विश्व
पीएम मोदी ने 25 साल की सार्वजनिक सेवा पर मिले संदेशों का दिया जवाब
Ratna Netam
7 Oct 2026 7:42 PM IST

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को शासन और सार्वजनिक नेतृत्व में 25 वर्ष पूरे होने पर दुनिया के विभिन्न देशों के नेताओं से मिली शुभकामनाओं के लिए आभार जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अलग-अलग संदेशों का जवाब देते हुए भारत की रणनीतिक साझेदारियों, द्विपक्षीय सहयोग और ग्लोबल साउथ से जुड़े साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक नेतृत्व का यह सफर 7 अक्टूबर 2001 को शुरू हुआ था, जब उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला था। इसके बाद उन्होंने लंबे समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और फिर देश के प्रधानमंत्री बने। बुधवार को इस राजनीतिक और प्रशासनिक यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देश और विदेश से कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी।प्रधानमंत्री ने इन संदेशों का व्यक्तिगत रूप से जवाब दिया और कई देशों के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की। उनके जवाबों में खास तौर पर विकास, शांति, समावेशी वैश्विक व्यवस्था, रणनीतिक साझेदारी और ग्लोबल साउथ के हितों से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।
नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टिनुबू को दिए जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और नाइजीरिया के संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश करीबी साझेदार होने के साथ-साथ ग्लोबल साउथ की महत्वपूर्ण आवाजें हैं। उन्होंने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा अधिक समावेशी, समृद्ध और शांतिपूर्ण दुनिया के साझा विजन को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग जारी रखने की बात कही।प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि भारत और नाइजीरिया के बीच सहयोग केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों की भूमिका विकासशील देशों की प्राथमिकताओं को वैश्विक मंचों पर आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने भविष्य में भी इस सहयोग को मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की।
ग्लोबल साउथ हाल के वर्षों में भारत की विदेश नीति और बहुपक्षीय कूटनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। भारत लगातार विकासशील देशों के मुद्दों, आर्थिक अवसरों, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, तकनीक तक पहुंच और वैश्विक संस्थाओं में अधिक प्रतिनिधित्व की जरूरत पर जोर देता रहा है।प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय नेताओं से मिली शुभकामनाओं का जवाब देते हुए भी इसी व्यापक दृष्टिकोण का उल्लेख किया। उन्होंने संकेत दिया कि भारत विभिन्न देशों के साथ अपने संबंधों को पारंपरिक कूटनीतिक संपर्क से आगे बढ़ाकर विकास और साझा वैश्विक चुनौतियों के समाधान से जोड़ना चाहता है।
प्रधानमंत्री के 25 वर्ष के सार्वजनिक नेतृत्व के अवसर पर देश में भी कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। विभिन्न राज्यों में सेवा, सुशासन और विकास से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से उनके सार्वजनिक जीवन के इस पड़ाव को रेखांकित किया गया।7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार पद संभाला था। इसके बाद गुजरात की राजनीति से शुरू हुआ उनका प्रशासनिक सफर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा। 2014 में वह पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने और उसके बाद भी इस पद पर बने रहे।
अंतरराष्ट्रीय नेताओं के संदेशों में मोदी के लंबे सार्वजनिक जीवन और भारत के साथ उनके देशों के संबंधों का उल्लेख किया गया। प्रधानमंत्री ने इन संदेशों के जवाब में भी भविष्य के सहयोग को प्राथमिकता दी और व्यक्तिगत शुभकामनाओं को व्यापक राजनयिक संदेश से जोड़ा।नाइजीरिया के राष्ट्रपति को दिए उनके जवाब में ‘रणनीतिक साझेदारी’ और ‘ग्लोबल साउथ’ जैसे शब्द खास तौर पर महत्वपूर्ण रहे। इससे यह स्पष्ट हुआ कि प्रधानमंत्री इस अवसर को भारत के वैश्विक संबंधों को और मजबूत करने के संदेश से भी जोड़ रहे हैं।
भारत और नाइजीरिया दोनों ही बड़ी आबादी वाले विकासशील देश हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं लंबे समय से चर्चा में रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में इस साझेदारी को भविष्य में और आगे बढ़ाने की बात कही।उन्होंने अधिक समावेशी, समृद्ध और शांतिपूर्ण दुनिया के साझा विजन का भी उल्लेख किया। इसका मतलब यह है कि भारत अपने द्विपक्षीय संबंधों को वैश्विक स्थिरता और विकास के व्यापक लक्ष्य से जोड़कर देख रहा है।
प्रधानमंत्री की ओर से दिए गए जवाबों में एक और महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि उन्होंने शुभकामनाओं को सिर्फ औपचारिक प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं रखा। इसके बजाय उन्होंने विभिन्न देशों के साथ आगे के सहयोग, रणनीतिक संवाद और साझा लक्ष्यों पर भी जोर दिया।भारत हाल के वर्षों में ग्लोबल साउथ के देशों के बीच अपनी भूमिका को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत ने विकासशील देशों की जरूरतों और प्राथमिकताओं को वैश्विक एजेंडे में शामिल करने की वकालत की है। प्रधानमंत्री मोदी के संदेशों में भी यह दृष्टिकोण दिखाई दिया।
25 साल की सार्वजनिक सेवा का यह अवसर घरेलू राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, दोनों स्तरों पर प्रतीकात्मक महत्व रखता है। एक ओर देश में उनके राजनीतिक और प्रशासनिक सफर को लेकर कार्यक्रम हुए, वहीं दूसरी ओर विदेशों से मिले संदेशों के जवाब में उन्होंने भारत की वैश्विक साझेदारियों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।प्रधानमंत्री मोदी ने नाइजीरिया समेत विभिन्न देशों के नेताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत सहयोग, विकास और शांति पर आधारित संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
उनकी प्रतिक्रियाओं में यह संदेश भी दिखाई दिया कि आने वाले वर्षों में भारत ग्लोबल साउथ के देशों के साथ साझेदारी बढ़ाने, रणनीतिक संबंध मजबूत करने और वैश्विक संस्थाओं में विकासशील देशों की आवाज को आगे रखने पर ध्यान जारी रखेगा।कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर मिली अंतरराष्ट्रीय शुभकामनाओं को भारत की विदेश नीति और वैश्विक साझेदारियों के संदर्भ से जोड़ा। उन्होंने नेताओं का धन्यवाद करते हुए यह दोहराया कि भारत द्विपक्षीय सहयोग, रणनीतिक भागीदारी और अधिक समावेशी तथा शांतिपूर्ण वैश्विक व्यवस्था के लिए मिलकर काम करता रहेगा।
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