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नई दिल्ली। राजधानी के डीएलटीए कॉम्प्लेक्स में आयोजित 31वीं फेनेस्टा ओपन नेशनल टेनिस चैंपियनशिप में शनिवार को महिला और पुरुष सिंगल्स के फाइनल मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। महिला वर्ग में शीर्ष वरीयता प्राप्त वैदेही चौधरी ने अपना दबदबा कायम रखते हुए तीसरी बार इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का खिताब जीता। वहीं, पुरुष वर्ग में छठी वरीयता प्राप्त मान केसरवानी ने तीसरी वरीयता प्राप्त नितिन सिन्हा को हराकर पहली बार फेनेस्टा ओपन की ट्रॉफी अपने नाम की।महिला सिंगल्स के फाइनल में वैदेही चौधरी ने 20 वर्षीय श्रुति अहलावत को 6-4, 7-5 से हराया। दोनों खिलाड़ियों के बीच यह मुकाबला दो घंटे 15 मिनट तक चला। वहीं, पुरुष सिंगल्स के खिताबी मुकाबले में मान केसरवानी ने नितिन सिन्हा को 6-0, 6-4 से पराजित किया। यह मुकाबला एक घंटे 37 मिनट तक चला।
वैदेही चौधरी ने तीसरी बार जीता खिताब
महिला सिंगल्स में वैदेही चौधरी ने एक बार फिर अपनी शानदार क्षमता का प्रदर्शन किया। इससे पहले वह 2022 और 2024 में भी फेनेस्टा ओपन का खिताब जीत चुकी थीं। इस बार उन्होंने तीसरी बार चैंपियन बनकर प्रतियोगिता में अपनी सफलता को आगे बढ़ाया।फाइनल में वैदेही का सामना युवा खिलाड़ी श्रुति अहलावत से हुआ। श्रुति ने मुकाबले में कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन महत्वपूर्ण मौकों पर वैदेही ने बेहतर खेल दिखाते हुए जीत हासिल की।दोनों खिलाड़ियों के बीच पहले सेट से ही संघर्ष देखने को मिला। वैदेही ने पहला सेट 6-4 से अपने नाम किया। दूसरे सेट में भी श्रुति ने वापसी की कोशिश की, लेकिन वैदेही ने 7-5 से सेट जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया।
जीत के बाद भावुक हुईं वैदेही
तीसरी बार खिताब जीतने के बाद वैदेही चौधरी ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह उनका तीसरा खिताब है और इस उपलब्धि पर उन्हें बहुत गर्व महसूस हो रहा है।वैदेही ने फाइनल मुकाबले को कठिन बताते हुए श्रुति अहलावत के संघर्ष की भी सराहना की।उन्होंने बताया कि पहले सेट में वह 5-3 से आगे थीं, लेकिन श्रुति ने लगातार संघर्ष जारी रखा। दूसरे सेट में भी वैदेही ने 5-3 की बढ़त हासिल की थी, इसके बावजूद श्रुति ने हार नहीं मानी और आखिरी समय तक चुनौती पेश करती रहीं।वैदेही ने इस मुकाबले को शानदार और बेहद करीबी बताया। उनके अनुसार, दोनों सेटों में बढ़त होने के बावजूद जीत हासिल करना आसान नहीं था।
श्रुति अहलावत ने दी कड़ी चुनौती
महिला सिंगल्स के फाइनल में हार के बावजूद 20 वर्षीय श्रुति अहलावत ने संघर्षपूर्ण प्रदर्शन किया।शीर्ष वरीयता प्राप्त वैदेही चौधरी के खिलाफ उन्होंने दोनों सेटों में चुनौती बनाए रखी।विशेष रूप से दूसरे सेट में श्रुति ने मुकाबले को रोमांचक बना दिया। वैदेही के 5-3 से आगे होने के बावजूद उन्होंने वापसी की कोशिश की।हालांकि, निर्णायक क्षणों में वैदेही ने बढ़त बनाए रखी और मुकाबला जीत लिया।दो घंटे 15 मिनट तक चला यह फाइनल महिला वर्ग के प्रमुख मुकाबलों में शामिल रहा।
मान केसरवानी ने पहली बार जीती ट्रॉफी
पुरुष सिंगल्स के फाइनल में छठी वरीयता प्राप्त मान केसरवानी ने तीसरी वरीयता प्राप्त नितिन सिन्हा को सीधे सेटों में हराकर अपना पहला फेनेस्टा ओपन खिताब जीता।केसरवानी ने मुकाबले की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की। उन्होंने लगातार छह गेम जीतकर पहला सेट 6-0 से अपने नाम किया।नितिन सिन्हा पहले सेट में एक भी गेम नहीं जीत सके।दूसरे सेट में नितिन ने बेहतर चुनौती पेश की, लेकिन केसरवानी ने महत्वपूर्ण मौके पर बढ़त हासिल कर ली।उन्होंने दूसरा सेट 6-4 से जीतकर एक घंटे 37 मिनट में मुकाबला समाप्त कर दिया।
दूसरे सेट में निर्णायक ब्रेक से मिली जीत
पहला सेट आसानी से जीतने के बाद मान केसरवानी को दूसरे सेट में नितिन सिन्हा से कड़ी चुनौती मिली।दोनों खिलाड़ियों के बीच शुरुआती गेमों में प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।दूसरे सेट में जब स्कोर 3-2 था, तब केसरवानी ने नितिन की सर्विस तोड़कर महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की।इसके बाद उन्होंने अपनी सर्विस बरकरार रखी और मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा।आखिरकार केसरवानी ने 6-4 से दूसरा सेट जीतकर खिताब हासिल किया।उनकी इस जीत में पहले सेट की मजबूत शुरुआत और दूसरे सेट में महत्वपूर्ण मौके का फायदा उठाना निर्णायक रहा।
सेमीफाइनल में नितिन ने किया था बड़ा उलटफेर
पुरुष सिंगल्स के फाइनल में पहुंचने से पहले नितिन सिन्हा ने सेमीफाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त मनीष सुरेशकुमार को हराया था।नितिन ने तीन सेटों के संघर्षपूर्ण मुकाबले में मनीष को 6-7, 6-3, 6-1 से पराजित किया।वहीं, मान केसरवानी ने सेमीफाइनल में सूरज प्रबोध को 6-3, 7-5 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।इस तरह पुरुष सिंगल्स का फाइनल तीसरी और छठी वरीयता प्राप्त खिलाड़ियों के बीच खेला गया।केसरवानी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नितिन को सीधे सेटों में पराजित किया।
युगल वर्ग में भी हुए रोमांचक मुकाबले
प्रतियोगिता के पुरुष युगल वर्ग में मनीष सुरेशकुमार और नितिन कुमार सिन्हा की जोड़ी ने खिताब जीता।दोनों खिलाड़ियों ने फाइनल में रोहित गोबीनाथ और श्रीकर डोनी को 6-3, 6-2 से हराया।दिलचस्प बात यह रही कि पुरुष सिंगल्स के सेमीफाइनल में नितिन और मनीष एक-दूसरे के खिलाफ खेले थे, जबकि युगल वर्ग में दोनों ने साथ मिलकर खिताब हासिल किया।महिला युगल वर्ग में लक्ष्मी अरुणकुमार और समहिता चामर्थी की जोड़ी विजेता बनी।उन्होंने ऐश्वर्या जाधव और आकृति सोनकुसरे की जोड़ी को 5-7, 6-1, 10-5 से हराया।
युवा खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण प्रतियोगिता
फेनेस्टा ओपन नेशनल टेनिस चैंपियनशिप भारतीय टेनिस खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच है।इस प्रतियोगिता में वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ जूनियर वर्ग के प्रतिभागियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है।31वें संस्करण का आयोजन नई दिल्ली के डीएलटीए कॉम्प्लेक्स में किया जा रहा है।पुरुष और महिला सिंगल्स के मुकाबलों के साथ विभिन्न आयु वर्गों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं।अंडर-16 और अंडर-14 वर्ग के मुकाबले अगले सप्ताह आयोजित होंगे। प्रतियोगिता का समापन 17 अक्टूबर को निर्धारित है।
वैदेही और केसरवानी की जीत रही खास
31वीं फेनेस्टा ओपन नेशनल टेनिस चैंपियनशिप में शनिवार का दिन वैदेही चौधरी और मान केसरवानी के नाम रहा।वैदेही ने तीसरी बार महिला सिंगल्स का खिताब जीतकर अपनी उपलब्धियों में एक और सफलता जोड़ी।वहीं, मान केसरवानी ने पुरुष सिंगल्स में पहली बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।दोनों खिलाड़ियों ने अलग-अलग अंदाज में जीत दर्ज की। वैदेही को श्रुति अहलावत से कड़ी चुनौती मिली, जबकि केसरवानी ने नितिन सिन्हा के खिलाफ पहले सेट से ही दबदबा बनाए रखा।इन दोनों खिलाड़ियों की जीत ने प्रतियोगिता के वरिष्ठ सिंगल्स मुकाबलों को यादगार बना दिया।
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