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तीन दिनों तक अमेरिका ने नहीं दी रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की खुफिया जानकारी: जेलेंस्की

jantaserishta.com
19 Oct 2026 8:27 AM IST
तीन दिनों तक अमेरिका ने नहीं दी रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की खुफिया जानकारी: जेलेंस्की
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वाशिंगटन: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि कुछ समय के लिए हमें रूस की ओर से होने वाले बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से जुड़ी जानकारी नहीं मिल पाई। यह खुफिया जानकारी केवल अमेरिका ही उपलब्ध करा सकता है, लेकिन तीन दिन तक अमेरिका ने हमें यह जानकारी नहीं दी। इस वजह से यूक्रेनी सेना को तीन दिन तक रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों को लेकर अमेरिकी चेतावनी नहीं मिल सकी।
एनबीसी के कार्यक्रम 'मीट द प्रेस' को दिए इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी सेना की ओर से इस्तेमाल की जाने वाली कुछ सैटेलाइट संचार सेवाओं पर लगी पाबंदियां अभी पूरी तरह नहीं हटाई गई हैं। इससे अमेरिका की सैन्य और खुफिया मदद को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
जेलेंस्की ने कहा कि जिस जानकारी पर रोक लगी थी, वह ऐसी जानकारी थी जो केवल अमेरिका ही उपलब्ध करा सकता था, खासकर बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की पहले से चेतावनी। उन्होंने कहा, "हम रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों को पहले से नहीं देख पा रहे थे।"
जेलेंस्की के मुताबिक, यूक्रेन को यूरोपीय देशों और दूसरे साझेदारों से खुफिया जानकारी मिलती रही, लेकिन उनकी क्षमता अमेरिकी सिस्टम जैसी नहीं है। उन्होंने कहा, "कई देश हमारी मदद कर रहे हैं, लेकिन सिर्फ अमेरिका के पास ऐसी विशेष खुफिया क्षमता है, जो हमें बता सकती है कि रूस कब बैलिस्टिक मिसाइल इस्तेमाल करने वाला है।"
उन्होंने बताया कि तीन दिनों तक यूक्रेन को ऐसी कोई चेतावनी नहीं मिली। हालांकि, जेलेंस्की ने कहा कि बाद में यह व्यवस्था फिर बहाल कर दी गई। उन्होंने कहा, "कुछ समय के लिए इसे रोक दिया गया था। बाद में अमेरिकी पक्ष ने इसे फिर से शुरू कर दिया। इसके लिए हम बहुत आभारी हैं। अब यह फिर काम कर रहा है।"
यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के बीच तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। जेलेंस्की ने स्टारलिंक को लेकर भी चिंता जताई। स्टारलिंक, एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की ओर से संचालित सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क है, जिसका उपयोग यूक्रेन की सेना भी करती है। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह रुकावट जानबूझकर लगाई गई थी, तो उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सैन्य अधिकारियों का मानना है कि यह फैसला अमेरिकी सरकार की ओर से आया था।
उन्होंने कहा, "संदेश निश्चित रूप से सरकार की तरफ से आया था। मुझे नहीं पता कि किस विभाग या किस अधिकारी की ओर से।" जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी अधिकारियों का मानना है कि वॉशिंगटन के निर्देश मिलने के बाद स्पेसएक्स ने तकनीकी रूप से इन पाबंदियों को लागू किया। हालांकि, उन्होंने यह माना कि उन्हें नहीं पता कि अमेरिका में किस अधिकारी ने इसकी अनुमति दी थी।
जब उनसे पूछा गया कि क्या सैटेलाइट सेवाएं पूरी तरह बहाल हो गई हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, "नहीं, बिल्कुल नहीं। अभी भी कुछ सीमाएं हैं।" दूसरी तरफ, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने जेलेंस्की के दावों को चुनौती दी। उसी कार्यक्रम में अलग इंटरव्यू के दौरान बेसेंट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ तौर पर कहा है कि ट्रंप प्रशासन में किसी ने भी स्टारलिंक पर ऐसी कोई पाबंदी लगाने का आदेश नहीं दिया।
बेसेंट ने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप और मंत्री रुबियो स्पष्ट रूप से कह चुके हैं कि ट्रंप प्रशासन में किसी ने ऐसा नहीं किया।" उन्होंने जेलेंस्की के आरोपों को गैर-जिम्मेदाराना बताया और कहा कि उन्हें खुफिया जानकारी साझा करने में आई कथित रुकावट के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा क‍ि मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता, लेकिन हमने अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है।
दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के कारण यह मामला अभी भी साफ नहीं है कि संचार सेवाओं में रुकावट किसने पैदा की और अमेरिका ने खुफिया जानकारी साझा करना अस्थायी रूप से क्यों रोका था।
जेलेंस्की ने कहा कि यूरोपीय देशों का समर्थन बढ़ने के बावजूद यूक्रेन अब भी अमेरिकी सैन्य सहायता पर काफी हद तक निर्भर है। उन्होंने कहा क‍ि अगर अमेरिका का समर्थन न हो, तो स्थिति बहुत मुश्किल हो जाती है।
गौरतलब है कि रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू किया था। तब से अमेरिका द्वारा दी जाने वाली खुफिया जानकारी, हथियार और सैटेलाइट संचार सेवाएं यूक्रेन की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं, खासकर मिसाइल और ड्रोन हमलों से निपटने में।
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