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प्रतिका रावल का शानदार अर्धशतक, स्मृति मंधाना 32 रन बनाकर आउट
Rajeshwari Nishad
23 Oct 2026 6:59 PM IST

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IND vs ZIM: भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच खेले जा रहे पहले वनडे मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है। जिम्बाब्वे के 198 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल ने बेहतरीन अर्धशतक लगाया। वहीं, कप्तान स्मृति मंधाना ने भी आकर्षक बल्लेबाजी करते हुए 32 रन बनाए। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 95 रनों की शानदार साझेदारी हुई। हालांकि, 16वें ओवर में जिम्बाब्वे की गेंदबाज ओलिंडर चारे ने मंधाना को आउट करके अपनी टीम को पहली सफलता दिलाई।
शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को खेले जा रहे इस मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। प्रतिका रावल ने संयम और आक्रामकता का शानदार तालमेल दिखाते हुए अपने वनडे करियर का एक और अर्धशतक पूरा किया। दूसरी ओर मंधाना ने चार चौकों की मदद से 34 गेंदों पर 32 रन बनाए।
प्रतिका रावल ने शानदार बल्लेबाजी से जीता दिल
भारतीय सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआत से सकारात्मक बल्लेबाजी की।उन्होंने पहले ही ओवर में जिम्बाब्वे की गेंदबाज नोमवेलो सिबांडा के खिलाफ लगातार दो चौके लगाए। इन शॉट्स ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और भारतीय टीम को तेज शुरुआत मिली।इसके बाद प्रतिका ने न्याशा ग्वांजुरा की गेंदबाजी पर भी शानदार शॉट लगाए।पावरप्ले के दौरान उन्होंने मैदान के चारों ओर रन बनाए और कमजोर गेंदों को बाउंड्री तक पहुंचाने का कोई अवसर नहीं छोड़ा।प्रतिका ने ऑफ साइड में कट और ड्राइव के जरिए कई आकर्षक चौके लगाए। उनकी बल्लेबाजी में बेहतरीन टाइमिंग और गेंद को सही जगह खेलने की क्षमता दिखाई दी।
15वें ओवर में पूरा किया अर्धशतक
प्रतिका रावल ने भारतीय पारी के 15वें ओवर में अपना अर्धशतक पूरा किया।जिम्बाब्वे की गेंदबाज लॉरिन फिरी ओवर की पहली गेंद लेकर आईं। गेंद ऑफ स्टंप के बाहर थोड़ी छोटी थी।प्रतिका ने पीछे हटकर शानदार स्क्वायर कट खेला और गेंद तेजी से बाउंड्री पार पहुंच गई।इस चौके के साथ उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया। ड्रेसिंग रूम में मौजूद भारतीय खिलाड़ियों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया।अर्धशतक पूरा करने के बाद भी प्रतिका ने रन बनाने का सिलसिला जारी रखा।इसी ओवर की पांचवीं गेंद पर उन्होंने आगे बढ़कर मिडऑफ के ऊपर से शानदार चौका लगाया।15 ओवर की समाप्ति पर प्रतिका 57 गेंदों पर 57 रन बनाकर खेल रही थीं।
स्मृति मंधाना ने लगाए चार शानदार चौके
भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना ने भी जिम्बाब्वे के खिलाफ अच्छी बल्लेबाजी की।उन्होंने शुरुआत में प्रतिका रावल को खुलकर खेलने का मौका दिया और दूसरे छोर से पारी को संभाले रखा।हालांकि, बाद में मंधाना ने भी तेजी से रन बनाने शुरू किए।मिशेल मावुंगा की गेंदों पर उन्होंने लेग साइड में शानदार चौके लगाए। एक गेंद को फाइन लेग की दिशा में भेजा, जबकि दूसरी को मिडविकेट के पास से बाउंड्री तक पहुंचाया।इसके बाद उन्होंने विकेट के दोनों ओर आकर्षक शॉट खेले।मंधाना की पारी में चार चौके शामिल रहे। उन्होंने 34 गेंदों पर 32 रन बनाकर भारतीय टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई।
16वें ओवर में जिम्बाब्वे को मिली पहली सफलता
भारतीय टीम 15 ओवर के बाद बिना किसी नुकसान के 93 रन बना चुकी थी।16वें ओवर में जिम्बाब्वे की लेग स्पिन गेंदबाज ओलिंडर चारे गेंदबाजी करने आईं।ओवर की तीसरी गेंद पर स्मृति मंधाना बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में आउट हो गईं।मंधाना क्रीज से आगे निकलकर गेंद को सीमा रेखा के पार भेजना चाहती थीं, लेकिन गेंद बल्ले के निचले हिस्से पर लगी।गेंद हवा में ऊंची उठ गई और लॉन्ग ऑन पर मौजूद बिलव्ड बीजा ने कैच पकड़ लिया।इस तरह मंधाना की पारी 32 रन पर समाप्त हो गई और भारत को 95 रन के स्कोर पर पहला झटका लगा।
शैफाली वर्मा बल्लेबाजी करने उतरीं
स्मृति मंधाना के आउट होने के बाद आक्रामक बल्लेबाज शैफाली वर्मा तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आईं।उन्होंने अपनी शुरुआती गेंदों पर संभलकर खेलने का प्रयास किया।16वें ओवर की चौथी गेंद पर शैफाली ने लॉन्ग ऑफ की दिशा में शॉट खेलकर एक रन लिया।इसके बाद प्रतिका रावल ने अगली गेंद पर शानदार बैकफुट कट लगाकर चौका जड़ा।इस शॉट से स्पष्ट हुआ कि प्रतिका अर्धशतक पूरा करने के बाद भी सकारात्मक बल्लेबाजी जारी रखना चाहती थीं।
शुरुआती 10 ओवर में भारत ने बनाए 72 रन
भारत की बल्लेबाजी का सबसे अच्छा पहलू शुरुआती ओवरों में विकेट नहीं गंवाना रहा।भारतीय सलामी जोड़ी ने पहले पांच ओवर में तेजी से रन बनाए और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को दबाव में रखा।इसके बाद गेंदबाजों ने रन गति रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रतिका और मंधाना ने बिना बड़ा जोखिम उठाए स्कोर आगे बढ़ाया।10 ओवर की समाप्ति पर भारत का स्कोर बिना किसी नुकसान के 72 रन था। इस समय प्रतिका 43 और मंधाना 25 रन बनाकर खेल रही थीं।
13वें ओवर में प्रतिका को मिला जीवनदान
जिम्बाब्वे की टीम को 13वें ओवर में प्रतिका रावल का विकेट लेने का मौका मिला था।लॉरिन फिरी की गेंद पर प्रतिका ने मिडविकेट की ओर शॉट खेला।वहां मौजूद सिबांडा के पास कैच लेने का अवसर था, लेकिन गेंद उनके हाथों से निकल गई।इस जीवनदान का फायदा उठाकर प्रतिका ने अपना अर्धशतक पूरा किया।जिम्बाब्वे की टीम के लिए यह कैच छूटना महंगा साबित हो सकता है, क्योंकि प्रतिका अब भी क्रीज पर मौजूद थीं।
भारत को जीत के लिए 103 रन और चाहिए थे
16वें ओवर की तीसरी गेंद पर मंधाना के आउट होने के समय भारत ने 95 रन बना लिए थे।198 रन का लक्ष्य हासिल करने के लिए टीम को उस समय 103 रन और चाहिए थे।हालांकि, भारतीय बल्लेबाजी क्रम में शैफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, हरलीन देओल और दीप्ति शर्मा जैसी अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं।ऐसे में भारतीय टीम के पास लक्ष्य हासिल करने का अच्छा अवसर है।जिम्बाब्वे के लिए अब जरूरी होगा कि गेंदबाज नियमित अंतराल पर विकेट हासिल करें और भारतीय बल्लेबाजों को बड़ी साझेदारियां बनाने से रोकें।
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