नई दिल्ली: भारत की सबसे बड़ी IT सर्विस कंपनी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने कहा कि कुछ कर्मचारियों की जानकारी लीक होने के आरोपों वाले 'थ्रेट-इंटेलिजेंस अलर्ट' के बाद भी उसे अपने सिस्टम या कस्टमर एनवायरनमेंट में सेंध लगने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में TCS ने कहा कि उसने अलर्ट की जांच की और पाया कि दावों में बताई गई जानकारी चार साल से ज़्यादा पुरानी लग रही है और यह सिर्फ़ कर्मचारियों की बेसिक जानकारी तक ही सीमित है।
कंपनी ने कहा, "आपको सूचित किया जाता है कि कंपनी को कुछ कर्मचारियों की जानकारी लीक होने के आरोपों वाले 'थ्रेट-इंटेलिजेंस अलर्ट' मिले हैं। कंपनी ने मामले की जांच की है और उसे TCS सिस्टम या कस्टमर एनवायरनमेंट में सेंध लगने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।"
TCS ने आगे कहा, "जिन जानकारियों का ज़िक्र किया गया है, वे चार साल से ज़्यादा पुरानी लगती हैं और सिर्फ़ कर्मचारियों की बेसिक जानकारी तक ही सीमित हैं। ऐसा कोई संकेत नहीं है कि कस्टमर डेटा, कस्टमर सिस्टम या TCS के ऑपरेशनल सिस्टम पर कोई असर पड़ा है।"
कंपनी ने कहा कि वह अपने सिस्टम पर लगातार नज़र रखेगी और सामने आने वाली किसी भी नई जानकारी का मूल्यांकन करेगी।
कंपनी के अनुसार, हमलावर ने दावा किया है कि उसने हमले के लिए 'पासवर्ड स्प्रेइंग' और 'मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) फटीग' का इस्तेमाल किया है।
TCS ने कहा कि उसने दो साल से ज़्यादा समय से ऐसी तकनीकों से बचाव के उपाय लागू कर रखे हैं और मौजूदा आकलन के आधार पर ये उपाय प्रभावी बने हुए हैं।
कंपनी ने कहा, "हमलावर का दावा है कि उसने हमले के लिए 'पासवर्ड स्प्रे' और 'मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) फटीग' का इस्तेमाल किया है। कंपनी ने दो साल से ज़्यादा समय से ऐसी तकनीकों से बचाव के मज़बूत उपाय लागू कर रखे हैं।"
कंपनी ने आगे कहा, "मौजूदा समीक्षा के आधार पर, ये उपाय प्रभावी बने हुए हैं और कंपनी अपने सिस्टम पर लगातार नज़र रख रही है।"
TCS ने यह भी कहा कि वह सामने आने वाली किसी भी नई जानकारी का मूल्यांकन करती रहेगी और ज़रूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई करेगी।
कंपनी ने कहा, "कंपनी अपने सिस्टम की सुरक्षा और मज़बूती बनाए रखने और हमें सौंपी गई जानकारी की सुरक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।"
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