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ताइपे। ताइवान में डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (DPP) के सांसद और ताइपे मेयर पद के उम्मीदवार पूमा शेन की कथित निगरानी के मामले में चार लोगों के खिलाफ अभियोग दर्ज किया गया है। ताइपे के सरकारी वकीलों का आरोप है कि इस निगरानी अभियान के लिए हांगकांग के दो निवासियों से पैसा मिला था और इस फंडिंग को एक विदेशी विरोधी ताकत से जोड़ा जा रहा है। हालांकि अभियोजन पक्ष के ये आरोप हैं और मामले में अंतिम न्यायिक फैसला अभी नहीं आया है।
‘ताइपे टाइम्स’ के अनुसार, ताइपे जिला अभियोजक कार्यालय ने प्राइवेट इन्वेस्टिगेटर चेंग युंग-चिन और तीन अन्य लोगों को पूमा शेन की कथित निगरानी के मामले में आरोपी बनाया है। अभियोजकों का कहना है कि यह पूरा ऑपरेशन सितंबर 2024 में शुरू हुआ था और इसके पीछे हांगकांग के दो निवासियों की भूमिका सामने आई है।
अभियोजकों के मुताबिक, चेंग युंग-चिन को 5 सितंबर 2024 को हांगकांग के निवासियों जू जुएक्सियन और लिन किंग से करीब **NT$360,000** मिले थे। आरोप है कि यह रकम पूमा शेन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए दी गई थी। चेंग दो निजी जांच कंपनियों का संचालन करता है। उसने कथित तौर पर यह काम दूसरे प्राइवेट इन्वेस्टिगेटर ह्सिएह यी-चेन को सौंप दिया और इसके लिए उसे **NT$180,000** देने पर सहमति बनी।
इसके बाद ह्सिएह ने अपने कर्मचारी चियांग वेन-ह्सिन को ऑपरेशन का समन्वय करने की जिम्मेदारी दी। अभियोजकों ने कहा कि हो काई-हान और ‘ए-ह्सियांग’ नाम से पहचाने गए एक अन्य व्यक्ति ने भी इस काम में कथित तौर पर मदद की। शुरुआती प्रयास में संदिग्धों ने शेन का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन उनके सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें पहचान लिया। इसके बाद कथित निगरानी की रणनीति बदली गई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, शुरुआती कोशिश सफल न होने के बाद जू और लिन 27 सितंबर 2024 को खुद ताइवान पहुंचे और अभियान की निगरानी करने लगे। इसके बाद शेन के घर के बाहर कैमरा लगाने की योजना तैयार की गई। आरोप है कि एक ऐसे कर्मचारी से मोटरसाइकिल शेन के आवास के बाहर खड़ी करवाई गई, जिसे कथित ऑपरेशन की पूरी जानकारी नहीं थी। मोटरसाइकिल की सीट के नीचे एक छोटा कैमरा छिपाया गया और उसे घर के प्रवेश द्वार की तरफ रखा गया।
अभियोजकों का कहना है कि 8 नवंबर 2024 तक आरोपियों ने मोबाइल ऐप के जरिए कैमरे से जुड़कर शेन और उनके परिवार की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। इसके अलावा आसपास गाड़ियां खड़ी कर अतिरिक्त तस्वीरें और वीडियो बनाने का भी आरोप है। जांच में कहा गया कि रिकॉर्ड की गई सामग्री को एक टेलीग्राम समूह में अपलोड किया जाता था और बाद में चेंग के जरिए कथित ग्राहकों तक पहुंचाया जाता था। अभियोजकों ने इसे शेन और उनके परिवार की निजता और सुरक्षा का उल्लंघन बताया है।
इस मामले में चेंग, ह्सिएह, चियांग और हो के खिलाफ ताइवान के पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। वहीं हांगकांग के दोनों निवासियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। अभियोजकों ने चेंग के खिलाफ एक साल छह महीने की सजा की सिफारिश की है, जबकि अन्य आरोपियों के मामले में अदालत से कानून के अनुसार उचित सजा देने का अनुरोध किया गया है।
पूमा शेन ताइवान की राजनीति में चीन से जुड़े मामलों पर मुखर नेताओं में गिने जाते हैं। अक्टूबर 2024 में चीन के ताइवान मामलों के कार्यालय ने उन्हें ताइवान की स्वतंत्रता का समर्थक बताते हुए निशाना बनाया था। बाद में चीनी अधिकारियों की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई से जुड़े कदम भी सामने आए। जनवरी 2026 में ताइवान सरकार ने चीन समर्थित मीडिया और सोशल मीडिया खातों पर शेन के घर और कार्यस्थल से जुड़ी निजी जानकारी सार्वजनिक करने का आरोप लगाया था।
इसी पृष्ठभूमि में अभियोजकों ने मौजूदा मामले को केवल निजी निगरानी तक सीमित नहीं माना है। उनका आरोप है कि आरोपी कथित रूप से एक “विदेशी विरोधी ताकत” से मिले धन के जरिए सीमा-पार दमन और निगरानी गतिविधियों में शामिल थे। हालांकि इस आरोप की न्यायिक पुष्टि अभी होनी बाकी है।
ताइवान में हाल के वर्षों में चीन से जुड़े कथित जासूसी और प्रभाव अभियानों के कई मामले सामने आए हैं। इनमें सैन्य अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के खिलाफ भी जांच और मुकदमे हुए हैं। नवंबर 2025 में सात लोगों पर चीन के लिए जासूसी करने के आरोप तय किए गए थे, जबकि जून 2025 में चार पूर्व DPP सदस्यों पर भी चीन को संवेदनशील जानकारी देने से जुड़े आरोप लगाए गए थे।
पूमा शेन की कथित निगरानी का मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि इसमें राजनीतिक व्यक्ति की निजी गतिविधियों और परिवार तक की निगरानी किए जाने का आरोप है। अभियोजकों ने निगरानी में इस्तेमाल उपकरणों और कथित अवैध कमाई को जब्त करने की भी मांग की है।
फिलहाल चार आरोपियों के खिलाफ मामला अदालत में आगे बढ़ेगा, जबकि हांगकांग के दो संदिग्धों की तलाश जारी है। इस केस ने ताइवान में राजनीतिक निगरानी, डेटा सुरक्षा और सीमा-पार प्रभाव अभियानों को लेकर पहले से जारी बहस को और तेज कर दिया है।
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