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इंग्लैंड टीम से दूरी पर पीटरसन की सफाई, बोले- मैं पूर्णकालिक कर्मचारी नहीं हूं

Ratna Netam
31 Oct 2026 3:02 PM IST
इंग्लैंड टीम से दूरी पर पीटरसन की सफाई, बोले- मैं पूर्णकालिक कर्मचारी नहीं हूं
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लंदन। इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज केविन पीटरसन ने इंग्लैंड के साथ अपनी नई भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। ट्राई-सीरीज़ के दौरान इंग्लैंड टीम के साथ नजर नहीं आने के बाद उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। इस पर पीटरसन ने साफ किया कि वह इंग्लैंड टीम के पूर्णकालिक कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि एक सलाहकार और विशेषज्ञ मेंटर के रूप में काम कर रहे हैं। उनका टीम के साथ जुड़ाव तय कार्यक्रम और जरूरत के आधार पर है।पीटरसन की यह सफाई ऐसे समय आई है, जब वह 2014 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलग होने के बाद पहली बार इंग्लैंड की टीम के आधिकारिक सहयोगी स्टाफ का हिस्सा बने हैं। इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने सितंबर 2026 में उन्हें पुरुषों की वनडे और टी20 टीमों के लिए विशेषज्ञ मेंटर नियुक्त किया था। उनकी जिम्मेदारी टीम को 2027 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले वनडे विश्व कप की तैयारी में मदद करना है।
ट्राई-सीरीज़ में टीम के साथ क्यों नहीं थे पीटरसन?
इंग्लैंड की टीम इस समय पाकिस्तान और श्रीलंका के खिलाफ उपमहाद्वीपीय ट्राई-सीरीज़ में हिस्सा ले रही है। इस दौरान केविन पीटरसन टीम के साथ मौजूद नहीं हैं। उनकी गैरमौजूदगी के बाद क्रिकेट प्रशंसकों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या इंग्लैंड की टीम के साथ उनकी भूमिका सीमित हो गई है या फिर उन्हें किसी कारण से बाहर रखा गया है।हालांकि, पीटरसन ने स्पष्ट किया है कि उनका अनुबंध पूर्णकालिक नहीं है। वह हर दौरे और हर सीरीज में टीम के साथ रहेंगे, ऐसा तय नहीं है। उनकी भूमिका विशेषज्ञ सलाह देने, खिलाड़ियों के साथ तकनीकी चर्चा करने और जरूरत के अनुसार टीम की मदद करने की है।इंग्लैंड की टीम प्रबंधन ने भी उनकी नियुक्ति को एक विशेष मेंटर की भूमिका के रूप में प्रस्तुत किया है। ऐसे में ट्राई-सीरीज़ में उनकी अनुपस्थिति को टीम से हटाए जाने या किसी विवाद का संकेत मानना उचित नहीं होगा।
2027 विश्व कप की तैयारी में निभाएंगे अहम भूमिका
ECB ने 7 सितंबर 2026 को पीटरसन की नियुक्ति की घोषणा की थी। उन्हें इंग्लैंड की पुरुष व्हाइट-बॉल टीमों के साथ विशेषज्ञ मेंटर के रूप में जोड़ा गया है। इस भूमिका में वह मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम के साथ काम करेंगे।उनकी जिम्मेदारी केवल बल्लेबाजों को तकनीकी सलाह देना नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को दबाव की परिस्थितियों में बेहतर फैसले लेने, रन बनाने की रणनीति समझने और सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी क्षमता का अधिकतम इस्तेमाल करने में मदद करना भी है।ECB के कार्यक्रम के मुताबिक, पीटरसन श्रीलंका के खिलाफ टी20 और वनडे सीरीज के बाद ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के दौरों में भी टीम के साथ जुड़ेंगे। इसके बाद वह पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज तथा 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में योगदान देंगे।
ब्रेंडन मैकुलम के साथ कैसी होगी उनकी ट्यूनिंग?
पीटरसन की नियुक्ति को इंग्लैंड क्रिकेट के लिए दिलचस्प इसलिए भी माना जा रहा है, क्योंकि वह पहले टीम की रणनीति और खिलाड़ियों की तैयारी की आलोचना कर चुके हैं। पिछले साल भारत दौरे के दौरान उन्होंने इंग्लैंड के प्रदर्शन और तैयारी पर सवाल उठाए थे।इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम ने भी माना था कि पीटरसन के साथ बातचीत में उनकी पुरानी आलोचनाओं का मुद्दा उठा था। मैकुलम चाहते हैं कि पीटरसन अपने अनुभव और अलग दृष्टिकोण के जरिए कोचिंग स्टाफ की योजनाओं को चुनौती दें। उनका मानना है कि टीम के अंदर अलग-अलग विचार होने से रणनीति को बेहतर बनाया जा सकता है।पीटरसन ने भी संकेत दिया है कि वह मैकुलम की योजनाओं से हर बार सहमत होना जरूरी नहीं समझते। वह अपने विचार रखेंगे, लेकिन अंतिम फैसला मुख्य कोच और टीम प्रबंधन का होगा। इस तरह उनकी भूमिका टीम के भीतर एक स्वतंत्र और अनुभवी सलाहकार की होगी।
रॉब की ने भी बताई पीटरसन की उपयोगिता
इंग्लैंड के क्रिकेट प्रबंध निदेशक रॉब की ने भी पीटरसन की विशेषज्ञता की सराहना की है। उनके मुताबिक, पीटरसन बल्लेबाजी की तकनीक समझाने और खिलाड़ियों को रन बनाने के तरीकों पर मार्गदर्शन देने में विशेष क्षमता रखते हैं।रॉब की ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही पीटरसन की आधिकारिक भूमिका व्हाइट-बॉल क्रिकेट तक सीमित रहे, लेकिन इंग्लैंड के टेस्ट बल्लेबाज भी उनसे फायदा उठा सकते हैं। जो रूट, हैरी ब्रूक और जैकब बेथेल जैसे खिलाड़ी वनडे और टी20 के साथ टेस्ट क्रिकेट भी खेलते हैं। ऐसे में उन्हें पीटरसन से बल्लेबाजी के तकनीकी पहलुओं पर बातचीत करने का अवसर मिल सकता है।रॉब की के मुताबिक, पीटरसन के अनुभव का फायदा खिलाड़ियों को मिलेगा और वह इंग्लिश क्रिकेट को कुछ वापस देना चाहते हैं।
इंग्लैंड के लिए शानदार रहा है पीटरसन का करियर
केविन पीटरसन इंग्लैंड के सबसे चर्चित और सफल बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। उनका अंतरराष्ट्रीय करियर लगभग एक दशक तक चला। उन्होंने इंग्लैंड के लिए 104 टेस्ट, 136 वनडे और 37 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले।टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 8,181 रन दर्ज हैं। वनडे में उन्होंने 4,440 रन बनाए, जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उनके नाम 1,176 रन हैं। वह 2005 की एशेज जीतने वाली इंग्लैंड टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल थे। उन्होंने 2010 में टी20 विश्व कप जीतने वाली इंग्लैंड टीम में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया था।हालांकि, उनका अंतरराष्ट्रीय करियर विवादों से भी जुड़ा रहा। 2013-14 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज में इंग्लैंड की 5-0 से हार के बाद टीम प्रबंधन के साथ उनके रिश्ते खराब हो गए थे। 2014 में उन्हें इंग्लैंड टीम से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद वह एक दशक से अधिक समय तक इंग्लैंड की आधिकारिक टीम व्यवस्था से दूर रहे।
क्या टेस्ट टीम में भी मिल सकती है जिम्मेदारी?
पीटरसन ने इंग्लैंड की व्हाइट-बॉल टीम में वापसी के बाद टेस्ट क्रिकेट में भी योगदान देने की संभावनाओं को लेकर रुचि दिखाई है। उन्होंने पहले कहा था कि अगर उन्हें टेस्ट टीम की मदद करने का अवसर मिलता है, तो वह इस पर विचार कर सकते हैं।हालांकि, फिलहाल उनकी आधिकारिक नियुक्ति वनडे और टी20 टीमों के विशेषज्ञ मेंटर के रूप में ही है। टेस्ट क्रिकेट में कोई स्थायी जिम्मेदारी मिलने की घोषणा नहीं हुई है।पीटरसन का मानना है कि उनके खेल के अनुभव और अलग-अलग परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने की समझ से इंग्लैंड के युवा खिलाड़ियों को फायदा हो सकता है। अब देखना होगा कि 2027 विश्व कप तक इंग्लैंड की टीम उनके अनुभव का कितना लाभ उठा पाती है।फिलहाल पीटरसन की गैरमौजूदगी को लेकर उठ रहे सवालों पर उनका स्पष्टीकरण साफ है कि वह पूर्णकालिक कर्मचारी नहीं, बल्कि जरूरत और निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक योगदान देने वाले सलाहकार हैं।
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