नई दिल्ली: अक्टूबर में घरेलू पैसेंजर वाहनों की थोक बिक्री (होलसेल) ने 5 लाख यूनिट का रिकॉर्ड आंकड़ा पार कर लिया। इसकी मुख्य वजह त्योहारी सीजन की जोरदार मांग रही। मारुति सुजुकी, हुंडई और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी प्रमुख वाहन कंपनियों ने अब तक की अपनी सबसे ज्यादा मासिक बिक्री दर्ज की है। कार और SUV समेत घरेलू पैसेंजर वाहनों की फैक्ट्रियों से रिटेल डीलरों तक की थोक आपूर्ति (होलसेल डिस्पैच), अक्टूबर 2024 के 4.6 लाख यूनिट के मुकाबले, इस साल अक्टूबर में लगभग 5.25 से 5.3 लाख यूनिट रहने का अनुमान है। यह पिछले साल के इसी महीने के ऊंचे आधार (हाई बेस) के बावजूद लगभग 13-15 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
बाजार की अग्रणी कंपनी मारुति सुजुकी ने अक्टूबर में 2.12 लाख घरेलू पैसेंजर वाहनों की आपूर्ति की, जो पिछले साल के मुकाबले 20 प्रतिशत की वृद्धि है। टाटा मोटर्स ने 21 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 73,894 यूनिट की बिक्री दर्ज की, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ने 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 73,338 यूनिट की बिक्री की। हुंडई की घरेलू थोक बिक्री में 16.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 62,799 यूनिट तक पहुंच गई।
मोबिलिटी ग्लोबल में 'लाइट व्हीकल प्रोडक्शन फोरकास्टिंग' के एसोसिएट डायरेक्टर गौरव वंगाल के अनुसार, नवंबर के पहले पखवाड़े में धनतेरस और दिवाली होने के कारण, अक्टूबर की थोक बिक्री मुख्य रूप से डीलरों द्वारा त्योहारी सीजन की भारी मांग को देखते हुए स्टॉक जुटाने को दर्शाती है। इसके विपरीत, अक्टूबर में वाहनों के रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) में पिछले साल के ऊंचे त्योहारी आधार के मुकाबले गिरावट आने की उम्मीद है, क्योंकि त्योहारी सीजन की बड़ी डिलीवरी अब नवंबर में शिफ्ट हो गई है।
अक्टूबर की यह वृद्धि एक ऊंचे आधार (हाई बेस) पर दर्ज की गई है। साल 2024 में, अगस्त के मध्य से सितंबर के मध्य तक बिक्री सुस्त रही थी, क्योंकि खरीदार GST में कटौती की उम्मीद में खरीदारी टाल रहे थे। सितंबर के आखिरी हफ्ते में GST दरें कम होने के बाद मांग में तेजी आई, जिससे त्योहारी सीजन और अक्टूबर के दौरान बिक्री में जोरदार उछाल देखने को मिला। हुंडई मोटर इंडिया के MD और CEO तरुण गर्ग ने कहा, "त्योहारी सीजन की मजबूत मांग और घरेलू तथा निर्यात बाजारों में अच्छी गति के कारण हम बिक्री का यह नया रिकॉर्ड बनाने में सफल रहे हैं।" महिंद्रा एंड महिंद्रा के ऑटोमोटिव बिजनेस के प्रेसिडेंट वेलुसामी आर ने भी बताया कि अक्टूबर का महीना कंपनी के लिए एक अहम पड़ाव रहा। त्योहारी सीजन और कंपनी के नए पोर्टफोलियो की वजह से मांग मजबूत बनी रही।
पिछले साल GST दरों में कटौती के बाद से पैसेंजर व्हीकल इंडस्ट्री में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। लोन लेने की लागत कम होने से गाड़ियां खरीदना लोगों के लिए आसान हो गया है, वहीं हाल ही में हुए इनकम टैक्स सुधारों के चलते उपभोक्ताओं के पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसा उपलब्ध है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में, घरेलू पैसेंजर व्हीकल की बिक्री 28.3 प्रतिशत बढ़कर 20.55 लाख यूनिट हो गई।