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IPL 2027 में हटेगा इम्पैक्ट प्लेयर रूल, BCCI का बड़ा फैसला
Rajeshwari Nishad
5 Nov 2026 3:49 PM IST

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स्पोर्ट्स : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आगामी सीजन 2027 को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से चर्चा और विवाद का विषय बना इम्पैक्ट प्लेयर नियम अगले सीजन में भी जारी रहने की पूरी संभावना है। इस नियम को लेकर कई दिग्गज क्रिकेटर और पूर्व खिलाड़ी सवाल उठा चुके हैं, लेकिन आईपीएल फ्रेंचाइजियां आगामी मिनी ऑक्शन की तैयारियां इसी नियम को ध्यान में रखकर कर रही हैं। माना जा रहा है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) फिलहाल इसमें कोई बदलाव नहीं करेगा।
दरअसल, आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने सितंबर 2024 में जारी खिलाड़ी नियमों में स्पष्ट किया था कि इम्पैक्ट प्लेयर व्यवस्था 2025 से 2027 के चक्र तक लागू रहेगी। हालांकि, बाद में खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन की ओर से उठाए गए सवालों के कारण इसकी समीक्षा की चर्चा भी शुरू हुई। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक फ्रेंचाइजियों को इस नियम में तत्काल बदलाव की उम्मीद नहीं है।
आईपीएल 2027 का मिनी ऑक्शन दिसंबर में आयोजित किया जाना है। ऐसे में सभी दस फ्रेंचाइजियां अपनी टीमों की कमजोरियों का आकलन करने, खिलाड़ियों की अदला-बदली करने और नए खिलाड़ियों को खरीदने की योजना बनाने में जुटी हैं। इम्पैक्ट प्लेयर नियम जारी रहने की संभावना ने इन तैयारियों को खास तौर पर प्रभावित किया है।
इम्पैक्ट प्लेयर नियम के तहत किसी टीम को मैच के दौरान अपनी परिस्थितियों और जरूरत के अनुसार एक खिलाड़ी को बदलने की अनुमति मिलती है। इससे टीम अतिरिक्त बल्लेबाज या गेंदबाज का इस्तेमाल कर सकती है। बल्लेबाजी करते समय एक विशेषज्ञ बल्लेबाज को मौका दिया जा सकता है, जबकि गेंदबाजी के दौरान अतिरिक्त गेंदबाज उतारा जा सकता है।
इस नियम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि टीमों को अपनी रणनीति में अतिरिक्त लचीलापन मिलता है। हालांकि, इसका इस्तेमाल निर्धारित शर्तों के तहत ही किया जा सकता है। किसी टीम की प्लेइंग इलेवन में पहले से चार विदेशी खिलाड़ी होने पर इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में भारतीय खिलाड़ी को ही उतारा जा सकता है।
इम्पैक्ट प्लेयर व्यवस्था की शुरुआत आईपीएल 2023 में हुई थी। इसके बाद से टूर्नामेंट की रणनीति और टीम संयोजन में काफी बदलाव देखने को मिला है। टीमों ने विशेषज्ञ बल्लेबाजों और गेंदबाजों को अधिक मौके देने शुरू किए। इससे कई मुकाबलों में बड़े स्कोर बनाने और लक्ष्य का पीछा करने की क्षमता भी बढ़ी है।
हालांकि, इस नियम को लेकर क्रिकेट जगत की राय एक जैसी नहीं है। कुछ पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इससे टी20 क्रिकेट का रोमांच बढ़ा है। अतिरिक्त बल्लेबाज मिलने से टीमें शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखा सकती हैं। दूसरी ओर, आलोचकों का कहना है कि इस नियम से वास्तविक ऑलराउंडरों की भूमिका प्रभावित हो रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, सामान्य परिस्थितियों में टीम को ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत होती है जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में योगदान दे सकें। लेकिन इम्पैक्ट प्लेयर नियम लागू होने के बाद किसी विशेषज्ञ बल्लेबाज की जगह विशेषज्ञ गेंदबाज उतारना संभव हो जाता है। ऐसे में टीमों के लिए ऑलराउंडर की उपयोगिता का आकलन बदल सकता है।
इस व्यवस्था का असर भारतीय क्रिकेट के भविष्य पर भी पड़ सकता है। युवा खिलाड़ियों को यदि आईपीएल में लगातार केवल बल्लेबाजी या गेंदबाजी की भूमिका मिलती है, तो उनके ऑलराउंड कौशल को विकसित करने के अवसर सीमित हो सकते हैं। यही वजह है कि इस नियम पर समय-समय पर बहस होती रही है।
दूसरी तरफ फ्रेंचाइजियों के सामने व्यावहारिक चुनौती भी है। कई टीमों ने पिछले ऑक्शन में इम्पैक्ट प्लेयर नियम के आधार पर अपने स्क्वॉड तैयार किए थे। यदि अगले सीजन से अचानक इस नियम को समाप्त कर दिया जाता, तो टीमों को खिलाड़ियों के चयन और संयोजन में बड़े बदलाव करने पड़ सकते थे।
यही कारण है कि ऑक्शन से ठीक पहले नियम में बदलाव फ्रेंचाइजियों की तैयारियों को प्रभावित कर सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, टीमों की मौजूदा ट्रेड बातचीत और खिलाड़ी खरीदने की योजनाएं इस धारणा पर आधारित हैं कि आईपीएल 2027 में भी इम्पैक्ट प्लेयर की सुविधा उपलब्ध रहेगी। हालांकि, फ्रेंचाइजियों को नियम के भविष्य को लेकर कोई नया औपचारिक संदेश भेजे जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
आईपीएल 2027 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी 16 दिसंबर को गोवा में होने की जानकारी सामने आई है। इससे पहले फ्रेंचाइजियों को अपनी रिटेंशन और रिलीज सूची तैयार करनी है। नीलामी में भारतीय तेज गेंदबाजों, मध्यक्रम के बल्लेबाजों और मैच के अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाने वाले खिलाड़ियों की मांग पर भी इम्पैक्ट प्लेयर व्यवस्था का असर पड़ सकता है।
इस नियम का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि टीमें परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति बदल सकती हैं। उदाहरण के लिए, पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम बड़े स्कोर के लिए अतिरिक्त बल्लेबाज इस्तेमाल कर सकती है। वहीं लक्ष्य का बचाव करते समय उसे अतिरिक्त गेंदबाज उतारने का विकल्प मिल सकता है।
इसके चलते टीम प्रबंधन को केवल सर्वश्रेष्ठ ग्यारह खिलाड़ी चुनने के बजाय मैच की अलग-अलग परिस्थितियों के लिए विकल्प तैयार रखने पड़ते हैं। कप्तान और कोच के लिए यह व्यवस्था रणनीतिक तौर पर फायदेमंद हो सकती है।
फिलहाल आईपीएल 2027 में इम्पैक्ट प्लेयर नियम जारी रहने के संकेत मजबूत हैं। बीसीसीआई के पहले से घोषित 2025-27 नियमों में भी इसका प्रावधान मौजूद है। हालांकि, भविष्य में इस व्यवस्था की समीक्षा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें आगामी ऑक्शन और फ्रेंचाइजियों की रणनीतियों पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि टीमें इम्पैक्ट प्लेयर नियम का लाभ उठाने के लिए किन खिलाड़ियों पर बड़ा दांव लगाती हैं और नए सीजन में यह व्यवस्था मुकाबलों को कितना प्रभावित करती है।
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