विश्व
बाकू अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में दिखी भारत की सांस्कृतिक विरासत
Ratna Netam
22 Oct 2026 8:38 PM IST

x
बाकू। अज़रबैजान की राजधानी बाकू में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में भारत की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की विशेष झलक देखने को मिल रही है। अज़रबैजान स्थित भारतीय दूतावास इस प्रतिष्ठित आयोजन में एक आकर्षक स्टॉल के साथ भाग ले रहा है। भारतीय स्टॉल पर साहित्य, इतिहास, पर्यटन, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ी पुस्तकों का व्यापक संग्रह प्रदर्शित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य अज़रबैजान के पाठकों को भारतीय सभ्यता की विविधता से परिचित कराना और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाना है।
भारतीय राजदूत अभय कुमार ने किया उद्घाटन
अज़रबैजान में भारत के राजदूत अभय कुमार ने पुस्तक मेले में भारतीय स्टॉल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर अज़रबैजान गणराज्य के संस्कृति मंत्री आदिल करीमली ने भी भारतीय स्टॉल का दौरा किया।राजदूत अभय कुमार ने संस्कृति मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें वहां प्रदर्शित पुस्तकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।उन्होंने भारतीय साहित्य की प्राचीन परंपराओं, ऐतिहासिक धरोहरों, प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों और आध्यात्मिक विरासत पर आधारित पुस्तकों की विशेषताओं से मंत्री को अवगत कराया।भारतीय दूतावास के अनुसार, इस आयोजन में भागीदारी का उद्देश्य भारत और अज़रबैजान के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।
भारतीय साहित्य और इतिहास की अनूठी झलक
पुस्तक मेले में स्थापित भारतीय स्टॉल पर विभिन्न विषयों और साहित्यिक विधाओं की पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं।इनमें भारतीय इतिहास, कला, संस्कृति, आध्यात्मिक चिंतन, प्रसिद्ध स्मारकों और पर्यटन स्थलों से संबंधित पुस्तकें शामिल हैं।यह संग्रह आगंतुकों को भारत की प्राचीन सभ्यता और आधुनिक सांस्कृतिक पहचान को समझने का अवसर प्रदान करता है।भारत की विविध भाषाओं और साहित्यिक परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में इस तरह के आयोजन महत्वपूर्ण माने जाते हैं।पुस्तकों के माध्यम से पाठक भारतीय समाज की विविधता, ऐतिहासिक विकास और सांस्कृतिक मूल्यों से परिचित हो सकते हैं।
अज़रबैजान के संस्कृति मंत्री ने किया दौरा
अज़रबैजान के संस्कृति मंत्री आदिल करीमली की भारतीय स्टॉल पर उपस्थिति को दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।इस दौरान राजदूत अभय कुमार ने मंत्री को भारतीय साहित्य की विविधता और सभ्यतागत विरासत के बारे में बताया।उन्होंने उन पुस्तकों पर विशेष ध्यान दिलाया, जिनमें भारत की सांस्कृतिक परंपराओं, ऐतिहासिक धरोहरों और आध्यात्मिक विचारों का वर्णन किया गया है।यह मुलाकात इस बात का उदाहरण रही कि साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियां अलग-अलग देशों के लोगों के बीच आपसी समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
महात्मा गांधी की जीवनी और हनुमान चालीसा भेंट की
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण उस समय देखने को मिला, जब भारतीय राजदूत अभय कुमार ने अज़रबैजान के संस्कृति मंत्री आदिल करीमली को महात्मा गांधी के जीवन पर आधारित अज़रबैजानी भाषा में प्रकाशित एक पुस्तक भेंट की।इसके अलावा उन्होंने हनुमान चालीसा के अपने अंग्रेजी अनुवाद की एक प्रति भी मंत्री को उपहार स्वरूप प्रदान की।इन पुस्तकों के माध्यम से भारत की अहिंसा, आध्यात्मिक चिंतन और दार्शनिक परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय पाठकों तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
विदेशी राजनयिकों ने भी दिखाई दिलचस्पी
भारतीय स्टॉल ने विदेशी राजनयिकों और अन्य आगंतुकों का भी ध्यान आकर्षित किया। विभिन्न देशों के राजदूतों और राजनयिक प्रतिनिधियों ने स्टॉल का दौरा कर वहां मौजूद पुस्तक संग्रह की जानकारी ली।स्टॉल में साहित्य, कला, इतिहास, आध्यात्मिकता और पर्यटन से जुड़ी पुस्तकों के माध्यम से भारत की विविधता को प्रस्तुत किया गया।
27 अक्टूबर तक चलेगा पुस्तक मेला
12वें बाकू अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले की शुरुआत 21 अक्टूबर को हुई है और इसका आयोजन 27 अक्टूबर तक किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में अज़रबैजान के संस्कृति मंत्री सहित साहित्य, शिक्षा और राजनयिक जगत की अनेक हस्तियां मौजूद रहीं।भारतीय दूतावास की इस भागीदारी से दोनों देशों के बीच साहित्यिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह आयोजन भारतीय साहित्य को नए पाठकों तक पहुंचाने के साथ भारत और अज़रबैजान की ऐतिहासिक मित्रता को आगे बढ़ाने का अवसर भी प्रदान कर रहा है।
Next Story





