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Washington वॉशिंगटन: व्हाइट हाउस ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अमेरिका का नियंत्रण है। उसका दावा है कि अमेरिकी सेना ने ईरानी बारूदी सुरंगों (माइंस) को हटा दिया है, लगभग 1,500 कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा की है और तेहरान को इस अहम समुद्री रास्ते से तेल निर्यात करने से रोका है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का हवाला देते हुए व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी सेना वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बनाए हुए है और साथ ही ईरान को उस कमाई से वंचित कर रही है, जिसका इस्तेमाल वॉशिंगटन के अनुसार अंतरराष्ट्रीय व्यापार को खतरे में डालने के लिए किया जा सकता था।
प्रशासन ने ये दावे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन बार-बार दिए गए बयानों के समर्थन में सबूत के तौर पर पेश किए, जिनमें उन्होंने कहा था कि अमेरिकी नौसेना ने जलडमरूमध्य पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। व्हाइट हाउस की विज्ञप्ति में ईरान की ओर से कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं थी।
प्रशासन के अनुसार, जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन से ईरानी बारूदी सुरंगों को हटा दिया गया है।
उसने कहा कि अमेरिकी सुरक्षा में लगभग 1,500 कमर्शियल जहाजों ने इस समुद्री रास्ते से यात्रा की और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक 750 मिलियन बैरल कच्चा तेल पहुंचाया।
व्हाइट हाउस ने यह भी दावा किया कि जुलाई में अमेरिकी नाकेबंदी (ब्लॉकेड) फिर से शुरू होने के बाद से ईरान ने अपने तटों से कोई तेल निर्यात नहीं किया है। उसने कहा कि अमेरिकी सेना ने उन लगभग 75 जहाजों को वापस लौटा दिया, जिन्होंने नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश की थी।
बयान में कहा गया है कि खाड़ी से तेल निर्यात अमेरिकी ऑपरेशन से पहले के स्तर के लगभग दो-तिहाई तक पहुंच गया है और इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
ट्रंप ने 10 अगस्त को कहा, "अभी होर्मुज जलडमरूमध्य पर सिर्फ अमेरिकी नौसेना का नियंत्रण है।"
उन्होंने आगे कहा, "हमारी नाकेबंदी अचूक रही है। यह एक स्टील की दीवार की तरह है... जलडमरूमध्य पर हमारा 100% नियंत्रण है।"
ट्रंप ने अगस्त के दौरान कई बार यह बात दोहराई है। गुरुवार को उन्होंने कहा कि जलडमरूमध्य पर अमेरिका का नियंत्रण है, जबकि ईरान को इसके जरिए कुछ भी हासिल नहीं हो रहा है।
ट्रंप ने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है। हमारा नियंत्रण है और हमने नाकेबंदी कर रखी है। ईरान को कुछ नहीं मिल रहा है; वहां से कुछ भी नहीं गुजर रहा है।"
प्रशासन का तर्क है कि अमेरिकी सैन्य अभियानों और ईरानी निर्यात पर नाकेबंदी के कारण ईरान की इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रास्ते का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए करने की क्षमता कमजोर हो गई है।
पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार केटी मैकफारलैंड ने कहा कि जलडमरूमध्य को बंद करके ईरान ने अपनी स्थिति का गलत आकलन किया और हद से ज्यादा दांव खेला।
व्हाइट हाउस द्वारा उद्धृत बयानों में मैकफारलैंड ने कहा, "50 वर्षों तक ईरान ने दुनिया को ब्लैकमेल किया। अब ऐसा नहीं होगा। वह दांव खत्म हो चुका है।" वेस्ट पॉइंट में अर्बन वॉरफेयर स्टडीज़ के प्रमुख जॉन स्पेंसर ने कहा कि तेहरान के बयानों के बावजूद, अमेरिका की नाकेबंदी असरदार रही।
उन्होंने कहा, "ईरान का यह दावा गलत है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज) को बंद कर दिया है। उसने न तो जलडमरूमध्य को बंद किया है और न ही समुद्री यातायात को प्रभावी ढंग से रोका है।"
व्हाइट हाउस ने कहा कि यह नाकेबंदी आर्थिक दबाव बनाने के उस बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसका मकसद ईरान को कमाई के स्रोतों से अलग-थलग करना है।
प्रशासन ने कहा, "ईरानी सरकार पर आर्थिक दबाव और बढ़ रहा है।"
उन्होंने 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' का ज़िक्र किया, जो ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने और तेहरान की बची-खुची वित्तीय जीवन-रेखाओं (जिनका ज़िक्र वॉशिंगटन करता है) को बाधित करने के लिए चलाया गया अमेरिकी अभियान है।
व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप ईरान पर तब तक दबाव बनाते रहेंगे जब तक कि वह देश अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए खतरा न रह जाए। उन्होंने यह नहीं बताया कि किन सैन्य या कूटनीतिक शर्तों के आधार पर वॉशिंगटन नाकेबंदी खत्म करेगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य एक संकरा समुद्री रास्ता है जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। खाड़ी के कई देशों से तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का निर्यात इसी रास्ते से होता है, इसलिए भारत समेत ऊर्जा आयात करने वाले देशों के लिए इसकी सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है।
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