विश्व
ताइवान में चुनाव से पहले विवाद, चीन की 6 कथित रणनीतियां उजागर
Ratna Netam
22 Oct 2026 6:07 PM IST

x
ताइपे। ताइवान में आगामी स्थानीय चुनावों से पहले चीन की कथित दखलंदाजी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ताइवान के राष्ट्रीय सुरक्षा ब्यूरो (NSB) ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए छह अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। इनमें चुनिंदा उम्मीदवारों को अवैध वित्तीय सहायता देने, मतदाताओं को सस्ती हवाई टिकट उपलब्ध कराने, गलत सूचनाएं फैलाने और साइबर हमलों के जरिए चुनाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल करने जैसी गतिविधियां शामिल हैं।'द ताइपे टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा ब्यूरो के महानिदेशक त्साई मिंग-येन ने गुरुवार को विधायिका की विदेश मामलों और राष्ट्रीय रक्षा समिति के सामने इन कथित गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां चुनाव में संभावित विदेशी हस्तक्षेप से जुड़े मामलों पर लगातार नजर रख रही हैं। संदिग्ध गतिविधियों के साक्ष्य जुटाकर मतदान से पहले न्यायिक अधिकारियों को सौंपने का प्रयास किया जाएगा।
28 नवंबर को होंगे स्थानीय चुनाव
ताइवान में 28 नवंबर 2026 को 'नाइन-इन-वन' स्थानीय चुनाव आयोजित किए जाएंगे। इन चुनावों में मतदाता नगर प्रमुखों, स्थानीय परिषद सदस्यों और अन्य स्थानीय प्रशासनिक पदों के लिए प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे।ताइवान के केंद्रीय चुनाव आयोग के अनुसार, चुनाव में 11,051 स्थानीय पदों के लिए मतदान होगा। लगभग 1.96 करोड़ लोगों के मतदान के पात्र होने का अनुमान है। चुनावों के महत्व को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां विदेशी हस्तक्षेप और चुनावी अनियमितताओं की आशंका को गंभीरता से ले रही हैं।
चुनाव प्रभावित करने के छह तरीकों का आरोप
राष्ट्रीय सुरक्षा ब्यूरो के प्रमुख त्साई मिंग-येन ने बताया कि चीन की कथित हस्तक्षेप रणनीति मुख्य रूप से छह तरीकों पर आधारित है।पहला तरीका कुछ विशेष उम्मीदवारों और राजनीतिक संगठनों को अवैध रूप से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। दूसरा तरीका चुनिंदा राजनीतिक समर्थकों और स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों को रियायती दरों पर चीन की यात्राएं कराना बताया गया है।तीसरे तरीके के तहत चीन में रहने वाले ताइवानी नागरिकों को मतदान के लिए वापस ताइवान आने हेतु सस्ती हवाई टिकट उपलब्ध कराने का आरोप है।इसके अलावा सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भ्रामक सूचनाएं फैलाना, अवैध चुनावी सट्टेबाजी संचालित करना तथा साइबर हमलों के जरिए संवेदनशील चुनावी जानकारी चुराना भी कथित रणनीतियों में शामिल है।
सस्ते हवाई टिकट देकर मतदाताओं को प्रभावित करने की आशंका
ताइवानी सुरक्षा एजेंसी का आरोप है कि चीन में रहने वाले कुछ ताइवानी मतदाताओं को विशेष रियायतों के जरिए मतदान के लिए वापस आने को प्रोत्साहित किया जा सकता है।त्साई मिंग-येन के मुताबिक, एजेंसी को ऐसी जानकारी मिली है कि रियायती हवाई टिकटों की व्यवस्था चुनाव से लगभग तीन सप्ताह पहले शुरू हो सकती है।सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि यदि इस तरह की सुविधाएं चुनिंदा राजनीतिक समूहों के समर्थकों को उपलब्ध कराई जाती हैं, तो इसका उद्देश्य चुनावी परिणामों को प्रभावित करना हो सकता है। हालांकि इन आशंकाओं की न्यायिक स्तर पर पुष्टि होना अभी बाकी है।
साइबर हमलों और गलत सूचनाओं को लेकर चिंता
ताइवान की सुरक्षा एजेंसी ने चुनाव से पहले बढ़ती साइबर गतिविधियों को लेकर भी चेतावनी दी है।राष्ट्रीय सुरक्षा ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में ताइवान को निशाना बनाने वाली 25 लाख से अधिक विवादित या गलत सूचनाएं दर्ज की गईं। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 48 प्रतिशत अधिक है।एजेंसी ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया, फर्जी खातों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से जनमत प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।इसके अलावा ताइवान की सरकारी डिजिटल सेवाओं पर प्रतिदिन औसतन लगभग 25.8 लाख संदिग्ध साइबर गतिविधियां दर्ज की गईं। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इनमें कुछ गतिविधियां चुनाव से पहले खुफिया जानकारी जुटाने से जुड़ी हो सकती हैं।
करीब 100 संदिग्ध मामलों की निगरानी
त्साई मिंग-येन ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा ब्यूरो लगभग 100 संदिग्ध चुनावी हस्तक्षेप मामलों पर नजर रख रहा है।उन्होंने कहा कि एजेंसियां विभिन्न माध्यमों से सबूत जुटा रही हैं और जहां पर्याप्त आधार मिलेगा, उन मामलों को जांच के लिए न्यायिक अधिकारियों के पास भेजा जाएगा।ताइवान की सुरक्षा एजेंसियों ने चुनावी पारदर्शिता बनाए रखने और मतदाताओं को भ्रामक सूचनाओं से बचाने पर भी जोर दिया है।हालांकि चीन की कथित संलिप्तता से जुड़े ये आरोप फिलहाल ताइवानी अधिकारियों के दावों पर आधारित हैं। बीजिंग पहले भी ताइवान के चुनावों में हस्तक्षेप के आरोपों से इनकार करता रहा है।आगामी चुनावों को देखते हुए ताइवान में राजनीतिक गतिविधियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी भी बढ़ गई है। आने वाले सप्ताह यह तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे कि संदिग्ध गतिविधियों की जांच में क्या प्रमाण सामने आते हैं।
Next Story





