Amritsar. अमृतसर। अमृतसर के शिक्षा विभाग में सामने आए बड़े वित्तीय घोटाले ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। लंबे समय से चल रही गड़बड़ियों के खुलासे के बाद अब आखिरकार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना सिविल लाइन में मामला दर्ज कर लिया है। दर्ज केस में बी.पी.ई.ओ. समेत 4 कर्मचारियों को नामजद किया गया है। इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है और आने वाले दिनों में और नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक यह मामला शिक्षकों की सैलरी, जी.पी.एफ. और लीव इनकैशमैंट के बिलों में बड़े स्तर पर अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है। प्रारंभिक जांच के दौरान यह सामने आया कि सरकारी रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ कर गलत भुगतान किए गए और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले विभाग की ओर से संबंधित कर्मचारियों को सस्पैंड किया गया और अब पुलिस ने उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले में लाखों रुपए के गबन का शक जताया जा रहा है।
हालांकि एफ.आई.आर. में सटीक रकम का उल्लेख नहीं है, लेकिन सूत्रों के अनुसार सैलरी और फंड में की गई गड़बड़ी एक बड़े आर्थिक घोटाले की ओर इशारा करती है। पुलिस अब हर एक लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है ताकि असली रकम और पूरे नैटवर्क का खुलासा किया जा सके। मामले को कानूनी रूप से मजबूत करने के लिए डी.ए. लीगल से राय ली गई, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के 2013 के एक अहम फैसले का हवाला देते हुए तुरंत एफ.आई.आर. दर्ज करने की सिफारिश की गई। इसके आधार पर पुलिस ने धारा 316(5), 318(4) और 61(2) बी.एन.एस. के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस द्वारा जिन 4 कर्मचारियों को नामजद किया गया है, उनमें एक ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारी भी शामिल है। नामजद व्यक्तियों में यशपाल (बी.पी.ई.ओ. अमृतसर-3), सुखदेव सिंह (क्लर्क, मजीठा-1), गुरबिंदर सिंह (क्लर्क, मजीठा-2) और गुरसेवक सिंह (क्लर्क, अमृतसर-3) शामिल हैं। ये सभी पहले ही शिक्षा विभाग द्वारा सस्पैंड किए जा चुके हैं और अब पुलिस जांच के दायरे में हैं।