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नई दिल्ली। भारतीय महिला फुटबॉल के लिए एक और रोमांचक सीजन की शुरुआत होने जा रही है। देश की प्रमुख महिला क्लब फुटबॉल प्रतियोगिता इंडियन विमेंस लीग (IWL) का 2026-27 सीजन 13 नवंबर से शुरू होगा। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश के आठ प्रमुख फुटबॉल क्लब खिताब के लिए आमने-सामने होंगे। लीग के मुकाबले कोलकाता, जमशेदपुर और बेंगलुरु में आयोजित किए जाएंगे। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने सोमवार, 19 अक्टूबर को नए सीजन की शुरुआत की आधिकारिक घोषणा की। महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने वाली इस प्रतियोगिता को भारतीय फुटबॉल के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आठ क्लबों के बीच होगी खिताबी टक्कर
इंडियन विमेंस लीग के नए सीजन में कुल आठ टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें पिछले सीजन में खेलने वाली छह टीमें ईस्ट बंगाल एफसी, सेतु एफसी, किकस्टार्ट एफसी, नीता फुटबॉल अकादमी, गोकुलम केरल एफसी और गढ़वाल यूनाइटेड एफसी शामिल हैं।इनके अलावा दो नई टीमें HOPS FC और जुबा संघ FC भी इस सीजन में अपनी चुनौती पेश करेंगी। दोनों क्लबों ने 2025-26 सीजन की IWL 2 प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष दो स्थान हासिल किए थे। HOPS FC पहले और जुबा संघ FC दूसरे स्थान पर रही थी। इसी उपलब्धि के आधार पर दोनों टीमों को शीर्ष डिवीजन में प्रमोशन मिला है।
ईस्ट बंगाल के सामने खिताब बचाने की चुनौती
पिछले सीजन की चैंपियन ईस्ट बंगाल एफसी इस बार अपना खिताब बरकरार रखने के उद्देश्य से मैदान पर उतरेगी। टीम ने 2025-26 सीजन में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए 13 मुकाबलों में जीत दर्ज की थी, जबकि उसे केवल एक मैच में हार का सामना करना पड़ा था।पिछले सीजन में ईस्ट बंगाल की खिलाड़ी फाजिला इकवापुट ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 20 गोल किए थे और प्रतियोगिता की सर्वाधिक गोल करने वाली खिलाड़ी बनी थीं।इसके अलावा नीता फुटबॉल अकादमी की प्यारी खाखा और सेतु एफसी की लिंडा कॉम सेर्टो ने भी अपने आक्रामक खेल से ध्यान आकर्षित किया था। नए सीजन में इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर फुटबॉल प्रशंसकों की विशेष नजर रहेगी।
तीन शहरों में खेले जाएंगे मुकाबले
इस बार इंडियन विमेंस लीग के मैच कोलकाता, जमशेदपुर और बेंगलुरु में आयोजित किए जाएंगे। प्रतियोगिता में कुल 56 मुकाबले निर्धारित हैं और सीजन का समापन 23 जनवरी 2027 को होना है।डबल राउंड-रॉबिन प्रारूप के तहत प्रत्येक टीम दूसरी टीम से दो बार मुकाबला करेगी। इससे सभी क्लबों को अपनी क्षमता दिखाने के पर्याप्त अवसर मिलेंगे। तीन अलग-अलग शहरों में प्रतियोगिता आयोजित होने से महिला फुटबॉल की पहुंच और लोकप्रियता बढ़ने की उम्मीद है।
महिला फुटबॉल को मजबूत बनाने की पहल
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के उप महासचिव एम. सत्यनारायण ने इंडियन विमेंस लीग को देश में महिला फुटबॉल के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया।उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से देशभर की महिला खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलता है। उन्होंने IWL 2 की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता युवा खिलाड़ियों और क्लबों को शीर्ष स्तर तक पहुंचने का रास्ता प्रदान करती है।महासंघ का उद्देश्य महिला फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराना और घरेलू फुटबॉल ढांचे को मजबूत बनाना है।
15 साल की साझेदारी से मिलेगी मजबूती
महिला फुटबॉल को व्यावसायिक रूप से मजबूत बनाने के लिए AIFF और कैप्री स्पोर्ट्स के बीच 15 वर्षों की महत्वपूर्ण साझेदारी भी हुई है। इसके अंतर्गत इंडियन विमेंस लीग और IWL 2 के व्यावसायिक विकास तथा मार्केटिंग अधिकारों पर दोनों संस्थाएं मिलकर काम करेंगी।कैप्री स्पोर्ट्स के प्रतिनिधि अपूर्व गुप्ता ने कहा कि कंपनी महिला फुटबॉल के लिए बेहतर मंच विकसित करने, प्रतियोगिता की पहचान बढ़ाने और खिलाड़ियों तथा क्लबों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर ध्यान देगी।
युवा महिला खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच
इंडियन विमेंस लीग का नया सीजन देश की उभरती महिला फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए विशेष महत्व रखता है। शीर्ष क्लबों के बीच प्रतिस्पर्धा से खिलाड़ियों को उच्च स्तर के मुकाबलों का अनुभव मिलेगा।इसके साथ ही IWL 2 से प्रमोशन हासिल करने वाली टीमों की भागीदारी घरेलू महिला फुटबॉल में आगे बढ़ने के अवसरों को भी दर्शाती है। आगामी सीजन में आठ क्लबों के बीच होने वाली खिताबी जंग फुटबॉल प्रशंसकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी।
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