Mumbai मुंबई : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने इस सप्ताह मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया। घरेलू बाजार को कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों और सरकार की ओर से किए गए बड़े विनिर्माण फैसलों से समर्थन मिला। निवेशकों के सकारात्मक रुख के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में साप्ताहिक बढ़त दर्ज की गई।
सप्ताह के दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 कुल 127.4 अंक यानी 0.5 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ। वहीं, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 582.06 अंकों यानी 0.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ सप्ताह का अंत करने में सफल रहा।
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। शुक्रवार को निफ्टी 261.55 अंक यानी 1.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,334.30 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स में भी शानदार तेजी रही और यह 964.58 अंक यानी 1.25 प्रतिशत उछलकर 78,151.45 अंक पर पहुंच गया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सप्ताह के दौरान कई वैश्विक चुनौतियों के बावजूद घरेलू बाजार ने मजबूती दिखाई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बनी रही। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई और कंपनियों की लागत पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
इसके बावजूद भारतीय बाजार में घरेलू कारकों का प्रभाव सकारात्मक रहा। कई कंपनियों ने अपने तिमाही परिणामों में बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन करने वाली कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली और इसका असर प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा।
इसके अलावा सरकार की ओर से विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने वाले फैसलों ने भी बाजार की धारणा को मजबूत किया। निवेशकों को उम्मीद है कि सरकार की नीतियों से औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और आने वाले समय में कंपनियों के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिल सकता है।
सप्ताह के दौरान निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति पर लगातार बनी रही। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव देखा गया। हालांकि भारतीय बाजार ने इन चुनौतियों के बीच अपनी मजबूती बनाए रखी।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे वैश्विक परिस्थितियों पर नजर रखते हुए सावधानीपूर्वक निवेश निर्णय लें।
कुल मिलाकर, इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार ने कई चुनौतियों के बीच सकारात्मक प्रदर्शन किया। सेंसेक्स और निफ्टी में आई बढ़त ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है और बाजार में आगे भी स्थिरता की उम्मीद जताई जा रही है।