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Dhaka , ढाका: बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने गुरुवार को ढाका में बांग्लादेश के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री सरदार मोहम्मद सखावत हुसैन से शिष्टाचार भेंट की। ढाका में भारतीय मिशन के एक बयान के अनुसार, बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी लाभ और हित के मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
चर्चाओं में दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर बनाने की साझा प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया, खासकर चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लोगों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने पर।इस बैठक को भारत और बांग्लादेश के बीच चल रही राजनयिक बातचीत का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संस्थागत साझेदारी और सहयोगी ढांचे को मजबूत करना है।
इस बीच, भारतीय मिशन के बयान के अनुसार, त्रिवेदी ने आज बांग्लादेश के वित्त और योजना मंत्री अमीर खुसरू महमूद चौधरी से भी शिष्टाचार भेंट की और आर्थिक सहयोग तथा भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय विकास परियोजनाओं जैसे आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा की।वहीं, मंगलवार को ढाका में कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के प्रतिनिधिमंडल के लिए आयोजित एक बिजनेस रिसेप्शन में अपने संबोधन के दौरान त्रिवेदी ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य दो "जीवंत लोकतंत्रों" के बीच संबंधों को मजबूत करना है, खासकर उनकी युवा आबादी की आकांक्षाओं और क्षमता पर ध्यान केंद्रित करके।
उन्होंने 'भारत की नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी' (पड़ोसी पहले की नीति) के महत्व पर भी प्रकाश डाला और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बांग्लादेश भेजने का फैसला इसलिए किया क्योंकि भारत पड़ोसी देश के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है।भारतीय दूत ने जोर देकर कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच साझा आकांक्षाएं, युवाओं की क्षमता और ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंध उनकी भौगोलिक निकटता से कहीं अधिक गहरे हैं।
इससे पहले, ढाका में भारतीय उच्चायोग ने भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम और भव्यता के साथ मनाया।इस अवसर पर अपने भाषण में, त्रिवेदी ने नवाचार, लचीलेपन और नागरिकों की सामूहिक आकांक्षाओं से प्रेरित भारत की बढ़ती गति पर प्रकाश डाला और बांग्लादेश में भारतीय समुदाय के सदस्यों से देश की निरंतर यात्रा का अभिन्न अंग बने रहने का आह्वान किया।भारत-बांग्लादेश संबंधों पर बात करते हुए त्रिवेदी ने कहा कि दोनों देशों के स्वतंत्रता संग्राम की जड़ें "गहराई से आपस में जुड़ी हुई हैं", और यह रिश्ता साझा इतिहास, आपसी सम्मान और साझेदारी की नींव पर लगातार फल-फूल रहा है।
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