टमाटर-प्याज के बाद अदरक-धनिया भी महंगे, बिगड़ा रसोई बजट

Update: 2026-07-18 14:45 GMT

लोनी। मानसून के मौसम में लगातार बदल रहे मौसम का असर अब आम लोगों की रसोई पर भी दिखाई देने लगा है। लोनी क्षेत्र में सब्जियों की कीमतों में अचानक भारी बढ़ोतरी हो गई है, जिससे घरों का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है। टमाटर, प्याज, अदरक और हरा धनिया जैसी रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजों के दाम तेजी से बढ़ गए हैं। महंगाई के कारण गृहिणियों को अब जरूरत के हिसाब से ही सब्जियों की खरीदारी करनी पड़ रही है।

फुटकर बाजार में टमाटर की कीमत 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, जबकि अदरक 250 से 300 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। प्याज के भाव भी बढ़कर 50 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। वहीं हरा धनिया भी आम लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है और बाजार में यह 200 से 250 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।

व्यापारियों के अनुसार, मानसून के दौरान लगातार बारिश और उसके बाद तेज धूप के कारण हरी सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। खेतों में लगे पौधे खराब हो रहे हैं या उनमें कीट लगने की समस्या बढ़ गई है। इसके कारण मंडियों में सब्जियों की आवक कम हो गई है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है।

जून महीने में जहां सब्जियों की कीमतें सामान्य थीं, वहीं जुलाई की शुरुआत से ही बाजार में तेजी देखने को मिल रही है। व्यापारियों का कहना है कि जून में मंडियों में सब्जियों की सप्लाई ठीक थी, लेकिन मानसून शुरू होने के बाद उत्पादन प्रभावित हुआ और आवक घट गई। कम आपूर्ति और बढ़ती मांग के कारण सब्जियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।

सबसे ज्यादा असर टमाटर, अदरक और हरे धनिये की कीमतों पर पड़ा है। इसके अलावा अन्य सब्जियां भी महंगी हो गई हैं। जून में करीब 20 रुपये किलो बिकने वाली तरोई अब 80 रुपये किलो तक पहुंच गई है। बाजार में अरबी 50 से 60 रुपये, खीरा 40 से 50 रुपये, कच्चा आम 60 से 70 रुपये, करेला 60 रुपये, बैंगन 60 रुपये, भिंडी 80 रुपये, गोभी 120 रुपये और शिमला मिर्च 120 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है।

सब्जियों के बढ़ते दामों ने गृहिणियों की परेशानी बढ़ा दी है। महिलाओं का कहना है कि पहले वे एक साथ कई प्रकार की सब्जियां खरीद लेती थीं, लेकिन अब महंगाई के कारण मात्रा कम करनी पड़ रही है। रोजमर्रा की जरूरतों के साथ बच्चों और परिवार के भोजन का खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है।

गृहिणी करिश्मा ने बताया कि टमाटर, प्याज और अदरक जैसी जरूरी चीजों के महंगे होने से महीने का बजट बिगड़ गया है। अब सब्जियां खरीदते समय कीमतों का ध्यान रखना पड़ रहा है और जरूरत के अनुसार ही सामान लिया जा रहा है।

वहीं राधिका नाम की गृहिणी ने कहा कि परिवार के लिए रोज ताजी सब्जियों की जरूरत होती है, लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों के कारण खर्च काफी बढ़ गया है। उन्होंने महंगाई पर नियंत्रण के लिए कदम उठाने की मांग की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि खीरा जैसी सामान्य सब्जियां भी महंगी हो गई हैं, जिससे आम आदमी की परेशानी बढ़ रही है। यदि आने वाले दिनों में मौसम में सुधार नहीं हुआ और सब्जियों की आवक सामान्य नहीं हुई तो कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है।

व्यापारियों को उम्मीद है कि बारिश की स्थिति सामान्य होने और खेतों से नई फसल की आवक बढ़ने के बाद सब्जियों के दामों में कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल मानसून की मार ने लोनी के लोगों की रसोई का स्वाद और बजट दोनों प्रभावित कर दिए हैं।

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