नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस मुख्यालय का दौरा करने वाले हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान वह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक करेंगे और राजधानी की कानून-व्यवस्था तथा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। यह दौरा ऐसे समय में प्रस्तावित है, जब विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।रिपोर्ट के अनुसार, अमित शाह का दौरा दोपहर करीब तीन बजे प्रस्तावित है। बैठक में दिल्ली में अपराध नियंत्रण, सुरक्षा चुनौतियों और पुलिस की कार्रवाई की समीक्षा होने की संभावना है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ होगी बैठक
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारियों से राजधानी की वर्तमान सुरक्षा स्थिति की जानकारी लेंगे। बैठक में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किए गए इंतजाम और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा प्रबंधन की समीक्षा हो सकती है।इसके अलावा राजधानी में सक्रिय आपराधिक गिरोहों, नशीले पदार्थों की तस्करी और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर पुलिस की कार्रवाई की जानकारी भी गृह मंत्री के सामने रखे जाने की संभावना है।दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इन मुद्दों पर विस्तृत प्रस्तुति दे सकते हैं। हालांकि, बैठक में लिए जाने वाले संभावित फैसलों को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
SIR के खिलाफ राजधानी में विरोध प्रदर्शन तेज
अमित शाह का प्रस्तावित दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर दिल्ली में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों ने निर्वाचन आयोग की इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में गड़बड़ियों के कारण पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। हालांकि, इन आरोपों को सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता। निर्वाचन आयोग और सत्तारूढ़ भाजपा पहले भी इस तरह के आरोपों से इनकार कर चुके हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
विरोध प्रदर्शन में शामिल संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को कई छात्र संगठनों, किसान संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च निकालने का प्रयास किया।यह प्रदर्शन 'पीपुल अगेंस्ट SIR' के बैनर तले आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को वापस लेने की मांग की।मार्च के दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। रिपोर्टों के मुताबिक, 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था। बाद में कई प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया।
दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय दिल्ली के कई महत्वपूर्ण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। निर्वाचन आयोग मुख्यालय, बंगला साहिब गुरुद्वारा और गोल डाकखाना के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया।सुरक्षा कारणों से कुछ स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों को असुविधा से बचाना है।केंद्रीय गृह मंत्रालय ने संभावित अचानक प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 273 कंपनियों की तैनाती 31 अक्टूबर तक बढ़ाने की मंजूरी भी दी है।
कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर रहेगा जोर
गृह मंत्री के प्रस्तावित दौरे को राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। बैठक में विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की तैयारियों के साथ अपराध नियंत्रण और अन्य सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा होने की संभावना है।फिलहाल अमित शाह के दौरे और बैठक के संभावित एजेंडे को लेकर सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है। बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा कि राजधानी की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर क्या नए निर्देश दिए जाते हैं।
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