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ईरान के रक्षा ठिकाने पर हमला, अमेरिका का बड़ा दावा

nidhi
7 Nov 2026 10:12 AM IST
ईरान के रक्षा ठिकाने पर हमला, अमेरिका का बड़ा दावा
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ईरान पर अमेरिकी हमला
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाते हुए नया हमला किया है। यह कार्रवाई रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित ईरान के केश्म द्वीप पर की गई। ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के एक नए विमानरोधी रक्षा उपकरण को कुछ ही मिनटों में नष्ट कर दिया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शुक्रवार, 6 नवंबर को फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने इस सैन्य कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने हमले को सीमित कार्रवाई बताते हुए कहा कि ईरान ने एक छोटा विमानरोधी उपकरण तैयार किया था, जिसे अमेरिकी सेना ने लगभग पांच से पंद्रह मिनट के भीतर नष्ट कर दिया। केश्म द्वीप के सूजा इलाके में दो जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया गया कि द्वीप के ऊपर विमान की आवाज सुनाई देने के बाद दो प्रोजेक्टाइल वहां गिरे। हालांकि, हमले में हुए नुकसान और संभावित हताहतों की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इस बीच ईरान ने भी अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को लेकर बड़ा दावा किया है। ईरानी सेना के अनुसार, उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने केश्म द्वीप के ऊपर एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया। ईरान का कहना है कि उसके आधुनिक एयर डिफेंस नेटवर्क ने अमेरिकी मानवरहित विमान को निशाना बनाया। अमेरिकी पक्ष ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल है। फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाले इस रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति होती है। ऐसे में यहां सैन्य टकराव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
इससे पहले सप्ताह की शुरुआत में भी अमेरिकी सेना ने केश्म द्वीप और आसपास के इलाकों में सीमित हमले किए थे। अमेरिकी अधिकारियों ने उन कार्रवाइयों को रक्षात्मक बताया था। ताजा हमले के बाद क्षेत्र में सैन्य तनाव को लेकर चिंताएं फिर बढ़ गई हैं। एक ओर सैन्य कार्रवाई जारी है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत के प्रयास भी चल रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ बातचीत में प्रगति हुई है और दोनों पक्ष किसी समझौते की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। हालांकि, उन्होंने संभावित समझौते की शर्तों को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी।
कतर सहित खाड़ी क्षेत्र के कई देश तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं। अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत की संभावनाओं पर भी चर्चा जारी है। क्षेत्रीय देशों की चिंता है कि सैन्य संघर्ष बढ़ने से समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है। फिलहाल अमेरिकी हमले और ईरान के ड्रोन गिराने के दावे ने दोनों देशों के बीच तनाव को फिर बढ़ा दिया है। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि दोनों देश बातचीत के जरिए तनाव कम करते हैं या आने वाले दिनों में सैन्य टकराव और तेज होता है।
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