
x
Washington वॉशिंगटन। लिंकन मेमोरियल पर शुक्रवार सुबह भारतीय के दूतावास ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया। इस दौरान सैकड़ों योग प्रेमी एकत्र हुए। इस मौके पर वॉशिंगटन के सबसे प्रसिद्ध स्थलों में से एक लिंकन मेमोरियल, नेशनल मॉल के सामने एक विशाल खुले योग स्थल में बदल गया। लिंकन मेमोरियल और वॉशिंगटन मॉन्यूमेंट के सामने लोगों ने योग के कई तरह के आसान का अभ्यास किया। इस कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के लोग, स्थानीय निवासी, योग शिक्षक और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग शामिल थे। इस दौरान कई लोगों ने इस वर्ष की थीम 'योगा फॉर हेल्थी एजिंग' स्लोगन लिखी हुई स्मारक टी-शर्ट पहन रखी थी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने योग के सफर पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे यह एक प्राचीन भारतीय परंपरा से दुनिया भर में अपनाई जाने वाली जीवनशैली बन गया है।
क्वात्रा ने बताया कि हम लिंकन मेमोरियल में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने एक प्रस्ताव के माध्यम से मान्यता दी थी, जिसे दुनिया भर के लगभग 175 देशों का समर्थन मिला था। योग को भारत की सभ्यतागत विरासत बताते हुए राजदूत ने कहा कि यह अभ्यास सीमाओं, धर्मों और संस्कृतियों से परे है। उन्होंने कहा कि यह भारत की प्राचीन योग परंपरा का उत्सव है, जिसे दुनिया के अलग-अलग देशों, समाजों, मान्यताओं और धर्मों के लोग अपनाते हैं और नियमित रूप से अभ्यास करते हैं।
क्वात्रा ने कहा कि हर साल मनाया जाने वाला यह दिवस लोगों को अपनी इस विरासत से दोबारा जुड़ने और समुदायों को एक साथ लाने का अवसर देता है। जब उनसे अमेरिका में योग की बढ़ती लोकप्रियता के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि योग अब अमेरिकी समाज में अच्छी तरह स्थापित हो चुका है। उन्होंने कहा कि योग अब सिर्फ लोकप्रिय नहीं हो रहा, बल्कि लगभग हर जगह अपनी मजबूत जगह बना चुका है। इन्हीं प्रतिभागियों में से एक थे डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया स्वास्थ्य विभाग के चीफ डेटा ऑफिसर नागेश बोर्से ने बताया कि योग ने उनकी जिंदगी बदल दी है। बोर्से ने कहा कि यह सिर्फ शरीर के लिए व्यायाम नहीं है, बल्कि मन और आत्मा के लिए भी है। उन्होंने कहा कि योग भारत की दुनिया को दी गई सबसे बेहतरीन सौगातों में से एक है।
महाराष्ट्र के नासिक में योग का प्रशिक्षण लेने वाली वॉशिंगटन की योग शिक्षिका हीथर फेरिस ने कहा कि अमेरिका में योग को अक्सर अलग नजरिए से देखा जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार यहां योग को ज्यादा व्यावसायिक रूप में देखा जाता है और लोग इसे केवल शारीरिक व्यायाम समझते हैं, जबकि यह उससे कहीं अधिक है। फेरिस ने कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा को एक साथ जोड़ने का माध्यम है।
Tagsजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





