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काकामिगाहारा। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के स्टार मिडफील्डर विवेक सागर प्रसाद ने अंतरराष्ट्रीय करियर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए भारत के लिए 200 सीनियर इंटरनेशनल मैच पूरे कर लिए हैं। 26 वर्षीय विवेक ने जापान में जारी एशियाई खेल 2026 में दक्षिण कोरिया के खिलाफ भारत के तीसरे पूल-A मुकाबले के दौरान यह मुकाम हासिल किया। इस खास उपलब्धि पर हॉकी इंडिया ने उन्हें बधाई देते हुए भारतीय हॉकी में उनके योगदान की सराहना की।विवेक सागर प्रसाद ने साल 2018 में भारतीय सीनियर टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन से टीम में जगह मजबूत की। मिडफील्ड में शांत स्वभाव, अलग-अलग भूमिकाओं में खेलने की क्षमता और दबाव के समय महत्वपूर्ण योगदान देने की खूबी ने उन्हें भारतीय टीम का अहम खिलाड़ी बनाया। आठ साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में अब उनके नाम 200 सीनियर इंटरनेशनल मैच हो गए हैं।दक्षिण कोरिया के खिलाफ यह मुकाबला विवेक के लिए व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ भारतीय टीम के लिए भी शानदार रहा। भारत ने दक्षिण कोरिया को 8-2 से हराया। हॉकी इंडिया के अनुसार एशियाई खेलों के इतिहास में दक्षिण कोरिया के खिलाफ यह भारत की सबसे बड़ी जीत है। मुकाबले से पहले विवेक को 200 मैचों की उपलब्धि के लिए सम्मानित भी किया गया।
दो ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडल के गवाह
विवेक सागर प्रसाद के अंतरराष्ट्रीय करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में दो ओलंपिक कांस्य पदक शामिल हैं। वह टोक्यो 2020 ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। इसके बाद पेरिस 2024 ओलंपिक में भी भारत ने कांस्य पदक हासिल किया और विवेक उस ऐतिहासिक अभियान का हिस्सा रहे।भारतीय पुरुष हॉकी टीम के लिए ये दोनों ओलंपिक अभियान बेहद महत्वपूर्ण रहे। टोक्यो में भारत ने लंबे इंतजार के बाद ओलंपिक हॉकी पदक हासिल किया था और पेरिस में टीम ने एक बार फिर पोडियम पर जगह बनाकर अपनी सफलता को दोहराया।
एशियन गेम्स में भी शानदार रिकॉर्ड
विवेक के नाम एशियाई खेलों में भी दो पदक हैं। वह 2018 में जकार्ता में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। इसके बाद हांगझोऊ में हुए 2023 एशियाई खेलों में भारत ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया और विवेक ने इस अभियान में भी टीम का प्रतिनिधित्व किया।अब जापान में हो रहे 2026 एशियाई खेलों में विवेक एक बार फिर भारतीय टीम के अहम मिडफील्डर के रूप में मैदान पर हैं। भारत इस टूर्नामेंट में अपने खिताब का बचाव करने उतरा है। हॉकी इंडिया ने एशियन गेम्स के लिए घोषित 20 सदस्यीय टीम में विवेक को मिडफील्ड की जिम्मेदारी सौंपी थी।
कॉमनवेल्थ गेम्स और चैंपियंस ट्रॉफी में सिल्वर
ओलंपिक और एशियाई खेलों के अलावा विवेक कई अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भी भारतीय टीम के लिए पदक जीत चुके हैं। वह बर्मिंघम में हुए 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल थे।इसके अलावा 2018 में नीदरलैंड के ब्रेडा में आयोजित चैंपियंस ट्रॉफी में भारत ने रजत पदक हासिल किया था और विवेक उस टीम का भी हिस्सा थे।
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में दो गोल्ड
विवेक की उपलब्धियों की सूची यहीं खत्म नहीं होती। वह 2023 और 2024 में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा भी रहे। लगातार दो संस्करणों में गोल्ड मेडल ने उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में दो और बड़ी उपलब्धियां जोड़ीं।इसके बाद उन्होंने 2025 एशिया कप में भी भारत की खिताबी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रदर्शन और भारतीय हॉकी में योगदान को देखते हुए उन्हें वर्ष 2021 में प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
क्रेग फुल्टन ने दी खास जर्सी
200 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे करने के इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए भारतीय टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने विवेक सागर प्रसाद को स्मारक जर्सी प्रदान की। यह जर्सी उनके 200वें सीनियर इंटरनेशनल मैच की उपलब्धि के सम्मान में दी गई।हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप टिर्की ने विवेक को बधाई देते हुए कहा कि 200 सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे करना उनकी निरंतरता, प्रतिबद्धता और भारतीय हॉकी के प्रति जुनून को दर्शाता है। उन्होंने विवेक को भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने भी विवेक की उपलब्धि को भारतीय हॉकी के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि विवेक की यात्रा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय तक उत्कृष्ट प्रदर्शन बनाए रखने के लिए जरूरी मेहनत, अनुशासन और समर्पण को दर्शाती है।
भारतीय मिडफील्ड का अहम चेहरा
25 फरवरी 2000 को जन्मे विवेक सागर प्रसाद बेहद कम उम्र में भारतीय हॉकी के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हो गए थे। 2018 में अंतरराष्ट्रीय करियर शुरू करने के बाद उन्होंने ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में देश का प्रतिनिधित्व किया है।अब 200 अंतरराष्ट्रीय मैचों का आंकड़ा उनके करियर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय बन गया है। जापान में दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैदान पर उतरते ही विवेक ने यह मुकाम हासिल किया और भारत ने उसी मुकाबले में 8-2 की बड़ी जीत दर्ज कर उनके इस खास दिन को और यादगार बना दिया।
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