बच्चों को नुकसान पहुंचाने का आरोप, आठ राज्यों ने OpenAI को अदालत में घेरा
आठ अमेरिकी राज्यों ने OpenAI पर किया केस
वॉशिंगटन: कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चैटबॉट ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI के खिलाफ अमेरिका के आठ राज्यों ने मुकदमे दायर किए हैं। राज्यों का आरोप है कि कंपनी ने बच्चों और अन्य संवेदनशील उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए तथा अपने उत्पाद से जुड़े जोखिमों के बारे में अभिभावकों को गुमराह किया। बुधवार, 14 अक्टूबर को सामने आई इस कार्रवाई में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, निजी जानकारी और चैटबॉट के साथ बढ़ती भावनात्मक निर्भरता से जुड़े सवाल उठाए गए हैं। ये आरोप मुकदमों का हिस्सा हैं।
कार्रवाई करने वाले राज्यों में आयोवा, कंसास, नेब्रास्का, वेस्ट वर्जीनिया, अर्कांसस, एरिजोना, इडाहो और मोंटाना शामिल हैं। इन राज्यों ने अपनी-अपनी अदालतों में अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। आयोवा की अटॉर्नी जनरल ब्रेना बर्ड ने संवाददाता सम्मेलन में कार्रवाई की घोषणा की। इस दौरान कंसास के अटॉर्नी जनरल क्रिस कोबैक, नेब्रास्का के माइक हिल्गर्स और वेस्ट वर्जीनिया के जेबी मैककस्की भी मौजूद थे। राज्यों ने अपने संबंधित उपभोक्ता संरक्षण कानूनों के तहत कंपनी की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
आयोवा की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि OpenAI ने लोगों के सामने ChatGPT को सुरक्षित और सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाले उत्पाद के रूप में पेश किया। राज्य का कहना है कि चैटबॉट का अत्यधिक सहमत होने वाला व्यवहार और मानवीय सहानुभूति जैसा संवाद संवेदनशील उपयोगकर्ताओं के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। शिकायत में नुकसानदेह चिकित्सकीय सलाह, आत्मघाती व्यवहार को प्रोत्साहन और दूसरों को नुकसान पहुंचाने वाले जवाबों के आरोप भी शामिल हैं। बर्ड ने कार्रवाई का उद्देश्य बच्चों की रक्षा और राज्य कानून का पालन सुनिश्चित करना बताया।
एरिजोना की अटॉर्नी जनरल क्रिस मेयस ने मैरिकोपा काउंटी सुपीरियर कोर्ट में मामला दायर किया है। शिकायत के मुताबिक, ChatGPT की डिजाइन और प्रचार से उपयोगकर्ताओं में उसकी विश्वसनीयता को लेकर ऐसा भरोसा पैदा हुआ, जिसके अनुरूप सुरक्षा उपलब्ध नहीं थी। राज्य ने आरोप लगाया कि लगातार सहमति जताने और भावनात्मक निकटता दिखाने वाली विशेषताएं नाबालिगों को अधिक समय तक मंच पर बनाए रखने में मदद करती हैं। शिकायत में इसे कंपनी के व्यावसायिक हितों और निजी जानकारी जुटाने से भी जोड़ा गया है।
एरिजोना की शिकायत में बच्चों की स्वतंत्र सोच प्रभावित होने, निराधार आशंकाओं या भ्रम को बढ़ावा मिलने, असुरक्षित स्वास्थ्य सलाह और नुकसानदेह संबंधों को प्रोत्साहन मिलने जैसे आरोप लगाए गए हैं। राज्य का यह भी कहना है कि कुछ परिस्थितियों में चैटबॉट नाबालिगों को निजी बातें उससे साझा करने के लिए प्रेरित करता है और परिवार, दोस्तों या अन्य भरोसेमंद लोगों से वही जानकारी साझा करने से हतोत्साहित करता है। शिकायत के अनुसार, ऐसे जोखिमों की जानकारी उपभोक्ताओं को पर्याप्त रूप से नहीं दी गई।
मोंटाना की कार्रवाई में भी अभिभावकों की सहमति और बच्चों की निजी जानकारी के संरक्षण का मुद्दा उठाया गया है। राज्य के अटॉर्नी जनरल ऑस्टिन नुडसन का आरोप है कि कंपनी ने आवश्यक जानकारी देने और अभिभावकीय सहमति लेने की जिम्मेदारियां पूरी नहीं कीं। शिकायत में ChatGPT की विश्वसनीयता और उपयोगिता को लेकर किए गए प्रचार पर भी सवाल हैं। राज्य का कहना है कि उपभोक्ताओं को उत्पाद से जिस स्तर की भरोसेमंद सेवा की उम्मीद दिलाई गई, उसका वास्तविक व्यवहार उससे मेल नहीं खाता।
राज्यों ने अदालतों से आर्थिक दंड और हर्जाने के साथ उत्पाद के संचालन में बदलाव कराने की मांग की है। कुछ मांगें नाबालिगों के लिए उम्र की पुष्टि, बेहतर अभिभावकीय नियंत्रण और निजी डेटा की सुरक्षा से संबंधित हैं। नेब्रास्का ने उपयोग का समय सीमित करने के आसान विकल्प तथा युवाओं के लिए संकट सहायता और डिजिटल सुरक्षा शिक्षा का समर्थन करने वाली योजना की मांग भी रखी है। ये अदालत के सामने रखी गई मांगें हैं, इन्हें लागू करने का आदेश समझना सही नहीं होगा।
OpenAI ने अपनी प्रतिक्रिया में सुरक्षा उपायों का बचाव किया है। कंपनी के प्रवक्ता ड्रू पुसाटेरी ने कहा कि उत्पाद में उम्र के अनुसार सुरक्षा प्रावधान मौजूद हैं। उन्होंने अभिभावकीय नियंत्रण, बीच में विराम लेने के रिमाइंडर और उम्र के अनुरूप मॉडल सुरक्षा का उल्लेख किया। कंपनी का कहना है कि कोई व्यवस्था पूरी तरह त्रुटिरहित नहीं हो सकती और वह विशेषज्ञों के साथ अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर काम जारी रखेगी। उसने पूरे एआई उद्योग पर लागू होने वाली व्यावहारिक नीतियों के लिए राज्यों के साथ काम करने की प्रतिबद्धता भी जताई है।