नई दिल्ली। वेदांता समूह की प्रमुख कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (Hindustan Zinc Limited) ने पर्यावरण, सामाजिक जिम्मेदारी और बेहतर प्रबंधन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रेटिंग एजेंसी CRISIL ESG Ratings & Analytics Ltd ने कंपनी को ESG प्रदर्शन के आधार पर 'Strong' कैटेगरी में शामिल किया है। कंपनी को 'Crisil ESG 62' स्कोर दिया गया है। इसे कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि आज के समय में निवेशक किसी भी कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन के साथ-साथ उसके पर्यावरणीय और सामाजिक दायित्वों को भी अहमियत देते हैं।
हिंदुस्तान जिंक देश की प्रमुख जिंक और सिल्वर उत्पादक कंपनियों में शामिल है और यह वेदांता समूह का हिस्सा है। कंपनी की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, CRISIL ESG Ratings & Analytics Ltd ने स्वतंत्र रूप से कंपनी के ESG प्रदर्शन का मूल्यांकन किया। इस मूल्यांकन के आधार पर हिंदुस्तान जिंक को 'Crisil ESG 62' रेटिंग प्रदान की गई, जो 'Strong' श्रेणी के अंतर्गत आती है।
कंपनी के लिए इस रेटिंग की खास बात यह है कि इसे हासिल करने के लिए हिंदुस्तान जिंक ने CRISIL से किसी तरह का आवेदन नहीं किया था। रेटिंग एजेंसी ने सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारियों, कंपनी के खुलासों और विभिन्न ESG मानकों के आधार पर यह मूल्यांकन किया। कंपनी को इसकी जानकारी 21 जुलाई 2026 को बीएसई के माध्यम से मिली।
ESG रेटिंग आज के दौर में कंपनियों के मूल्यांकन का एक महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है। इसमें किसी कंपनी के तीन प्रमुख क्षेत्रों का आकलन किया जाता है। पहला क्षेत्र पर्यावरण यानी Environmental होता है, जिसमें यह देखा जाता है कि कंपनी प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, कार्बन उत्सर्जन कम करने और टिकाऊ विकास के लिए क्या कदम उठा रही है।
दूसरा क्षेत्र सामाजिक जिम्मेदारी यानी Social होता है। इसमें कर्मचारियों के हित, सुरक्षा व्यवस्था, स्थानीय समुदायों के विकास और समाज के प्रति कंपनी की जिम्मेदारियों का मूल्यांकन किया जाता है। वहीं तीसरा क्षेत्र गवर्नेंस यानी Governance होता है, जिसमें कंपनी के प्रबंधन की पारदर्शिता, नीतियां, नैतिकता और संचालन व्यवस्था को परखा जाता है।
CRISIL की 'Strong' रेटिंग मिलने से हिंदुस्तान जिंक के प्रति निवेशकों का भरोसा और मजबूत होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर निवेशक अब ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो कारोबार के साथ-साथ पर्यावरण और समाज के प्रति भी जिम्मेदारी निभाती हैं। ऐसे में ESG रेटिंग कंपनियों की बाजार छवि और निवेश आकर्षण को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
हिंदुस्तान जिंक लंबे समय से खनन क्षेत्र में काम कर रही है और कंपनी की ओर से टिकाऊ खनन, ऊर्जा बचत, जल संरक्षण और सामाजिक विकास से जुड़े कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। कंपनी का दावा है कि वह अपने संचालन में आधुनिक तकनीक और पर्यावरण अनुकूल प्रक्रियाओं को बढ़ावा दे रही है।
वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल की कंपनी के लिए यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है, जब उद्योग जगत में सतत विकास और जिम्मेदार कारोबार को लेकर तेजी से बदलाव हो रहे हैं। ESG मानकों पर बेहतर प्रदर्शन कंपनियों को वैश्विक निवेशकों के बीच प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देता है।
CRISIL की यह रेटिंग हिंदुस्तान जिंक के लिए केवल एक सम्मान नहीं बल्कि कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति और जिम्मेदार कारोबारी मॉडल की पुष्टि भी मानी जा रही है। इससे कंपनी की प्रतिष्ठा बढ़ने के साथ भविष्य में निवेश और साझेदारी के नए अवसर खुलने की संभावना है।