एकमुश्त सैटलमेंट ने बिगाड़ा खेल, अडानी एंटरप्राइजेज को भारी नुकसान

Update: 2026-07-29 13:57 GMT

मुंबई :  गौतम अडानी समूह की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, लेकिन एकमुश्त असाधारण खर्च के कारण उसे इस तिमाही में शुद्ध घाटा उठाना पड़ा। कंपनी ने जून तिमाही में 1,160 करोड़ रुपये का नेट लॉस दर्ज किया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में उसे 885 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। हालांकि, कंपनी का कहना है कि यदि एकमुश्त असाधारण नुकसान को अलग कर दिया जाए तो उसका परिचालन प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है।

अडानी एंटरप्राइजेज के अनुसार, इस तिमाही में परिचालन से होने वाली आय (Revenue from Operations) में सालाना आधार पर लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कंपनी की कुल परिचालन आय बढ़कर 32,924 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में काफी अधिक है। यह वृद्धि विभिन्न कारोबारी क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन और परियोजनाओं के विस्तार का परिणाम मानी जा रही है।

कंपनी ने बताया कि उसे इस तिमाही में 2,644 करोड़ रुपये का असाधारण नुकसान दर्ज करना पड़ा। यह राशि अमेरिकी ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) के साथ हुए सेटलमेंट भुगतान के कारण खर्च के रूप में दर्ज की गई। इसी एकमुश्त प्रभाव की वजह से कंपनी का कुल मुनाफा घाटे में बदल गया। कंपनी का कहना है कि यदि इस असाधारण मद को वित्तीय परिणामों से बाहर रखा जाए तो जून तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 1,295 करोड़ रुपये रहता, जो कारोबार की मजबूती को दर्शाता है।

तिमाही के दौरान कंपनी के कुल खर्चों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। कुल व्यय एक साल पहले के 20,970 करोड़ रुपये से बढ़कर 32,252 करोड़ रुपये हो गया, यानी इसमें लगभग 54 प्रतिशत की वृद्धि हुई। बढ़ती लागत का सबसे बड़ा कारण कच्चे माल और अन्य सामग्री की खरीद पर बढ़ा हुआ खर्च रहा।

वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, उपयोग की गई सामग्री की लागत एक वर्ष पहले के 3,393 करोड़ रुपये से बढ़कर 14,255 करोड़ रुपये हो गई। यह बढ़ोतरी कंपनी की उत्पादन गतिविधियों और कारोबार के विस्तार को भी दर्शाती है। वहीं कर्मचारियों के लाभ पर होने वाला खर्च भी बढ़ा है। पिछले वर्ष की पहली तिमाही में यह खर्च 963 करोड़ रुपये था, जो इस बार बढ़कर 1,094 करोड़ रुपये पहुंच गया।

कर (Tax) के मोर्चे पर भी कंपनी ने महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए हैं। जून तिमाही के दौरान अडानी एंटरप्राइजेज ने कुल 219 करोड़ रुपये का टैक्स खर्च दर्ज किया। इसमें 467 करोड़ रुपये का करंट टैक्स शामिल है, जबकि 248 करोड़ रुपये का डिफर्ड टैक्स क्रेडिट भी दर्ज किया गया। पिछले वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का टैक्स खर्च 571 करोड़ रुपये था।

विश्लेषकों का मानना है कि तिमाही नतीजों में दिखा घाटा मुख्य रूप से एकमुश्त असाधारण भुगतान का असर है। कंपनी का मूल कारोबार अब भी मजबूत बना हुआ है और राजस्व में 50 प्रतिशत की वृद्धि इस बात का संकेत देती है कि विभिन्न व्यवसायों में मांग और परिचालन गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। निवेशक भी आमतौर पर ऐसे वित्तीय परिणामों का मूल्यांकन करते समय असाधारण मदों और नियमित कारोबारी प्रदर्शन को अलग-अलग देखते हैं।

अडानी एंटरप्राइजेज समूह की फ्लैगशिप कंपनी है और हवाई अड्डे, डेटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन, खनन, सड़क, ऊर्जा तथा अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में सक्रिय भूमिका निभा रही है। कंपनी लगातार नए क्षेत्रों में निवेश कर रही है, जिसके चलते उसके कारोबार का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में यदि एकमुश्त असाधारण खर्च का प्रभाव नहीं रहता है और परिचालन आय इसी गति से बढ़ती रहती है, तो कंपनी के मुनाफे में भी सुधार देखने को मिल सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर कंपनी की आगामी परियोजनाओं, नकदी प्रवाह और भविष्य की विकास रणनीति पर बनी हुई है, क्योंकि मजबूत राजस्व वृद्धि के बावजूद इस तिमाही का घाटा मुख्य रूप से असाधारण वित्तीय प्रभाव का परिणाम माना जा रहा है।

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