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रूसी समुद्री तट के पास टैंकर पर ड्रोन हमला
मॉस्को : रूस के ब्लैक सी तट के पास एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई। लाइबेरिया के झंडे वाले ‘Aframax Rio’ नामक टैंकर पर कुल 23 भारतीय नागरिक सवार थे। राहत की बात यह रही कि सभी भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। रूस के परिवहन मंत्रालय ने चालक दल के सुरक्षित रेस्क्यू की पुष्टि की है।
घटना 6 अक्टूबर 2026 को रूस के दक्षिणी ब्लैक सी तट के पास हुई। रूसी अधिकारियों के अनुसार, टैंकर पर एक मानवरहित समुद्री वाहन के जरिए हमला हुआ, जिसके बाद जहाज में आग लग गई। आग की लपटें और काला धुआं समुद्री तट के आसपास दूर तक दिखाई दिया। बचाव एजेंसियों ने तत्काल अभियान शुरू कर जहाज पर मौजूद सभी 23 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया।
रूस के काला सागर तट पर स्थित बंदरगाह शहर सोची में भीषण आग लगने की खबर है; स्थानीय चैनलों का कहना है कि बंदरगाह क्षेत्र में एक जहाज में विस्फोट हुआ। https://t.co/6uCknDh5JJ
— Aatifa Zahra (@AatifaZahra) October 6, 2026
कुछ रिपोर्टों ने इस हमले को यूक्रेन से जोड़ा है, हालांकि उपलब्ध आधिकारिक रूसी बयान में हमलावर मानवरहित वाहन का जिक्र किया गया है। इसलिए हमले की जिम्मेदारी को लेकर शुरुआती रिपोर्टों और आधिकारिक पुष्टि में अंतर बना हुआ है। ‘Aframax Rio’ पर यूक्रेन पहले रूस की कथित ‘शैडो फ्लीट’ से संबंध होने का आरोप लगा चुका है। हमले के बाद टैंकर में लगी आग को नियंत्रित करने के लिए दमकल और समुद्री बचाव दलों को लगाया गया। रूसी परिवहन मंत्रालय के अनुसार, कुछ समय बाद आग की तीव्रता कम होने लगी। सुरक्षा के मद्देनजर रूस के क्रास्नोडार क्षेत्र के सिरियस इलाके में आसपास के समुद्र तटों को भी अस्थायी रूप से बंद किया गया।
ब्लैक सी में हाल के दिनों में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों का खतरा बढ़ा है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच समुद्री मार्गों, बंदरगाहों और ऊर्जा से जुड़े जहाजों पर हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं। इससे जहाजों की सुरक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री परिवहन को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
भारत के लिए यह घटना खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि टैंकर पर सवार सभी 23 क्रू सदस्य भारतीय नागरिक थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक किसी भी भारतीय को चोट नहीं आई और सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। यह घटना एक बार फिर संघर्ष क्षेत्र के पास काम कर रहे भारतीय नाविकों और अन्य विदेशी क्रू की सुरक्षा से जुड़े जोखिम को सामने लाती है। फिलहाल टैंकर को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। साथ ही हमले के तरीके और इसके पीछे जिम्मेदार पक्ष को लेकर जांच जारी है। ब्लैक सी में लगातार बढ़ रही सैन्य गतिविधियों के बीच इस घटना ने नागरिक और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।
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