फिर बढ़े ईंधन के रेट, पेट्रोल और डीजल खरीदना हुआ महंगा

Update: 2026-07-29 12:27 GMT

बिजनेस  :  मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच पाकिस्तान सरकार ने एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। सरकार ने पेट्रोल की कीमत में 1.63 रुपये प्रति लीटर और हाई स्पीड डीजल (HSD) के दाम में 1.55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें बुधवार 29 जुलाई से लागू कर दी गई हैं।

पाकिस्तान पेट्रोलियम डिवीजन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, इस बढ़ोतरी के बाद देश में पेट्रोल की खुदरा कीमत बढ़कर 335.81 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं हाई स्पीड डीजल की कीमत अब 388.38 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले टैक्स और ड्यूटी में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है। पेट्रोल पर करीब 110 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर करीब 96 रुपये प्रति लीटर टैक्स और ड्यूटी जारी रहेगी।

पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में लगातार बदलाव का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को माना जा रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। तेल उत्पादक देशों से सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के चलते कई देशों में ईंधन की कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है।

पाकिस्तान में इससे पहले भी ईंधन की कीमतों में बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, डीजल की कीमत 3 अप्रैल को अपने उच्चतम स्तर 520.35 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी। वहीं अमेरिका-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद 28 फरवरी से डीजल के दामों में तेजी का दौर शुरू हुआ था। उस समय डीजल की कीमत करीब 281 रुपये प्रति लीटर थी, जो कुछ समय में काफी बढ़ गई।

इसी तरह पेट्रोल की कीमतों में भी मार्च के दौरान तेजी देखी गई थी। मार्च के पहले सप्ताह में पेट्रोल करीब 266 रुपये प्रति लीटर था, जो 3 अप्रैल तक बढ़कर 458.41 रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि बाद में अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलाव और सरकारी फैसलों के कारण कीमतों में कुछ राहत भी मिली।

पाकिस्तान सरकार ने इससे पहले आम जनता को राहत देने के लिए सब्सिडी वाले ईंधन की व्यवस्था करने की कोशिश की थी। अप्रैल महीने में सरकार की ओर से कुछ विशेष राहत उपायों की घोषणा की गई थी, ताकि बढ़ती कीमतों का असर कम किया जा सके। लेकिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण ईंधन बाजार पर दबाव बना हुआ है।

पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने हाल ही में कहा था कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। इसी वजह से अब ईंधन कीमतों को रोजाना तय करने की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। इससे पहले सरकार मार्च की शुरुआत से ईंधन कीमतों में साप्ताहिक बदलाव कर रही थी।

सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों के आधार पर रोजाना कीमत तय करने की जिम्मेदारी ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) को देने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य वैश्विक बाजार में होने वाले बदलावों के अनुसार घरेलू कीमतों को तेजी से समायोजित करना है।

मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के साथ ही दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों पर नजर रखी जा रही है। पाकिस्तान जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर इसका सीधा असर पड़ता है। ईंधन महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ती है, जिसका असर आम लोगों के खर्च और महंगाई पर भी पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर आगे भी दबाव बना रह सकता है। फिलहाल सरकार वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए ईंधन कीमतों में लगातार बदलाव कर रही है।

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