नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी जिंक उत्पादक कंपनी हिंदुस्तान जिंक ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के अपने शानदार वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले वेदांता ग्रुप की इस मेटल दिग्गज कंपनी ने इस तिमाही में जबरदस्त वित्तीय प्रदर्शन करते हुए मुनाफे और राजस्व दोनों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी के इस दमदार प्रदर्शन में मुख्य रूप से चांदी (सिल्वर) ऑपरेशन्स से होने वाली रिकॉर्ड कमाई ने सबसे अहम भूमिका निभाई है।
कंपनी की ओर से बोर्ड मीटिंग के बाद जारी आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही में हिंदुस्तान जिंक का समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) ₹5,469 करोड़ दर्ज किया गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह आंकड़ा ₹2,234 करोड़ था। इस तरह कंपनी के नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल आधार पर 145 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मुनाफे के साथ-साथ कंपनी के परिचालन राजस्व (Revenue from Operations) में भी तगड़ी बढ़त देखी गई है। पहली तिमाही के दौरान कंपनी का कुल राजस्व ₹13,747 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹7,771 करोड़ के मुकाबले लगभग 77 प्रतिशत अधिक है। कंपनी के कुल कारोबार में जिंक, लेड और विशेष रूप से चांदी सेगमेंट की बिक्री का बड़ा योगदान रहा।
इस तिमाही में मेटल्स सेगमेंट में चांदी का प्रदर्शन सबसे शानदार और ग्रोथ का मुख्य ड्राइवर बनकर उभरा। पहली तिमाही में सिल्वर सेगमेंट से मिलने वाला राजस्व बढ़कर ₹3,839 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के ₹1,426 करोड़ से दोगुनी से भी अधिक वृद्धि को दर्शाता है। वहीं, जिंक, लेड और अन्य धातुओं से प्राप्त राजस्व भी बढ़कर ₹9,146 करोड़ हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹6,116 करोड़ था। इसके अलावा कंपनी के विंड एनर्जी सेगमेंट से प्राप्त राजस्व ₹48 करोड़ रहा।
कंपनी की इस मजबूत वित्तीय स्थिति और शानदार नतीजों के बीच शेयरधारकों के लिए भी अच्छी खबर रही है। इससे पहले कंपनी के बोर्ड ने 24 अप्रैल, 2026 को ₹11 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की थी, जिसकी कुल राशि ₹4,648 करोड़ बनती है। हिंदुस्तान जिंक के इन नतीजों से भारतीय मेटल सेक्टर में कंपनी की मजबूत पकड़ और बढ़ती मांग का स्पष्ट संकेत मिलता है।