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ISSF वर्ल्ड कप में भारत के 24 निशानेबाज दिखाएंगे दम

Ratna Netam
9 Oct 2026 8:21 PM IST
ISSF वर्ल्ड कप में भारत के 24 निशानेबाज दिखाएंगे दम
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नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में भारत की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के उद्देश्य से 24 सदस्यीय भारतीय टीम मिस्र की राजधानी काहिरा के लिए रवाना हो गई है। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता स्वप्निल सुरेश कुसाले और सरबजोत सिंह इस टीम की अगुवाई करेंगे। भारतीय निशानेबाज 8 अक्टूबर से 16 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (ISSF) वर्ल्ड कप राइफल/पिस्टल में हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता से पहले भारतीय खिलाड़ियों ने देहरादून में आयोजित विशेष राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया। इस दौरान खिलाड़ियों ने तकनीकी कौशल, मैच जैसी परिस्थितियों में अभ्यास और प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया।जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय टीम ने काहिरा रवाना होने से पहले देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया। यह शिविर 1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2026 तक चला। सात दिनों के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में निशानेबाजों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अभ्यास किया।
स्वप्निल कुसाले और सरबजोत सिंह पर रहेंगी नजरें
भारतीय टीम की अगुवाई कर रहे स्वप्निल सुरेश कुसाले और सरबजोत सिंह अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी में अपनी उपलब्धियों के कारण विशेष पहचान रखते हैं।स्वप्निल कुसाले ने पेरिस ओलंपिक 2024 में पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय निशानेबाजी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि दिलाई।वहीं, सरबजोत सिंह ने पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया था।दोनों खिलाड़ियों का ओलंपिक अनुभव भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। काहिरा में होने वाले वर्ल्ड कप में उनके प्रदर्शन पर विशेष नजर रहेगी।
24 सदस्यीय भारतीय टीम काहिरा रवाना
आईएसएसएफ वर्ल्ड कप राइफल/पिस्टल के लिए भारत ने 24 सदस्यीय टीम भेजी है। इस टीम में राइफल और पिस्टल स्पर्धाओं के निशानेबाज शामिल हैं।प्रतियोगिता में विभिन्न देशों के खिलाड़ी अपनी निशानेबाजी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। भारतीय दल का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन करना और पदक जीतने के अवसरों का बेहतर उपयोग करना होगा।हालांकि, उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति के विवरण में सभी 24 खिलाड़ियों के नाम और उनकी संबंधित स्पर्धाओं की पूरी सूची नहीं दी गई है।स्वप्निल कुसाले और सरबजोत सिंह जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी भारतीय दल के लिए महत्वपूर्ण है।
देहरादून में सात दिन चला विशेष प्रशिक्षण शिविर
काहिरा वर्ल्ड कप से पहले भारतीय निशानेबाजों के लिए देहरादून में विशेष राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।यह शिविर 1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में चला।प्रशिक्षण कार्यक्रम में खिलाड़ियों ने अपनी तकनीकी तैयारियों को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। इस दौरान निशानेबाजों को प्रतियोगिता जैसी परिस्थितियों में अभ्यास करने का अवसर मिला।अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी में सटीकता, मानसिक एकाग्रता और तकनीकी निरंतरता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी कारण प्रतियोगिता से पहले आयोजित प्रशिक्षण शिविर खिलाड़ियों की तैयारी का अहम हिस्सा होते हैं।प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय निशानेबाजों ने शिविर के दौरान मैच सिमुलेशन और तकनीकी दिनचर्या को बेहतर बनाने पर काम किया।
मैच सिमुलेशन के जरिए खिलाड़ियों ने की तैयारी
राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में मैच सिमुलेशन पर विशेष ध्यान दिया गया।मैच सिमुलेशन का उद्देश्य अभ्यास के दौरान वास्तविक प्रतियोगिता जैसी परिस्थितियां तैयार करना होता है। इससे खिलाड़ी निर्धारित समय, दबाव और प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन कर सकते हैं।निशानेबाजी जैसे खेल में मामूली तकनीकी अंतर भी अंतिम परिणाम को प्रभावित कर सकता है। इसलिए खिलाड़ियों के लिए लगातार एक समान प्रदर्शन बनाए रखना आवश्यक होता है।देहरादून में आयोजित शिविर के दौरान भारतीय निशानेबाजों ने इसी पहलू पर काम किया।खिलाड़ियों ने अपने तकनीकी रूटीन को बेहतर बनाने का अभ्यास भी किया, ताकि अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के दौरान उनकी तैयारी प्रभावी रहे।
राइफल और पिस्टल स्पर्धाओं में भारत की चुनौती
आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में राइफल और पिस्टल की विभिन्न स्पर्धाओं में अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज हिस्सा लेते हैं।इन प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों को निर्धारित नियमों के अनुसार निशाने लगाने होते हैं। अलग-अलग स्पर्धाओं में दूरी, हथियार और शूटिंग की परिस्थितियां भिन्न होती हैं।राइफल थ्री पोजीशन जैसी स्पर्धाओं में खिलाड़ियों को घुटने टेककर, लेटकर और खड़े होकर निशाने लगाने होते हैं।वहीं, एयर पिस्टल स्पर्धाओं में निशानेबाजों की स्थिरता, नियंत्रण और सटीकता महत्वपूर्ण होती है।स्वप्निल कुसाले और सरबजोत सिंह इन दोनों वर्गों में भारत के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों में शामिल हैं।
ओलंपिक पदक विजेताओं के अनुभव का मिलेगा लाभ
स्वप्निल कुसाले और सरबजोत सिंह ने ओलंपिक जैसे बड़े मंच पर पदक जीतकर अपनी क्षमता साबित की है।अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अनुभव का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि खिलाड़ियों को अलग-अलग परिस्थितियों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होता है।ओलंपिक में पदक जीत चुके खिलाड़ियों की मौजूदगी भारतीय टीम के अन्य सदस्यों के लिए भी उपयोगी हो सकती है।हालांकि, काहिरा वर्ल्ड कप में किसी खिलाड़ी के प्रदर्शन या पदक की संभावना को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई निश्चित दावा नहीं किया गया है।भारतीय दल की वास्तविक स्थिति प्रतियोगिता के परिणामों से स्पष्ट होगी।
8 से 16 अक्टूबर तक आयोजित होगा वर्ल्ड कप
मिस्र की राजधानी काहिरा में आईएसएसएफ वर्ल्ड कप राइफल/पिस्टल का आयोजन 8 अक्टूबर से 16 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित है।इस दौरान विभिन्न स्पर्धाओं में अंतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज प्रतिस्पर्धा करेंगे।भारतीय टीम के लिए यह प्रतियोगिता अपनी तैयारियों और तकनीकी प्रदर्शन को परखने का अवसर है।देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय शिविर पूरा करने के बाद खिलाड़ियों का काहिरा रवाना होना इसी तैयारी का हिस्सा है।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में भारतीय खिलाड़ियों की स्पर्धावार प्रतियोगिता तिथियों और विस्तृत कार्यक्रम का उल्लेख नहीं है।
भारतीय निशानेबाजी के लिए महत्वपूर्ण प्रतियोगिता
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय निशानेबाजों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।पेरिस ओलंपिक 2024 में भारतीय निशानेबाजी दल ने तीन कांस्य पदक जीते थे। इन उपलब्धियों ने देश में निशानेबाजी के प्रति रुचि बढ़ाने में योगदान दिया।अब काहिरा में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप भारतीय खिलाड़ियों के लिए एक और अंतरराष्ट्रीय मंच है।इस प्रतियोगिता में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ अन्य निशानेबाजों को भी अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
काहिरा में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर
काहिरा वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम ने सात दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से अपनी तैयारियों को मजबूत किया है।स्वप्निल सुरेश कुसाले और सरबजोत सिंह की अगुवाई में 24 सदस्यीय भारतीय दल प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहा है।प्रशिक्षण के दौरान मैच सिमुलेशन और तकनीकी रूटीन पर किए गए अभ्यास की उपयोगिता अब अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में परखी जाएगी।भारतीय निशानेबाजों के लिए यह प्रतियोगिता अपनी सटीकता, तकनीकी क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक प्रदर्शन को सामने रखने का अवसर है। अब 16 अक्टूबर तक चलने वाले मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन और परिणामों पर नजर रहेगी।
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