
Nice नीस : फ्रांस दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई मुलाकात ने भारत-फ्रांस संबंधों को नई मजबूती देने का संकेत दिया है। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने तटीय शहर नीस में एक साथ सेल्फी ली, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकी का प्रतीक मानी जा रही है।
Nice में हुई इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने विभिन्न रणनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर ली गई सेल्फी को दोनों नेताओं ने अपने-अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया, जिससे यह कूटनीतिक मुलाकात और भी चर्चित हो गई।
Narendra Modi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि नीस में राष्ट्रपति मैक्रों से मिलकर उन्हें बहुत खुशी हुई। उन्होंने कहा कि यह बातचीत बेहद सार्थक रही और भारत-फ्रांस साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है। इसी तरह राष्ट्रपति मैक्रों ने भी वही सेल्फी पोस्ट करते हुए ‘Nice’ शब्द लिखा, जिससे दोनों नेताओं के बीच आपसी सौहार्द और मजबूत संबंधों का संदेश गया।
इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों ने व्यापार, रक्षा, तकनीक, ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। चर्चा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करना रहा, जिसके तहत दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय व्यापार को अगले पांच वर्षों में दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
वर्तमान में भारत और फ्रांस के बीच वार्षिक व्यापार लगभग 16 अरब डॉलर के आसपास है, जिसे बढ़ाकर आने वाले वर्षों में 32 अरब डॉलर तक ले जाने की योजना बनाई गई है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए दोनों देशों ने निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक साझेदारी को बढ़ावा देने पर सहमति जताई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत और यूरोप के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगा। फ्रांस यूरोपीय संघ में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और दोनों देशों के बीच रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में पहले से ही मजबूत सहयोग मौजूद है।
बैठक के दौरान यह भी माना गया कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत-फ्रांस साझेदारी स्थिरता और विकास का एक महत्वपूर्ण आधार बन सकती है। दोनों नेताओं ने भविष्य में रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई।
कुल मिलाकर, नीस में हुई यह मुलाकात केवल एक औपचारिक कूटनीतिक बैठक नहीं थी, बल्कि यह भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते विश्वास, दोस्ती और आर्थिक सहयोग का एक मजबूत प्रतीक बनकर सामने आई है।





