डेटा सेंटर स्टॉक्स पर FII की नजर, बनेगा मल्टीबैगर?

Update: 2026-07-22 13:22 GMT

बिज़नेस: भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटल इकोसिस्टम के बीच डेटा सेंटर सेक्टर निवेशकों की नजर में आ गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग, 5G नेटवर्क और ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार के कारण देश में डेटा स्टोरेज और प्रोसेसिंग की जरूरत लगातार बढ़ रही है। इसी तेजी को देखते हुए विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII अब सीधे डेटा सेंटर कंपनियों के बजाय उन कंपनियों में निवेश बढ़ा रहे हैं, जो इस सेक्टर को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराती हैं।

डेटा सेंटर को लगातार बिजली, बैकअप सिस्टम, नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है। इसी वजह से Hitachi Energy India, Cummins India और RailTel Corporation जैसी कंपनियां विदेशी निवेशकों की पसंद बन रही हैं। जून 2026 तक इन कंपनियों में FII की हिस्सेदारी बढ़ी है, जिससे बाजार में इन शेयरों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

भारत का डेटा सेंटर बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। साल 2025 में इस सेक्टर का आकार करीब 9.8 अरब डॉलर रहने का अनुमान लगाया गया था, जो आने वाले वर्षों में दोगुना से ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है। देश में अभी 130 से अधिक डेटा सेंटर संचालित हो रहे हैं, जबकि 80 से ज्यादा नए प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। AI और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग इस क्षेत्र के विकास को और गति दे रही है।

सरकार भी डेटा सेंटर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है। टैक्स छूट, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल नीतियों के कारण इस सेक्टर में घरेलू और विदेशी निवेश बढ़ रहा है। हालांकि भारत में डेटा सेंटर चलाने वाली लिस्टेड कंपनियां सीमित हैं, इसलिए FII उन कंपनियों पर भरोसा जता रहे हैं जो इस पूरे इकोसिस्टम को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती हैं।

Hitachi Energy India में FII का बढ़ता भरोसा

Hitachi Energy India उन प्रमुख कंपनियों में शामिल है, जो डेटा सेंटर के लिए जरूरी बिजली उपकरण उपलब्ध कराती है। कंपनी ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर और पावर मैनेजमेंट से जुड़े समाधान तैयार करती है। डेटा सेंटर को 24 घंटे बिना रुकावट बिजली की जरूरत होती है, इसलिए इस कंपनी की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो जाती है।

जून 2026 तक Hitachi Energy India में FII की हिस्सेदारी बढ़कर 12.44 फीसदी हो गई है। विदेशी निवेशक पिछले छह तिमाहियों से लगातार इस कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की आय में करीब 28 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि मुनाफा 157 फीसदी से ज्यादा बढ़ा। कंपनी के पास मजबूत ऑर्डर बुक भी है, जिससे भविष्य में कारोबार बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

Cummins India पर भी विदेशी निवेशकों का दांव

डेटा सेंटर सेक्टर में बिजली बैकअप सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। बिजली कटौती की स्थिति में डेटा सेंटर को लगातार संचालन के लिए बड़े जनरेटर की आवश्यकता होती है। इसी वजह से Cummins India को इस सेक्टर से फायदा मिल रहा है।

जून 2026 तक Cummins India में FII की हिस्सेदारी बढ़कर 21.2 फीसदी पहुंच गई। विदेशी निवेशकों ने लगातार पांच तिमाहियों में इस कंपनी में निवेश बढ़ाया है। कंपनी के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में उसके पावर जनरेशन कारोबार का लगभग 35 फीसदी हिस्सा डेटा सेंटर से आया।

कंपनी की बिक्री, मुनाफे और मार्जिन में भी सुधार देखने को मिला है। हालांकि कंपनी ने यह संकेत दिया है कि बड़े ऑर्डर मिलने में समय लग सकता है, इसलिए भविष्य में कारोबार में कुछ उतार-चढ़ाव संभव है।

RailTel को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा

सरकारी कंपनी RailTel Corporation of India भी FII की नजर में है। कंपनी देशभर में रेलवे के ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का संचालन करती है, जो डेटा सेंटर और इंटरनेट सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है।

RailTel डेटा सेंटर, ब्रॉडबैंड, VPN सेवाओं, स्टेशन Wi-Fi और सरकारी डिजिटल प्रोजेक्ट में सक्रिय है। जून 2026 में FII ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 4 फीसदी कर दी। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की आय और मुनाफे में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

हालांकि RailTel का बड़ा कारोबार सरकारी परियोजनाओं पर निर्भर है और कई बार भुगतान में देरी जैसी चुनौतियां सामने आती हैं।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार डेटा सेंटर सेक्टर लंबी अवधि में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बनने वाला है। FII की बढ़ती हिस्सेदारी इन कंपनियों में विदेशी निवेशकों के भरोसे को दिखाती है। हालांकि शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए निवेशकों को किसी भी निर्णय से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति और विशेषज्ञों की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

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