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नई दिल्ली। भारत ने अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में पाकिस्तान की ओर से किए गए ताजा हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि एक संप्रभु पड़ोसी देश के खिलाफ इस तरह की सैन्य कार्रवाई क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाती है। भारत ने हमलों में मारे गए नागरिकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की है।मंगलवार को विदेश मंत्रालय की मीडिया ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अफगानिस्तान की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन में मजबूती से खड़ा है। उनका बयान पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक बार फिर बढ़े सीमा-पार तनाव के बीच आया है।
भारत ने जताई कड़ी आपत्ति
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत कुनार और पक्तिका में पाकिस्तानी हमलों की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने नागरिकों की मौत पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाई क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के प्रतिकूल है।भारत का यह रुख अफगानिस्तान के साथ उसके लंबे समय से चले आ रहे संबंधों और वहां की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन की नीति के अनुरूप है।
नागरिकों की मौत की UN ने भी की पुष्टि
ताजा हमलों में हताहत लोगों की संख्या को लेकर पाकिस्तान और अफगान पक्ष के दावों में अंतर है। संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान (UNAMA) ने कुनार में कम से कम तीन नागरिकों की मौत और चार लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। मृतकों में एक पुरुष एक महिला और एक लड़की शामिल हैं।अफगान अधिकारियों ने भी तीन नागरिकों की मौत और चार लोगों के घायल होने की जानकारी दी। पक्तिका में एक मकान और दुकान को नुकसान पहुंचने की बात कही गई लेकिन वहां इन ताजा हमलों में किसी हताहत की पुष्टि नहीं हुई।इसलिए ताजा हमलों में “कई लोगों की मौत” के बजाय उपलब्ध स्वतंत्र पुष्टि के आधार पर कम से कम तीन नागरिकों की मौत कहना अधिक सटीक है।
पाकिस्तान ने किया अलग दावा
पाकिस्तान ने इन हवाई हमलों को आतंकवाद विरोधी कार्रवाई बताया है। पाकिस्तानी सरकार ने दावा किया कि अफगानिस्तान में तीन ठिकानों को निशाना बनाया गया और इनमें 28 लोगों को मारा गया जिन्हें उसने आतंकवादी और आत्मघाती हमलावर बताया। पाकिस्तान का कहना है कि कार्रवाई में हथियार और गोला-बारूद भी नष्ट किया गया।हालांकि अफगान अधिकारियों ने पाकिस्तान के इस दावे का विरोध किया है। उनका कहना है कि हमलों में नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया। UNAMA की ओर से नागरिक मौतों की पुष्टि ने इस घटना को लेकर मानवीय चिंता बढ़ा दी है।
कुनार में मकान पर हमला
अफगान अधिकारियों के अनुसार कुनार के नूरगल जिले में एक आवासीय मकान हवाई हमले की चपेट में आया। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि इसमें एक परिवार के तीन लोगों की मौत हुई और चार अन्य घायल हुए।पक्तिका के बरमल जिले में भी हमले की सूचना दी गई। वहां एक दुकान और खाली मकान को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।UNAMA ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने और सैन्य कार्रवाइयों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान में बढ़ा तनाव
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के संबंध पिछले कुछ समय से सीमा-पार आतंकवाद के आरोपों को लेकर तनावपूर्ण हैं। पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी TTP और उससे जुड़े लड़ाके अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल पाकिस्तान में हमलों के लिए करते हैं।अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है। उसका कहना है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल दूसरे देशों के खिलाफ नहीं होने देने के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों पक्षों के इन्हीं विरोधी दावों के बीच सीमा पर कई बार हिंसा और हवाई हमले हो चुके हैं।
पाकिस्तान में हमलों के बाद हुई कार्रवाई
ताजा हवाई कार्रवाई से कुछ दिन पहले पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सुरक्षा बलों पर बड़े हमले हुए थे। कोहाट में एक पुलिस परिसर और मस्जिद के पास हुए हमले में कई लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद पाकिस्तान ने सीमा पार सक्रिय बताए जाने वाले आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की बात कही।पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में अपने ताजा हमलों को इसी आतंकवाद विरोधी अभियान से जोड़ा है। दूसरी ओर काबुल ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए विरोध दर्ज कराया है।
पहले भी हो चुके हैं हवाई हमले
यह पहली बार नहीं है जब 2026 में पाकिस्तानी हवाई हमलों के कारण अफगानिस्तान में नागरिक हताहत हुए हैं। जून के आखिर में UNAMA ने पक्तिया पक्तिका और कुनार में हुए हवाई हमलों में कम से कम 28 नागरिकों की मौत और 49 लोगों के घायल होने की पुष्टि की थी।उस समय भी पाकिस्तान ने कहा था कि उसके निशाने पर आतंकवादी ठिकाने थे जबकि अफगान अधिकारियों ने बड़ी संख्या में नागरिकों की मौत का दावा किया था। इन घटनाओं ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद अविश्वास को और बढ़ाया है।
भारत ने दोहराया अफगान संप्रभुता का समर्थन
भारत ने ताजा घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया में अफगानिस्तान की संप्रभुता स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति समर्थन दोहराया। नई दिल्ली ने कहा कि पड़ोसी संप्रभु देश के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए अनुकूल नहीं है।भारत की प्रतिक्रिया में नागरिकों की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया है। विदेश मंत्रालय ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव दक्षिण एशिया और मध्य एशिया के व्यापक सुरक्षा माहौल के लिए चिंता का विषय है। सीमा-पार आतंकवाद के आरोपों के साथ अगर हवाई हमले और जवाबी कार्रवाई बढ़ती है तो इसका सबसे गंभीर असर सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिकों पर पड़ सकता है।UNAMA के मुताबिक 2026 में सीमा-पार सशस्त्र हिंसा के कारण अफगानिस्तान में 1,100 से अधिक नागरिक मौत और घायल होने के मामले दर्ज किए जा चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र ने एक बार फिर सभी पक्षों से नागरिकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने की अपील की है।भारत की ताजा प्रतिक्रिया ने भी इसी चिंता को रेखांकित किया है। नई दिल्ली ने साफ किया है कि वह अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करती है और ऐसी सैन्य कार्रवाइयों को क्षेत्रीय शांति तथा सुरक्षा के लिए नुकसानदेह मानती है।
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