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इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की कैद को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को उनके बेटे कासिम खान ने पाकिस्तानी अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनकी तीन बुआओं को जबरन हिरासत में रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार और वकीलों को अब तक उनकी स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। कासिम ने यह भी दावा किया कि पिछले छह महीने से अधिक समय से उनका और उनके भाई का अपने पिता इमरान खान से कोई संपर्क नहीं हुआ है। उन्होंने पिता की सेहत को लेकर चिंता जताते हुए पाकिस्तानी अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। हालांकि, तीनों महिलाओं को सितंबर में सार्वजनिक व्यवस्था संबंधी कानून के तहत हिरासत में लिए जाने की पुष्टि हुई है, लेकिन कासिम के अपहरण संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इमरान खान के बेटे कासिम खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए अपनी तीन बुआओं की स्थिति को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि परिवार लगातार उनकी जानकारी प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन अधिकारियों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।कासिम खान ने अपने पोस्ट में लिखा, "फिलहाल, मेरी बुआएं अभी भी अगवा हैं। परिवार और वकीलों को कोई जानकारी नहीं मिली है कि वे कैसी हैं या उन्हें क्यों कैद किया गया है। मेरे पिता के बारे में पूरी तरह खामोशी है। छह महीने से ज्यादा समय से मेरा और मेरे भाई का उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ है। हमें उनकी सेहत की असली हालत भी नहीं पता है।"उनके इस बयान के बाद इमरान खान के परिवार के सदस्यों की हिरासत और पूर्व प्रधानमंत्री से मुलाकात पर लगी कथित पाबंदियों को लेकर नए सवाल खड़े हुए हैं।
इमरान खान की तीन बहनों को सितंबर में किया गया था गिरफ्तार
इमरान खान की तीन बहनों अलीमा खान, डॉ. उज्मा खान और नूरीन नियाजी को सितंबर में हिरासत में लिया गया था। अलीमा खान को 20 सितंबर और अन्य दो बहनों को 21 सितंबर को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी।तीनों महिलाओं की गिरफ्तारी पंजाब के मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (MPO) अध्यादेश के तहत की गई थी। प्रशासन ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए 30 दिनों के लिए उनकी हिरासत का आदेश जारी किया था।यह कार्रवाई पीटीआई के प्रस्तावित इस्लामाबाद मार्च से पहले की गई थी। पार्टी ने उस समय पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई और जेल में उनकी स्थिति के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने की मांग को लेकर व्यापक प्रदर्शन का आह्वान किया था।
मानवाधिकार संगठन ने भी गिरफ्तारी पर जताई थी चिंता
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी इमरान खान के परिवार के सदस्यों और पीटीआई कार्यकर्ताओं की हिरासत को लेकर चिंता व्यक्त की थी।21 सितंबर को जारी बयान में संगठन ने कहा था कि परिवार के सदस्यों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की मनमानी गिरफ्तारी व्यक्तिगत स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की आजादी और शांतिपूर्ण सभा के अधिकार से संबंधित गंभीर सवाल पैदा करती है।संगठन ने पाकिस्तानी अधिकारियों से हिरासत में लिए गए लोगों के अधिकारों का सम्मान करने और कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने की मांग की थी।
छह महीने से पिता से संपर्क नहीं होने का दावा
कासिम खान ने अपनी बुआओं की हिरासत के साथ पिता इमरान खान की स्थिति को भी जोड़ा है।उनके अनुसार, वह और उनके भाई पिछले छह महीने से अधिक समय से इमरान खान से बातचीत नहीं कर पाए हैं। उन्होंने दावा किया कि परिवार को पूर्व प्रधानमंत्री की वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी भी नहीं मिल रही है।इमरान खान अगस्त 2023 से पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। वर्तमान में उन्हें रावलपिंडी की अदियाला जेल में रखा गया है।उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और अन्य मामलों में कानूनी कार्रवाई हुई है। कई मामलों में उनकी सजा निलंबित या रद्द भी हुई है, जबकि कुछ मामलों की न्यायिक प्रक्रिया जारी है।इमरान खान और उनकी पार्टी लगातार यह दावा करते रहे हैं कि उनके खिलाफ दर्ज मामले राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तानी अधिकारियों ने राजनीतिक उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है।
इमरान खान की रिहाई के लिए सड़कों पर उतरे समर्थक
पूर्व प्रधानमंत्री की रिहाई की मांग को लेकर पाकिस्तान में पीटीआई कार्यकर्ता व्यापक आंदोलन कर रहे हैं।4 अक्टूबर को पार्टी समर्थकों ने खैबर पख्तूनख्वा से इस्लामाबाद की ओर विरोध मार्च शुरू किया था। इस आंदोलन का नेतृत्व खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी कर रहे हैं।प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में इमरान खान की रिहाई, उनके स्वास्थ्य की स्वतंत्र जांच और परिवार के सदस्यों से मुलाकात की अनुमति शामिल है।पाकिस्तानी सरकार ने राजधानी में सुरक्षा बढ़ाने के साथ कई प्रमुख रास्तों पर अवरोधक लगाए हैं। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने को इन उपायों का कारण बताया है।
कासिम खान ने आंदोलन का किया समर्थन
कासिम खान ने अपने पोस्ट में पाकिस्तान में जारी विरोध प्रदर्शनों का भी उल्लेख किया।उन्होंने दावा किया कि हजारों पाकिस्तानी उनके पिता की कैद के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतर रहे हैं।कासिम ने आरोप लगाया कि इमरान खान को राजनीतिक कारणों से जेल में रखा गया है। उन्होंने कहा कि लोगों को न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग करने से नहीं रोका जा सकता।उनके अनुसार, पाकिस्तान के नागरिक लगातार अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं और विरोध प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं।उन्होंने कहा कि बैरिकेड, डराने-धमकाने और दमन की कार्रवाई लोगों की न्याय की मांग तथा अपनी बात रखने के लोकतांत्रिक अधिकार को समाप्त नहीं कर सकती।
सरकार और पीटीआई के बीच बढ़ा टकराव
इमरान खान की रिहाई को लेकर पाकिस्तान सरकार और पीटीआई के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है।प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार और पीटीआई प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन दोनों पक्ष किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके।इसके बाद पार्टी ने इस्लामाबाद की ओर मार्च करने का फैसला किया।पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा है कि सरकार कानून का उल्लंघन करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।वहीं, पीटीआई नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन उनका संवैधानिक अधिकार है और वे इमरान खान की रिहाई की मांग जारी रखेंगे।सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर भी पार्टी के कुछ आरोपों का खंडन किया है।
परिवार की हिरासत और इमरान खान की सेहत पर सवाल
इमरान खान की तीन बहनों की गिरफ्तारी के बाद परिवार और पीटीआई नेताओं ने उनकी रिहाई की मांग उठाई है।पीटीआई महासचिव सलमान अकरम राजा ने सितंबर में तीनों महिलाओं की हिरासत का विरोध करते हुए इसके कानूनी आधार पर सवाल उठाए थे।उन्होंने कहा था कि बिना किसी विशिष्ट अपराध के आरोप के केवल संभावित गतिविधियों की आशंका के आधार पर लंबे समय तक हिरासत में रखना उचित नहीं है।हालांकि, प्रशासन ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए लागू कानून के तहत गिरफ्तारी के आदेश जारी किए थे।कासिम खान के ताजा बयान में तीनों महिलाओं की वर्तमान स्थिति और इमरान खान से संपर्क न होने को लेकर चिंता व्यक्त की गई है।
पाकिस्तान के राजनीतिक घटनाक्रम पर बनी नजर
इमरान खान की कैद, उनके परिवार के सदस्यों की हिरासत और पीटीआई के विरोध प्रदर्शनों के कारण पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव बना हुआ है।कासिम खान ने आरोप लगाया है कि परिवार को जरूरी जानकारी नहीं दी जा रही है और उनके पिता से संपर्क के प्रयास सफल नहीं हुए हैं।फिलहाल उनके इन ताजा आरोपों पर पाकिस्तानी अधिकारियों की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया की पुष्टि नहीं हुई है। तीनों महिलाओं को सितंबर में हिरासत में लिए जाने की जानकारी उपलब्ध है, लेकिन उनकी वर्तमान स्थिति को लेकर परिवार के दावों का स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक है।इस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई, परिवार के सदस्यों से मुलाकात की व्यवस्था और इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति से संबंधित आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
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