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जापान का नया रक्षा श्वेत पत्र गलत धारणाओं से भरा

SHIDDHANT
5 Aug 2026 10:37 PM IST
जापान का नया रक्षा श्वेत पत्र गलत धारणाओं से भरा
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Chin चीन: जापान के वर्ष 2026 के रक्षा श्वेत पत्र (डिफेंस व्हाइट पेपर) पर कड़ी आपत्ति जताई है। चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता छन शी ने कहा कि जापान की नई रक्षा रिपोर्ट "गलत धारणाओं" पर आधारित है और इसमें क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हुए तथाकथित "चीन से खतरे" का प्रचार किया गया है। उन्होंने कहा कि चीन इस पर गहरा असंतोष और कड़ा विरोध दर्ज कराता है।
प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जापान अपनी "रक्षा केंद्रित नीति" की आड़ में सैन्य क्षमताओं का विस्तार कर रहा है। उनके अनुसार, जापान ने अपने तीन सुरक्षा दस्तावेजों में संशोधन को तेज किया है, रक्षा बजट में लगातार वृद्धि की है और लंबी दूरी तक हमला करने वाली सैन्य क्षमताओं के विकास पर जोर दिया है। इसके साथ ही अंतरिक्ष के सैन्यीकरण और रक्षा उद्योग के विस्तार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
चीन का कहना है कि ये कदम द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता के लिए चुनौती पैदा कर सकते हैं। प्रवक्ता ने जापान पर "नए प्रकार के सैन्यवाद" की ओर बढ़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे कदम एशिया-प्रशांत क्षेत्र में तनाव बढ़ा सकते हैं।
ताइवान मुद्दे पर चीन ने अपना रुख दोहराते हुए कहा कि यह उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़ा विषय है तथा चीन-जापान संबंधों की राजनीतिक नींव का अहम हिस्सा है। प्रवक्ता ने कहा कि ताइवान का मुद्दा ऐसी "लाल रेखा" है, जिसे पार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने जापान से आग्रह किया कि वह इतिहास से सबक ले, चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बंद करे और ऐसे बयान देने से बचे जो क्षेत्रीय तनाव को बढ़ावा दें। हालांकि, इस संबंध में जापान सरकार की ओर से तत्काल कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दोनों देशों के बीच सुरक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर मतभेद लंबे समय से बने हुए हैं।
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