नई दिल्ली: बैंक कर्मचारियों की प्रस्तावित तीन दिन की हड़ताल से पहले 5-डे वर्किंग को लेकर सरकार और बैंक कर्मचारी संगठनों के बीच विवाद बढ़ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने दावा किया है कि सरकार की ओर से बैंकों में सप्ताह में सिर्फ पांच दिन काम करने का कोई औपचारिक वादा नहीं किया गया था। सूत्रों के अनुसार, सैलरी रिवीजन से जुड़ी बातचीत के दौरान भी इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बनी थी।
वहीं, बैंक यूनियनों का कहना है कि पांच दिन काम और दो दिन छुट्टी को लेकर पहले ही सहमति बन चुकी थी। इसी मतभेद के कारण अब कर्मचारी संगठन हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं।
मार्च 2024 के समझौते को लेकर अलग-अलग दावे
बैंक कर्मचारियों के संगठन AIBOC का दावा है कि मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन यानी IBA और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच वेतन और सेवा शर्तों को लेकर समझौता हुआ था। यूनियन के मुताबिक, इसी समझौते में हर शनिवार को बैंक बंद रखने का प्रावधान शामिल था।
दूसरी ओर, वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पांच दिन काम करने की मांग कर्मचारी संगठनों की तरफ से रखी गई थी और इस पर सरकार तथा यूनियनों के बीच अंतिम सहमति नहीं बनी। इस वजह से दोनों पक्ष इस मुद्दे को अलग-अलग तरीके से पेश कर रहे हैं।
28 सितंबर से तीन दिन की हड़ताल
बैंक यूनियनों ने 28 सितंबर से तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। इसमें देश की प्रमुख बैंक कर्मचारी यूनियनें हिस्सा लेने वाली हैं। AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC जैसे संगठन इस आंदोलन में शामिल हैं।
यूनियनों का दावा है कि इन संगठनों से बैंकिंग सेक्टर के 90 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी जुड़े हुए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक पांच दिन के कार्य सप्ताह को लागू करने की निश्चित तारीख नहीं बताई जाती, तब तक उनकी मांग को लेकर विरोध जारी रहेगा।
PLI बोनस को लेकर भी मतभेद
5-डे वर्किंग के अलावा बैंक अधिकारियों के लिए लागू किए गए परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI को लेकर भी कर्मचारी संगठनों और सरकार के बीच मतभेद है।
रिपोर्ट के अनुसार, स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए प्रदर्शन के आधार पर अतिरिक्त इंसेंटिव की व्यवस्था की गई है। इसमें पात्र अधिकारियों को उनकी बेसिक सैलरी के बराबर तक प्रोत्साहन राशि मिलने का प्रावधान बताया गया है। बैंक यूनियनें इस व्यवस्था को लेकर भी आपत्ति जता रही हैं।
रविवार को खुलेंगे सरकारी तथा ग्रामीण बैंक
तीन दिन की हड़ताल से बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है। ग्राहकों को नकद निकासी, चेक से जुड़े काम और अन्य बैंकिंग सेवाओं में कम से कम परेशानी हो, इसके लिए पब्लिक सेक्टर बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को 27 सितंबर, रविवार को काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं का कामकाज प्रभावित हो सकता है। ऐसे में जिन ग्राहकों को जरूरी बैंकिंग काम निपटाने हैं, उनके लिए हड़ताल से पहले उपलब्ध सेवाओं का इस्तेमाल करना उपयोगी रहेगा।
अक्टूबर में भी बैंक छुट्टियों की संख्या अधिक रहने वाली है। RBI के कैलेंडर के अनुसार, अलग-अलग राज्यों और स्थानीय त्योहारों के कारण बैंक कई दिनों तक बंद रहेंगे। गांधी जयंती के मौके पर 2 अक्टूबर को देशभर में बैंकिंग अवकाश रहेगा।
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