
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले में शानदार गेंदबाजी करते हुए इतिहास रच दिया है। बर्मिंघम में खेले गए इस मुकाबले में अक्षर पटेल ने अपनी घातक गेंदबाजी से इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान किया और चार महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। इसके साथ ही वह भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक खास उपलब्धि हासिल करने वाले दूसरे स्पिनर बन गए हैं।
अक्षर पटेल ने उस समय भारतीय टीम को बड़ी सफलता दिलाई, जब इंग्लैंड की पारी मजबूत स्थिति में पहुंच रही थी। इंग्लैंड के बल्लेबाज लियाम डॉसन और जो रूट मिलकर टीम को बड़े स्कोर की ओर ले जा रहे थे और दोनों के बीच शतकीय साझेदारी हो चुकी थी। ऐसे मुश्किल समय में अक्षर ने शानदार गेंद डालकर डॉसन को पवेलियन भेजा और इस साझेदारी को तोड़ दिया।
इसके बाद अक्षर पटेल ने इंग्लैंड की पारी के अंतिम ओवरों में भी अपना दबदबा बनाए रखा। उन्होंने लगातार अंतराल पर विकेट चटकाकर इंग्लैंड के रन बनाने की रफ्तार पर रोक लगा दी। उनकी सटीक लाइन और लेंथ के सामने इंग्लिश बल्लेबाज खुलकर शॉट नहीं खेल सके।
इस शानदार प्रदर्शन के साथ अक्षर पटेल ने भारतीय स्पिन गेंदबाजों की एक खास सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है। वह इंग्लैंड के खिलाफ वनडे मैच में चार विकेट लेने वाले भारत के दूसरे बाएं हाथ के स्पिनर बन गए हैं। इससे पहले यह उपलब्धि केवल रवींद्र जडेजा हासिल कर चुके थे।
अक्षर पटेल की गेंदबाजी की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने दबाव के समय टीम को विकेट दिलाए। जब इंग्लैंड की टीम बड़ा स्कोर बनाने की ओर बढ़ रही थी, तब अक्षर ने अपनी फिरकी का इस्तेमाल करते हुए भारतीय टीम को वापसी कराई। उनके इस प्रदर्शन की क्रिकेट विशेषज्ञों ने भी जमकर तारीफ की।
अक्षर पटेल पिछले कुछ समय से भारतीय टीम के लिए एक भरोसेमंद ऑलराउंडर के रूप में उभरे हैं। वह अपनी गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी टीम के लिए उपयोगी योगदान देते हैं। उनकी गेंदबाजी में विविधता और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें खास बनाती है।
पहले वनडे मैच में अक्षर के इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय टीम के पास स्पिन विभाग में मजबूत विकल्प मौजूद हैं। इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मुश्किल परिस्थितियों में चार विकेट लेना किसी भी गेंदबाज के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
रवींद्र जडेजा के बाद अब अक्षर पटेल भी इंग्लैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में यह खास रिकॉर्ड बनाने वाले भारतीय स्पिनरों की सूची में शामिल हो गए हैं। यह उपलब्धि उनके करियर के यादगार पलों में से एक बन गई है और भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए भी गर्व का विषय है।





