ति में जा बैठा और अमृत पी लिया. भगवान विष्णु ने इस छल को तुरंत पहचान लिया और सुदर्शन चक्र से उसका सिर काट दिया. कटा हुआ सिर “राहु” और धड़ “केतु” के नाम से प्रसिद्ध हुआ. इसी कारण केतु को दैत्य योनि से उत्पन्न माना जाता है और इसे “राक्षसी ग्रह” कहा जाता है.
राक्षसी उत्पत्ति के बाद भी केतु मोक्ष का कारक कैसे?
केतु की राक्षसी उत्पत्ति नकारात्मकता का प्रतीक नहीं, बल्कि भ्रम, भौतिकता और उससे उत्पन्न होने वाली सीख का संकेत है. चूंकि स्वर्भानु ने अमृत का स्वाद चखा था, इसलिए केतु के भीतर दैत्यत्व के साथ-साथ दिव्य ऊर्जा का भी अंश विद्यमान है. यही द्वैत स्वभाव केतु को अत्यंत गूढ़ बनाता है.
पिछले जन्मों के कर्मों का दर्पण
ज्योतिष में केतु उस भाव में स्थित होकर व्यक्ति के पिछले जन्मों से जुड़े कर्मों का फल दिखाता है. यह व्यक्ति को ऐसी परिस्थितियों से गुजारता है, जहां उसे भौतिक सुखों से दूरी का एहसास होता है.
कठिनाइयों से आत्मा को परिपक्व करना
केतु द्वारा दिए गए संघर्ष व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाते हैं. ये परिस्थितियां उसे आत्मचिंतन, वैराग्य और त्याग की ओर प्रेरित करती हैं, जो मोक्ष की पहली सीढ़ियां हैं.
भौतिकता से दूरी और सत्य का बोध
केतु धीरे-धीरे यह समझाता है कि बाहरी सुख अस्थायी हैं और वास्तविक शांति भीतर है. यह मनुष्य को भ्रमों से निकालकर सत्य और आत्मज्ञान की ओर ले जाता है.
शुभ स्थिति में गहरी आध्यात्मिक शक्ति
जब कुंडली में केतु अनुकूल हो, तो व्यक्ति में सहज रूप से वैराग्य, गहन अंतर्दृष्टि और जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण विकसित होता है. उसे संसार की क्षणभंगुरता का बोध होता है और वह मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर होता है.
राहु बांधता है, केतु मुक्त करता है
ज्योतिष की दृष्टि से राहु भौतिक इच्छाओं में उलझाता है, जबकि केतु उनसे मुक्ति का मार्ग दिखाता है. राहु जहां आकर्षण बढ़ाता है, वहीं केतु उस आकर्षण से ऊपर उठने की प्रेरणा देता है. इसी कारण कहा गया है- राहु भोग का प्रतिनिधि है और केतु मोक्ष का.
TagsKetu Grahपापकारी होते हुएमोक्ष मार्ग खोलनेअद्भुत शक्तिdespite being sinfulhas amazing powerto open the path of salvationजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





