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ट्रंप की हत्या पर एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित

Saba Naaz
17 July 2026 9:06 PM IST
ट्रंप की हत्या पर एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित
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अमेरिका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर एक बार फिर सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। ईरान समर्थित इराकी संगठन इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक (आईआरआई) ने ट्रंप की हत्या करने वाले व्यक्ति को एक करोड़ डॉलर यानी करीब 10 मिलियन डॉलर का इनाम देने की घोषणा की है। संगठन ने दावा किया है कि यह कदम वर्ष 2020 में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी और इराकी मिलिशिया कमांडर अबू महदी अल-मुहंदिस की अमेरिकी ड्रोन हमले में हुई मौत का बदला लेने के लिए उठाया गया है।

ईरान समर्थित इस संगठन ने अपने बयान में कहा कि जो भी व्यक्ति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या करेगा, इसकी योजना बनाएगा या किसी भी तरह से इस कार्रवाई में सहायता करेगा, उसे इनाम दिया जाएगा। संगठन के अनुसार, इनाम की राशि उसके समर्थकों और सदस्यों से जुटाई जाएगी। यह घोषणा 16 जुलाई को जारी एक बयान के जरिए की गई।

इस घोषणा के बाद अमेरिका और ईरान के बीच पहले से जारी तनाव एक बार फिर चर्चा में आ गया है। संगठन का आरोप है कि ट्रंप ने हाल ही में सार्वजनिक रूप से वर्ष 2020 में हुए अमेरिकी ड्रोन हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी और इराकी कमांडर अबू महदी अल-मुहंदिस की मौत हुई थी।

जनवरी 2020 में अमेरिका ने इराक की राजधानी बगदाद के पास एक ड्रोन हमला किया था, जिसमें ईरान के शक्तिशाली सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी। इस हमले में इराकी मिलिशिया नेता अबू महदी अल-मुहंदिस भी मारे गए थे। उस समय अमेरिका ने दावा किया था कि सुलेमानी क्षेत्र में अमेरिकी हितों और सैनिकों के खिलाफ हमलों की योजना बनाने में शामिल थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में व्हाइट हाउस में इराकी प्रधानमंत्री के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने इस हमले का जिक्र किया था। ट्रंप ने कहा था कि अगर उन्होंने सुलेमानी को नहीं मारा होता तो हालात अलग हो सकते थे। उन्होंने हमले में मारे गए एक अन्य व्यक्ति का भी जिक्र किया था, जिसे अबू महदी अल-मुहंदिस से जोड़कर देखा गया।

ट्रंप के इस बयान के बाद अल-मुहंदिस के परिवार की ओर से भी नाराजगी जताई गई है। उनके परिवार ने इराकी नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और मृत नेताओं के सम्मान का ध्यान रखा जाना चाहिए।

डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई बार चिंताएं सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान ट्रंप पर कई हमलों की कोशिशों की जांच हुई थी। इनमें पेंसिलवेनिया में एक चुनावी रैली के दौरान हुई गोलीबारी की घटना सबसे गंभीर मानी गई थी।

अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ मामलों में ईरान से संभावित संबंधों की जांच भी की थी। हालांकि ईरान ने ट्रंप की हत्या की किसी भी साजिश में शामिल होने से इनकार किया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वह केवल राजनीतिक और कानूनी स्तर पर अपनी बात रखते हैं।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घोषणाएं केवल धमकी नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ाने वाली गतिविधियां भी हो सकती हैं। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां इस तरह के बयानों और संगठनों की गतिविधियों पर नजर रखती हैं।

फिलहाल ट्रंप की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अमेरिकी एजेंसियां सतर्क हैं। इस मामले ने एक बार फिर अमेरिका और ईरान समर्थित समूहों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को उजागर कर दिया है। आने वाले दिनों में इस बयान पर अमेरिकी प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।

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