मिंत्रा में AI का बढ़ता इस्तेमाल, सेलर ऑनबोर्डिंग से लेकर प्रोडक्ट लॉन्च तक की प्रक्रिया हुई तेज

Update: 2026-07-18 05:23 GMT

नई दिल्ली : फैशन और लाइफस्टाइल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मिंत्रा ने बताया है कि उसकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीकी पहलों ने कंपनी के कई महत्वपूर्ण कामों को तेज और अधिक प्रभावी बना दिया है। कंपनी के अनुसार, AI के इस्तेमाल से सेलर ऑनबोर्डिंग का समय 10-15 दिन से घटकर दो दिन से भी कम रह गया है। इसके अलावा प्रोडक्ट लॉन्च, कैटलॉग तैयार करने और सप्लाई चेन से जुड़े कामों में भी काफी सुधार देखने को मिला है।

मिंत्रा के मुताबिक, AI तकनीक के इस्तेमाल से प्लेटफॉर्म पर नए विक्रेताओं को जोड़ने की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी आसान हुई है। जहां पहले सेलर को ऑनबोर्ड करने में लगभग 10 से 15 दिन लगते थे, वहीं अब यह प्रक्रिया दो दिन से भी कम समय में पूरी हो रही है। इससे न केवल विक्रेताओं को तेजी से प्लेटफॉर्म से जुड़ने में मदद मिली है, बल्कि ग्राहकों तक नए उत्पाद पहुंचाने की गति भी बढ़ी है।

कंपनी ने बताया कि AI की मदद से प्रोडक्ट कैटलॉग तैयार करने की प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां कैटलॉग बनाने में लगभग एक दिन का समय लगता था, वहीं अब यह काम करीब चार घंटे में पूरा हो जाता है। इससे नए उत्पादों को प्लेटफॉर्म पर लाने की प्रक्रिया तेज हुई है और ग्राहकों को अधिक विकल्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मिंत्रा ने यह भी बताया कि सप्लाई-चेन मैनेजमेंट में AI आधारित सिमुलेशन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके चलते सप्लाई चेन से जुड़े विश्लेषण और योजना बनाने का समय दो दिन से घटकर लगभग एक घंटे रह गया है। इससे कंपनी को मांग का अनुमान लगाने, स्टॉक मैनेजमेंट और डिलीवरी प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिल रही है।

मिंत्रा के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) प्रमोद आदिद्दम ने बताया कि कंपनी की इंजीनियरिंग टीमों में AI का इस्तेमाल काफी व्यापक स्तर पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग टीमों में कोडिंग के लिए AI का उपयोग लगभग 100 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इससे डेवलपमेंट प्रक्रिया तेज हुई है और नए फीचर्स को पहले की तुलना में 40 प्रतिशत तेजी से लॉन्च करने में मदद मिली है।

CTO के अनुसार, मिंत्रा में केवल इंजीनियरिंग टीम ही नहीं, बल्कि प्रोडक्ट, इंजीनियरिंग और डेटा साइंस टीमें भी अपने दैनिक कार्यों में AI का इस्तेमाल कर रही हैं। कंपनी का कहना है कि AI अब उसके कामकाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है और इसका उपयोग निर्णय लेने, उत्पाद विकास और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है।

ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए भी मिंत्रा AI तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। कंपनी के अनुसार, उसके लगभग 90 प्रतिशत मंथली एक्टिव यूजर्स को अब पर्सनलाइज्ड सर्च अनुभव मिल रहा है। इसका मतलब है कि ग्राहकों को उनकी पसंद, पिछली गतिविधियों और खरीदारी के व्यवहार के आधार पर अधिक प्रासंगिक उत्पाद दिखाए जा रहे हैं।

मिंत्रा की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मई 2025 तक प्लेटफॉर्म पर 70 मिलियन से अधिक मंथली एक्टिव यूजर्स मौजूद हैं। इतनी बड़ी संख्या में ग्राहकों के लिए व्यक्तिगत अनुभव उपलब्ध कराना कंपनी के लिए एक बड़ी तकनीकी चुनौती है, जिसे AI की मदद से आसान बनाया जा रहा है।

कंपनी सोशल कॉमर्स के क्षेत्र में भी अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। मिंत्रा के अनुसार, सोशल कॉमर्स उसके राजस्व में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान देता है। प्लेटफॉर्म पर छह मिलियन से अधिक साइन-अप किए हुए क्रिएटर्स हैं, जबकि करीब पांच लाख मंथली एक्टिव क्रिएटर्स लगातार इससे जुड़े हुए हैं।

सोशल कॉमर्स मॉडल में क्रिएटर्स की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि वे अपने फॉलोअर्स के बीच फैशन और लाइफस्टाइल उत्पादों को बढ़ावा देते हैं। AI की मदद से कंपनी क्रिएटर्स और ग्राहकों के बीच बेहतर जुड़ाव बनाने की कोशिश कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ई-कॉमर्स क्षेत्र में AI का इस्तेमाल आने वाले समय में और बढ़ेगा। कंपनियां इसका उपयोग केवल ग्राहक सेवा तक सीमित नहीं रख रही हैं, बल्कि सप्लाई चेन, उत्पाद विकास, मार्केटिंग और आंतरिक प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के लिए भी कर रही हैं।

मिंत्रा की AI रणनीति यह दिखाती है कि डिजिटल कॉमर्स कंपनियां अब तकनीक के माध्यम से अपने संचालन को अधिक तेज, कुशल और ग्राहक केंद्रित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। सेलर ऑनबोर्डिंग से लेकर पर्सनलाइज्ड शॉपिंग अनुभव तक, AI कंपनी के कई प्रमुख क्षेत्रों में बदलाव ला रहा है।

कंपनी का कहना है कि भविष्य में भी वह AI आधारित समाधानों में निवेश जारी रखेगी, ताकि ग्राहकों, विक्रेताओं और क्रिएटर्स के लिए बेहतर अनुभव तैयार किया जा सके। तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ मिंत्रा का लक्ष्य ई-कॉमर्स क्षेत्र में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को और मजबूत करना है।

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