Pakistan में ट्रांसपोर्टरों ने ईंधन की कीमतें बढ़ने पर देशव्यापी चक्का जाम की चेतावनी दी

Karachi : 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, कराची गुड्स कैरियर्स एसोसिएशन (KGCA) ने डीजल और पेट्रोल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का कड़ा विरोध किया है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर सरकार अगले 24 घंटों के भीतर यह फैसला वापस नहीं लेती है, तो वे देशव्यापी 'व्हील-जाम' हड़ताल शुरू करेंगे।'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के मुताबिक, KGCA के महासचिव नदीम अख्तर अराइन ने एसोसिएशन के अध्यक्ष मलिक शेर खान और उपाध्यक्ष अयाज खान के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस फैसले की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी चिंताओं का समाधान नहीं करती है, तो पूरे पाकिस्तान में ट्रांसपोर्टर सामान की आवाजाही रोकने, ट्रांसपोर्ट ऑफिस बंद करने और विरोध प्रदर्शन शुरू करने के लिए देश भर के ट्रांसपोर्ट संगठनों के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं।'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, अराइन ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर को "अर्थव्यवस्था की रीढ़" बताया और कहा कि ईंधन की कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी ने ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों को गहरे आर्थिक संकट में डाल दिया है।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद, पाकिस्तान में उपभोक्ताओं को इसका कोई फायदा नहीं मिला है। नतीजतन, ट्रांसपोर्टेशन की लागत लगातार बढ़ रही है और ट्रांसपोर्ट कंपनियों, वाहन मालिकों और ड्राइवरों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने आगे बताया कि अराइन ने विभिन्न सरकारी विभागों और प्रवर्तन एजेंसियों पर देश के अलग-अलग हिस्सों में ट्रांसपोर्टरों की अनावश्यक जांच करने, भारी जुर्माना लगाने और ड्राइवरों व वाहन मालिकों को परेशान करने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि इन मुद्दों ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर की पहले से मौजूद आर्थिक मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के अनुसार, KGCA ने चेतावनी दी कि सामान के ट्रांसपोर्टेशन को रोकने से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर दूरगामी असर पड़ेगा।
एसोसिएशन ने कहा कि देशव्यापी हड़ताल से सप्लाई चेन बाधित होगी, कराची पोर्ट, पोर्ट कासिम और ग्वादर पोर्ट के जरिए आयात-निर्यात प्रभावित होगा, और देश भर में ईंधन, खाद्य सामग्री और दवाओं जैसी जरूरी चीजों के ट्रांसपोर्टेशन में देरी होगी।
एसोसिएशन ने कहा कि उसने प्रमुख ट्रांसपोर्ट संगठनों और संबंधित पक्षों के साथ बातचीत पूरी कर ली है और जल्द ही अपने विरोध अभियान के लिए अंतिम कार्यक्रम की घोषणा करेगा।
'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और वित्त मंत्री से भी अपील की कि वे ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी की तुरंत समीक्षा करें और ट्रांसपोर्टरों की शिकायतों का समाधान करें ताकि बड़े पैमाने पर आर्थिक व्यवधान को रोका जा सके।





