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कॉमनवेल्थ गेम्स: भारत की ध्वजवाहक बनीं मीराबाई और लवलीना

Saba Naaz
18 July 2026 8:12 PM IST
कॉमनवेल्थ गेम्स: भारत की ध्वजवाहक बनीं मीराबाई और लवलीना
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नई दिल्ली। ओलिंपिक पदक विजेता भारतीय खिलाड़ियों मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन को ग्लासगो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के उद्घाटन समारोह में भारत का ध्वज और बैटन लेकर चलने का गौरव मिलेगा। भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) ने शनिवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। दोनों दिग्गज महिला खिलाड़ियों को यह जिम्मेदारी मिलना भारतीय खेल जगत के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है।

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों का उद्घाटन समारोह 23 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। इस दौरान मीराबाई चानू भारतीय दल की ध्वजवाहक होंगी, जबकि मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन बैटन वाहक की भूमिका निभाएंगी। दोनों खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है और अब उन्हें देश का प्रतिनिधित्व करने का एक और बड़ा सम्मान मिला है।

आईओए अध्यक्ष पीटी उषा ने दोनों खिलाड़ियों को यह जिम्मेदारी मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि मीराबाई और लवलीना जैसी अनुभवी और सफल महिला खिलाड़ी भारतीय दल का नेतृत्व करेंगी। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों और पूरे भारतीय दल को आगामी खेलों के लिए शुभकामनाएं दीं।

पीटी उषा ने कहा कि उद्घाटन समारोह में दो महिला खिलाड़ियों को यह सम्मान मिलना भारतीय खेलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर दुनिया में भारत की पहचान मजबूत की है। इस समय दोनों खिलाड़ी ब्रिटेन में रहकर राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों में जुटी हुई हैं।

मीराबाई चानू पिछले कई वर्षों से भारत की सबसे सफल भारोत्तोलक खिलाड़ियों में शामिल रही हैं। उन्होंने 2021 टोक्यो ओलिंपिक में महिलाओं के 49 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा था। इसके अलावा उन्होंने 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।

मीराबाई विश्व चैंपियनशिप में भी भारत के लिए कई पदक जीत चुकी हैं। हालांकि 2024 पेरिस ओलिंपिक में वह अपने पिछले प्रदर्शन को दोहरा नहीं सकीं, लेकिन इसके बावजूद वह दुनिया की शीर्ष भारोत्तोलकों में शामिल हैं। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में उनसे भारत को पदक की बड़ी उम्मीदें हैं।

वहीं, लवलीना बोरगोहेन भी भारतीय मुक्केबाजी की प्रमुख खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने 2021 टोक्यो ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया था। इसके बाद उन्होंने 2023 विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

लवलीना ने 2023 एशियाई खेलों में भी शानदार प्रदर्शन किया था और हांगझोउ में रजत पदक जीता था। उनकी आक्रामक शैली और मजबूत प्रदर्शन को देखते हुए ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भी उनसे पदक की उम्मीद की जा रही है।

ग्लासगो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय दल कई खेलों में हिस्सा लेगा। हालांकि इस बार खिलाड़ियों की संख्या पहले के मुकाबले कम बताई जा रही है, लेकिन भारत के कई अनुभवी और युवा खिलाड़ी पदक जीतने की तैयारी में हैं।

मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन को उद्घाटन समारोह में मिली यह जिम्मेदारी न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों का सम्मान है, बल्कि भारतीय महिला खिलाड़ियों की बढ़ती ताकत और सफलता का भी प्रतीक है। दोनों खिलाड़ियों के नेतृत्व में भारतीय दल राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन की उम्मीद के साथ उतरेगा।

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