नई दिल्ली। भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के तिमाही परिणामों में सालाना आधार पर शानदार वृद्धि देखने को मिली है। इन्फोसिस का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 12 प्रतिशत बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये हो गया है। हालांकि, तिमाही आधार पर कंपनी के मुनाफे में 8.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
कंपनी ने वित्तीय नतीजों के साथ ही नेतृत्व में बदलाव को लेकर भी बड़ी घोषणा की है। इन्फोसिस के बोर्ड ने आशीष कुमार डैश को कंपनी का नया CEO-डेजिग्नेट नियुक्त किया है। वह अप्रैल 2027 से कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) का पद संभालेंगे। इससे पहले वह 31 मार्च 2027 तक CEO-डेजिग्नेट के रूप में जिम्मेदारी निभाएंगे।
इन्फोसिस के अनुसार, बोर्ड ने नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी की सिफारिशों के आधार पर 23 जुलाई 2026 को हुई बैठक में आशीष कुमार डैश की नियुक्ति को मंजूरी दी। कंपनी ने बताया कि सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उन्हें 1 अप्रैल 2027 से CEO और MD के पद पर नियुक्त किया जाएगा।
रेवेन्यू में भी दर्ज हुई मजबूत बढ़ोतरी
इन्फोसिस के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 42,279 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस तरह कंपनी के राजस्व में सालाना आधार पर करीब 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 7,769 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा 6,921 करोड़ रुपये था। हालांकि मार्च 2026 में समाप्त पिछली तिमाही में कंपनी का मुनाफा 8,501 करोड़ रुपये था, जिसके मुकाबले इस बार 8.6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन भी मजबूत बना हुआ है। पहली तिमाही में इन्फोसिस का ऑपरेटिंग मार्जिन 21.1 प्रतिशत रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 0.2 प्रतिशत अधिक है। वहीं रुपये के हिसाब से प्रति शेयर आय (EPS) में सालाना आधार पर 14.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
बड़े सौदों से कंपनी को मिला फायदा
इन्फोसिस ने बताया कि तिमाही के दौरान कंपनी ने कई बड़े सौदे हासिल किए हैं। इन बड़े सौदों का कुल मूल्य (Total Contract Value) 3.6 अरब डॉलर रहा। इनमें करीब 61 प्रतिशत सौदे पूरी तरह नए कारोबार से जुड़े हुए थे। कंपनी का कहना है कि इन सौदों से भविष्य में कारोबार को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कंपनी के मौजूदा CEO और MD सलिल पारेख ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब तेजी से राजस्व में बदल रही है। उन्होंने कहा कि इन्फोसिस का एंटरप्राइज AI मॉडल ग्राहकों के बीच मजबूत पकड़ बना रहा है और कंपनी को बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिल रही है।
उन्होंने कहा कि इन्फोसिस टोपाज के जरिए कंपनी AI आधारित बदलावों के लिए ग्राहकों की पसंदीदा रणनीतिक भागीदार बन रही है। बड़े सौदों में सफलता इस बात का संकेत है कि ग्राहक कंपनी की तकनीकी क्षमता और AI समाधान पर भरोसा जता रहे हैं।
नेतृत्व बदलाव पर नजर
आशीष कुमार डैश की नियुक्ति को कंपनी के भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। आईटी सेक्टर में लगातार बदलती तकनीक, AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के दौर में कंपनियां ऐसे नेतृत्व की तलाश कर रही हैं, जो नए अवसरों का लाभ उठा सके।
इन्फोसिस भारत की प्रमुख आईटी कंपनियों में शामिल है और दुनिया भर में इसके लाखों ग्राहक हैं। कंपनी का कहना है कि वह तकनीकी नवाचार, AI आधारित सेवाओं और डिजिटल समाधान के जरिए वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।
कुल मिलाकर इन्फोसिस के Q1 नतीजे कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाते हैं। जहां सालाना आधार पर मुनाफे और राजस्व में बढ़ोतरी हुई है, वहीं तिमाही गिरावट को कंपनी के लिए सुधार की चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में नए CEO-डेजिग्नेट आशीष कुमार डैश के नेतृत्व और कंपनी की AI रणनीति पर बाजार की नजर रहेगी।