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Moscow मॉस्को। सर्गेई लावरोव ने कहा है कि यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका द्वारा अलास्का के एंकरेज में प्रस्तुत प्रस्तावों पर रूस की सहमति के बावजूद अब तक वॉशिंगटन की ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला है। उन्होंने यह टिप्पणी प्रिमाकोव रीडिंग्स इंटरनेशनल साइंटिफिक एंड एक्सपर्ट फोरम में संबोधन के दौरान की। रूसी विदेश मंत्री के अनुसार, रूस-अमेरिका शिखर वार्ता से पहले अमेरिकी पक्ष ने कुछ स्पष्ट प्रस्ताव रखे थे, जिन्हें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्वीकार कर लिया था। लावरोव ने कहा कि रूस को उम्मीद थी कि इस पर सहमति बन चुकी है और आगे शांति प्रक्रिया को गति मिलेगी, लेकिन कई सप्ताह बीत जाने के बाद भी अमेरिका की ओर से कोई अंतिम प्रतिक्रिया नहीं आई है।
लावरोव ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय नेताओं और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ चर्चा की, लेकिन इसके बावजूद प्रस्ताव पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि अलास्का में हुई चर्चा केवल अस्थायी युद्धविराम तक सीमित नहीं थी, बल्कि दीर्घकालिक और स्थायी शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थी। रूस का मानना था कि इससे संघर्ष समाप्त करने और अन्य विवादित मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने का रास्ता खुलेगा। लावरोव ने यह भी आरोप लगाया कि वार्ता के बाद अमेरिका ने रूस पर नए प्रतिबंध लगाए और पहले से लागू प्रतिबंधों को भी बढ़ाया। उन्होंने दोहराया कि रूस अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों और यूक्रेन में रूसी भाषी आबादी की सुरक्षा से जुड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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