नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 36 दिनों से चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का छात्र आंदोलन शनिवार को समाप्त हो गया। आंदोलन के समापन की घोषणा पार्टी नेतृत्व और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों की संयुक्त प्रेस वार्ता के बाद की गई। आंदोलनकारियों ने दावा किया कि उनकी तीनों प्रमुख मांगों को सरकार ने स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद धरना समाप्त करने का फैसला लिया गया।
आंदोलन खत्म होने की घोषणा के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद छात्रों और युवाओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की, राष्ट्रगान गाया और छात्र एकता के समर्थन में नारे लगाए। कई युवाओं ने इसे अपने लंबे संघर्ष और लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई आवाज की सफलता बताया।
तीन प्रमुख मांगों पर सहमति का दावा
इस आंदोलन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके कर रहे थे। आंदोलनकारियों का कहना था कि यह प्रदर्शन केवल किसी एक व्यक्ति या पद के खिलाफ नहीं था, बल्कि देश की परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, छात्रों के अधिकारों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर शुरू किया गया था।
अभिजीत दीपके ने कहा कि सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बाद आंदोलन की प्रमुख मांगों पर सहमति बनी। इसके बाद संगठन ने छात्रों और समर्थकों से बातचीत कर आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन छात्रों की एकजुटता और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की ताकत का उदाहरण है। उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी छात्रों, युवाओं और समर्थकों का धन्यवाद किया।
जंतर-मंतर पर दिखा भावुक माहौल
धरना समाप्त होने के दौरान जंतर-मंतर पर भावुक माहौल नजर आया। कई छात्र एक-दूसरे को बधाई देते दिखे तो कुछ ने संघर्ष के दिनों को याद किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे समय तक चले इस आंदोलन में उन्हें देशभर के छात्रों का समर्थन मिला।
छात्रों का कहना था कि उनकी लड़ाई केवल तत्कालीन मुद्दों तक सीमित नहीं थी, बल्कि भविष्य में परीक्षा प्रणाली को बेहतर और निष्पक्ष बनाने की मांग को लेकर थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार अब छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए ठोस कदम उठाएगी।
प्रशासन की निगरानी में हुआ समापन
आंदोलन समाप्त होने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। जंतर-मंतर क्षेत्र में स्थिति सामान्य रही और प्रदर्शनकारियों के हटने के बाद व्यवस्था बहाल कर दी गई।
प्रशासन की ओर से पहले भी आंदोलन स्थल की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर निगरानी रखी जा रही थी। आंदोलन समाप्त होने के बाद राजधानी में सामान्य गतिविधियां फिर शुरू हो गईं।
आगे की रणनीति पर नजर
सीजेपी नेतृत्व ने कहा कि आंदोलन समाप्त जरूर किया गया है, लेकिन छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संगठन आगे भी सक्रिय रहेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी छात्र हितों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े विषयों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाया जाएगा।
36 दिनों तक चले इस आंदोलन के समापन के बाद अब सभी की नजर सरकार की ओर से किए जाने वाले अगले कदमों पर है। वहीं आंदोलनकारी इसे छात्रों की आवाज और एकजुटता की जीत के रूप में पेश कर रहे हैं।