बिज़नेस : धनतेरस के मौके पर सोना और चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में लोग कीमती धातुओं के सिक्के, आभूषण और बर्तन खरीदते हैं। अगर आप भी इस धनतेरस पर चांदी का सिक्का खरीदने की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। खुदरा बाजार में चांदी का भाव घटकर करीब 2,05,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया है। एक दिन पहले के मुकाबले इसमें 5,000 रुपये की गिरावट हुई है।
चांदी की कीमतों में आई इस नरमी से त्योहार पर खरीदारी करने वाले ग्राहकों को कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, बाजार में चांदी का भाव घटने के बावजूद सिक्कों की कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं। इसकी वजह सिक्के की शुद्धता, वजन, डिजाइन, पैकेजिंग और मेकिंग चार्ज है। ऐसे में केवल कम कीमत देखकर चांदी का सिक्का खरीदना नुकसानदायक हो सकता है। खरीदारी से पहले चार महत्वपूर्ण गलतियों से बचना जरूरी है।
धनतेरस पर चांदी का ताजा भाव कितना है?
6 नवंबर को उपलब्ध खुदरा बाजार के आंकड़ों के अनुसार चांदी की कीमत में 2.22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अब 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव करीब 2.05 लाख रुपये प्रति किलोग्राम है। इस हिसाब से अलग-अलग वजन के चांदी की कीमत इस प्रकार है:
चांदी का वजन अनुमानित कीमत
1 ग्राम ₹205
8 ग्राम ₹1,640
10 ग्राम ₹2,050
100 ग्राम ₹20,500
1 किलोग्राम ₹2,05,000
ये चांदी के धातु मूल्य के संकेतात्मक भाव हैं। सिक्का खरीदते समय मेकिंग चार्ज, पैकेजिंग और लागू GST के कारण अंतिम कीमत अधिक हो सकती है।
वहीं, वायदा बाजार यानी MCX में 4 दिसंबर 2026 की एक्सपायरी वाला चांदी का कॉन्ट्रैक्ट 6 नवंबर को सुबह करीब 11:40 बजे 1,83,270 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था। ध्यान रखें कि MCX वायदा भाव और खुदरा बाजार में मिलने वाली चांदी की कीमत अलग होती है।
गलती नंबर 1: शुद्धता की जांच किए बिना खरीदना
चांदी का सिक्का खरीदते समय सबसे बड़ी गलती उसकी शुद्धता की जांच नहीं करना है। बाजार में अलग-अलग शुद्धता वाले चांदी के सिक्के उपलब्ध होते हैं। इनमें 999 फाइन सिल्वर यानी 99.9 प्रतिशत शुद्ध चांदी वाले सिक्के भी शामिल हैं।
अगर आप निवेश या भविष्य में बेचने के उद्देश्य से चांदी का सिक्का खरीद रहे हैं तो उसकी शुद्धता की जानकारी जरूर लें। दुकानदार से पूछें कि सिक्का 999 फाइन सिल्वर का है या कम शुद्धता वाली चांदी से तैयार किया गया है।
सिर्फ सिक्के पर 999 लिखा देखकर भरोसा न करें। विक्रेता से शुद्धता का प्रमाण और बिल में उसका स्पष्ट उल्लेख मांगें। चांदी की हॉलमार्किंग भारत में स्वैच्छिक है। हालांकि, BIS के तहत हॉलमार्क किए गए चांदी के आभूषणों और वस्तुओं पर BIS मार्क, SILVER, शुद्धता ग्रेड और छह अंकों का HUID कोड होना चाहिए। इसकी जांच BIS Care ऐप के माध्यम से की जा सकती है।
गलती नंबर 2: बाजार भाव से ज्यादा कीमत चुकाना
दूसरी बड़ी गलती बाजार का भाव जाने बिना चांदी का सिक्का खरीद लेना है। कई बार दुकानदार सिक्के की डिजाइन, पैकिंग और ब्रांड के नाम पर अतिरिक्त कीमत वसूलते हैं। ग्राहक भी त्योहार की जल्दबाजी में इन बातों पर ध्यान नहीं देते।
उदाहरण के लिए, 6 नवंबर के खुदरा बाजार भाव के अनुसार 10 ग्राम 999 चांदी का मूल धातु मूल्य करीब 2,050 रुपये बैठता है। लेकिन इसी वजन का तैयार सिक्का इससे अधिक कीमत पर मिल सकता है।
इसलिए खरीदारी करने से पहले कम से कम दो से तीन ज्वेलर्स से कीमत जरूर पूछें। उनसे चांदी का प्रति ग्राम भाव, सिक्के का वजन और अतिरिक्त चार्ज अलग-अलग बताने को कहें। इससे आपको पता चलेगा कि आप वास्तविक कीमत से कितना अधिक भुगतान कर रहे हैं।
गलती नंबर 3: मेकिंग चार्ज और GST को नजरअंदाज करना
कई ग्राहक केवल चांदी का भाव पूछकर खरीदारी कर लेते हैं और अंतिम बिल में जुड़ने वाले अतिरिक्त शुल्क पर ध्यान नहीं देते। सिक्के की डिजाइन, निर्माण और पैकिंग के कारण अलग-अलग विक्रेता अलग शुल्क लगा सकते हैं।
चांदी की तैयार वस्तुओं पर सामान्य रूप से 3 प्रतिशत GST लागू होता है। इसलिए दुकानदार से पूछें कि कीमत में GST शामिल है या अलग से जोड़ा जाएगा।
मान लीजिए, आप 10 ग्राम का 999 शुद्धता वाला चांदी का सिक्का खरीद रहे हैं। इसका धातु मूल्य करीब 2,050 रुपये है। इसके बाद मेकिंग चार्ज और अन्य लागू शुल्क जुड़ सकते हैं। GST की गणना भी अंतिम बिल के अनुसार होगी।
इसलिए केवल सिक्के की शुरुआती कीमत देखकर फैसला न करें। भुगतान से पहले पूरा हिसाब समझें और सभी शुल्कों का विवरण बिल में जरूर लें।
गलती नंबर 4: बिना पक्के बिल और बायबैक पॉलिसी के खरीदारी
चौथी गलती है बिना पक्के बिल के चांदी का सिक्का खरीदना। कई बार ग्राहक त्योहार के दौरान जल्दी में नकद भुगतान कर देते हैं और बिल लेना भूल जाते हैं। ऐसा करने से भविष्य में सिक्के की शुद्धता, वजन या कीमत को लेकर विवाद होने पर परेशानी हो सकती है।
हमेशा ऐसे ज्वेलर या विक्रेता से सिक्का खरीदें जो खरीदारी का वैध बिल देता हो। बिल में चांदी की शुद्धता, वजन, प्रति ग्राम दर, सिक्के की कीमत, अतिरिक्त शुल्क और GST का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।
इसके अलावा खरीदारी से पहले यह भी पूछ लें कि भविष्य में सिक्का बेचने या एक्सचेंज करने पर दुकान कौन-सा भाव देगी। कुछ विक्रेता अपने यहां से खरीदे गए सिक्कों पर ही बायबैक की सुविधा देते हैं, जबकि कुछ दुकानों की अपनी अलग शर्तें होती हैं।
ऑनलाइन चांदी के सिक्के खरीदते समय भी विक्रेता की विश्वसनीयता, उत्पाद का वजन, शुद्धता, अंतिम कीमत और वापसी की शर्तें जरूर जांचें।
क्या धनतेरस पर चांदी का सिक्का खरीदना फायदेमंद है?
धनतेरस पर चांदी खरीदने का धार्मिक और पारंपरिक महत्व है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। कई परिवार इस अवसर पर चांदी के सिक्के खरीदकर पूजा में रखते हैं। वहीं कुछ लोग इसे लंबे समय के लिए बचत और निवेश का माध्यम भी मानते हैं।
हालांकि, चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है। इसलिए केवल त्योहार पर कीमत कम होने के आधार पर बड़े निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। अगर आपका उद्देश्य धार्मिक परंपरा निभाना है तो अपने बजट के अनुसार सिक्का खरीद सकते हैं। लेकिन निवेश के उद्देश्य से खरीदारी कर रहे हैं तो शुद्धता, खरीद मूल्य, अतिरिक्त शुल्क और भविष्य में बिक्री की शर्तों को जरूर समझें।
खरीदारी से पहले इन चार बातों को रखें याद
धनतेरस पर चांदी का सिक्का खरीदते समय उसकी शुद्धता जांचें, बाजार भाव से तुलना करें, मेकिंग चार्ज और GST का हिसाब समझें और पक्का बिल जरूर लें। इन छोटी-छोटी सावधानियों से आप त्योहार की खरीदारी में अनावश्यक खर्च और धोखाधड़ी से बच सकते हैं।
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