बिज़नेस : दिवाली और धनतेरस से पहले सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। देश की राजधानी दिल्ली सहित प्रमुख सर्राफा बाजारों में बुधवार, 4 नवंबर 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। पिछले कुछ दिनों की गिरावट के बाद कीमती धातुओं के भाव फिर बढ़ने लगे हैं। इससे जहां निवेशकों की नजरें बुलियन मार्केट पर टिक गई हैं, वहीं त्योहार के लिए आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को अपना बजट दोबारा देखना पड़ सकता है।
बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच चांदी ने भी जोरदार तेजी दिखाई है। विभिन्न बाजार संकेतकों में कीमतें अलग-अलग दर्ज की गई हैं। ऐसे में खरीदारी करने से पहले ताजा दरों की पुष्टि करना जरूरी हो गया है।
सोने में ₹3,486 और चांदी में ₹7,775 तक की तेजी
भारतीय सर्राफा एवं आभूषण संघ (IBJA) से संबद्ध दरों के आधार पर प्रकाशित आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को 24 कैरेट सोने का राष्ट्रीय संदर्भ भाव करीब 1,41,062 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इसमें पिछले स्तर के मुकाबले लगभग 3,486 रुपये की बढ़ोतरी बताई गई।इसी तरह चांदी का संदर्भ भाव करीब 1,84,200 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। इसमें लगभग 7,775 रुपये प्रति किलोग्राम की तेजी दर्ज की गई। ये राष्ट्रीय संदर्भ दरें हैं, जो दिल्ली की किसी विशेष दुकान के खुदरा भाव से अलग हो सकती हैं।
सोने और चांदी की कीमतों में इस बढ़ोतरी ने बाजार का माहौल बदल दिया है। जिन ग्राहकों ने पिछले दिनों कीमतों में आई गिरावट के बाद खरीदारी की योजना बनाई थी, उन्हें अब अधिक रकम खर्च करनी पड़ सकती है।
दिल्ली में 24 कैरेट सोने का क्या है भाव?
दिल्ली के खुदरा बाजार में भी सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। बुधवार दोपहर उपलब्ध एक बाजार अपडेट के अनुसार, राजधानी में 24 कैरेट सोने की सांकेतिक कीमत करीब 1,39,800 रुपये प्रति 10 ग्राम थी।इसी दौरान 22 कैरेट सोने का भाव लगभग 1,28,160 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोने का भाव करीब 1,04,850 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।इस दर सूची के मुताबिक, 24 कैरेट सोना पिछले दिन के मुकाबले करीब 270 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ था। हालांकि, अन्य बाजार प्रदाताओं की दरों में इससे अधिक बदलाव भी दर्ज किया गया है।ध्यान देने वाली बात यह है कि सर्राफा बाजार में सोने की कीमत उसकी शुद्धता, शहर, कारोबारी समय और विक्रेता के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
चांदी की कीमतों में भी बड़ी हलचल
सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी बुधवार को तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दिल्ली के एक अन्य बाजार संकेतक के मुताबिक, चांदी की कीमत लगभग 1,86,588 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई।इस आंकड़े के अनुसार, पिछले दिन के मुकाबले चांदी में करीब 7,083 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई। हालांकि, अलग-अलग बाजार स्रोतों की दरों में अंतर मौजूद है।चांदी की मांग केवल आभूषण और सिक्कों तक सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा उपकरणों और विभिन्न औद्योगिक उत्पादों में भी होता है। यही वजह है कि चांदी की कीमतों पर निवेश मांग के साथ औद्योगिक गतिविधियों का भी असर पड़ता है।
धनतेरस से पहले क्यों महंगा हो रहा सोना?
बाजार विश्लेषणों के अनुसार, सोने की कीमतों में तेजी के पीछे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के कारण हैं।पिछले दिनों कीमती धातुओं में बिकवाली का दबाव देखने को मिला था। इसके बाद कुछ निवेशकों ने कम कीमतों पर दोबारा खरीदारी शुरू की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में सुधार का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा।
इसके अलावा अमेरिकी डॉलर की चाल, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक
परिस्थितियां
भी सोने के भाव को प्रभावित करती हैं।भारत में इस समय धनतेरस और दिवाली की खरीदारी को लेकर भी बाजार में गतिविधियां बढ़ रही हैं। इस वर्ष धनतेरस 6 नवंबर को है, जबकि दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी। ऐसे में त्योहार से पहले आभूषणों और सिक्कों की खरीदारी की उम्मीद बनी हुई है।हालांकि, केवल त्योहारी मांग के कारण कीमतों में तेजी आ रही है, ऐसा कहना सही नहीं होगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार और निवेशकों की गतिविधियों का भी बड़ा योगदान रहता है।
गहने खरीदने वालों को देना होगा अधिक पैसा
सोने के भाव बढ़ने का सीधा असर आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों पर पड़ता है। खासकर शादी-विवाह के लिए बड़ी मात्रा में सोने की खरीदारी करने वाले परिवारों का बजट प्रभावित हो सकता है।अगर कोई ग्राहक 20 ग्राम या 30 ग्राम सोने के आभूषण खरीदने की योजना बना रहा है, तो प्रति 10 ग्राम कीमत में मामूली बदलाव भी कुल बिल पर काफी असर डाल सकता है।इसके अतिरिक्त आभूषणों पर मेकिंग चार्ज और जीएसटी भी लगता है। इसलिए बाजार में दिखाई जाने वाली सोने की दर और गहने के अंतिम बिल में अंतर होता है।ग्राहकों को खरीदारी से पहले सोने की शुद्धता, वजन, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्कों की जानकारी लेना जरूरी है।
अभी खरीदें या कीमतें गिरने का इंतजार करें?
सोने और चांदी की कीमतों में तेजी के बाद ग्राहकों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि अभी खरीदारी करना सही रहेगा या कुछ दिनों का इंतजार करना बेहतर होगा।इस सवाल का जवाब खरीदारी के उद्देश्य पर निर्भर करता है। अगर किसी परिवार को शादी या किसी निश्चित कार्यक्रम के लिए आभूषण खरीदने हैं, तो उसे अपने बजट और जरूरत के अनुसार निर्णय लेना चाहिए।वहीं निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदने वाले लोगों के लिए कीमतों में उतार-चढ़ाव और निवेश की अवधि पर विचार करना जरूरी है।सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी तेजी जारी रहेगी या फिर गिरावट आएगी, इसका निश्चित अनुमान नहीं लगाया जा सकता। इसलिए केवल कीमत बढ़ने के डर से जल्दबाजी में खरीदारी करना उचित नहीं है।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
धनतेरस और दिवाली पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसे में बाजार में ग्राहकों की संख्या बढ़ सकती है।आभूषण खरीदने वालों को बीआईएस हॉलमार्क और छह अंकों वाले HUID की जांच करनी चाहिए। इसके अलावा खरीदारी का पक्का बिल लेना भी आवश्यक है।बिल में सोने का वजन, शुद्धता, प्रति ग्राम कीमत, मेकिंग चार्ज और जीएसटी का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। संभव हो तो दो या तीन दुकानों की कीमतों की तुलना करना भी फायदेमंद हो सकता है।
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