
IND vs ZIM। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच खेली गई तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के दूसरे मुकाबले में जिम्बाब्वे की कप्तान जोसेफिन नकोमो ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। यह मुकाबला 18 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। हालांकि, पहले बल्लेबाजी करने का फैसला जिम्बाब्वे के पक्ष में नहीं गया और भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबला नौ विकेट से अपने नाम कर लिया।
टॉस जीतकर जिम्बाब्वे ने चुनी बल्लेबाजी
दूसरे टी20 मुकाबले में टॉस जीतने के बाद जिम्बाब्वे की कप्तान जोसेफिन नकोमो ने बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। उनका लक्ष्य भारतीय गेंदबाजों के सामने चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करना था। पहले मैच में मिली हार के बाद मेहमान टीम के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण था।
टॉस के दौरान जिम्बाब्वे की कप्तान ने बताया कि उनकी टीम पिछले मैच की अच्छी शुरुआत को आगे बढ़ाना चाहती है। उन्होंने मध्यक्रम की बल्लेबाजी में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया। नकोमो ने कहा कि बल्लेबाजों को स्ट्राइक रोटेट करने और एक रन को दो रन में बदलने पर ध्यान देना होगा।
दूसरी तरफ स्मृति मंधाना की कप्तानी वाली भारतीय टीम पहले मुकाबले में मिली जीत के बाद आत्मविश्वास से भरी हुई थी। भारत की कोशिश सीरीज में लगातार दूसरी जीत दर्ज कर बढ़त को निर्णायक बनाने की थी।
भारतीय गेंदबाजों के सामने नहीं टिक सकीं जिम्बाब्वे की बल्लेबाज
पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा।
जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी के दौरान नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। पावरप्ले में टीम केवल 20 रन बनाकर एक विकेट गंवा चुकी थी। इसके बाद भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर पाए।
दसवें ओवर के आसपास जिम्बाब्वे ने 50 रन का आंकड़ा पार किया, लेकिन तब तक तीन बल्लेबाज पवेलियन लौट चुकी थीं। भारतीय टीम की सधी हुई गेंदबाजी और प्रभावी क्षेत्ररक्षण के कारण जिम्बाब्वे को खुलकर रन बनाने के अवसर कम मिले।
निर्धारित 20 ओवर में जिम्बाब्वे की टीम आठ विकेट खोकर 102 रन ही बना सकी। भारत को जीत के लिए 103 रन का लक्ष्य मिला।
शेफाली वर्मा ने खेली तूफानी पारी
103 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने शुरुआती ओवरों से ही जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 52 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारत की जीत की मजबूत नींव रख दी। भारतीय बल्लेबाजों ने पावरप्ले के छह ओवर में बिना विकेट खोए 76 रन बना लिए।
शेफाली वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए केवल 25 गेंदों पर 55 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में छह चौके और चार छक्के लगाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को वापसी का मौका नहीं दिया।
भारतीय महिला टीम ने महज 8.5 ओवर में एक विकेट खोकर 104 रन बनाते हुए मुकाबला नौ विकेट से जीत लिया। शेफाली वर्मा को शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
लगातार दूसरी जीत से भारत ने सीरीज पर किया कब्जा
इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इससे पहले 16 अक्टूबर को खेले गए पहले मुकाबले में भी भारत ने जिम्बाब्वे को चार विकेट से हराया था।
पहले मैच में जिम्बाब्वे की टीम ने 20 ओवर में पांच विकेट पर 114 रन बनाए थे। जवाब में भारतीय टीम ने 15.4 ओवर में छह विकेट खोकर 116 रन बनाते हुए जीत दर्ज की थी। उस मुकाबले में दीप्ति शर्मा ने 37 गेंदों पर 49 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली थी और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था।
भारतीय महिला टीम का दमदार प्रदर्शन
जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में भारतीय महिला टीम ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। पहले गेंदबाजों ने विपक्षी टीम को कम स्कोर पर रोका और फिर बल्लेबाजों ने तेजी से लक्ष्य हासिल कर लिया।
इस मुकाबले में सबसे खास बात भारतीय टीम की आक्रामक बल्लेबाजी रही। शेफाली वर्मा ने शुरुआत से ही बड़े शॉट लगाए और मैच को जिम्बाब्वे की पहुंच से दूर कर दिया।
वहीं, जिम्बाब्वे की टीम को अपनी बल्लेबाजी में सुधार की जरूरत दिखाई दी। खासकर मध्यक्रम में लगातार विकेट गिरना टीम के लिए बड़ी परेशानी साबित हुआ।
तीसरे मुकाबले में भी भारत ने दर्ज की जीत
सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला 20 अक्टूबर को रायपुर में ही खेला गया। इसमें भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 216 रन बनाए और जिम्बाब्वे को 92 रन से हराकर सीरीज 3-0 से अपने नाम की। इस मुकाबले में हरमनप्रीत कौर ने नाबाद 91 रन की शानदार पारी खेली।
जिम्बाब्वे के खिलाफ मिली इन जीतों ने भारतीय महिला टीम की बल्लेबाजी की गहराई और गेंदबाजी की क्षमता को एक बार फिर सामने रखा। खासकर युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने टीम को सकारात्मक संकेत दिए।





