नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम के ऐलान के बाद जहां पार्टी के भीतर नए चेहरों और पुराने दिग्गजों की वापसी की चर्चा है, वहीं कांग्रेस खेमे में भी इस फेरबदल को लेकर दिलचस्प प्रतिक्रिया देखने को मिली है। खास तौर पर भाजपा के लंबे समय से आईटी सेल प्रमुख रहे **अमित मालवीय की जगह दीपक म्हस्के को जिम्मेदारी दिए जाने** पर कांग्रेस की सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स विभाग की चेयरपर्सन Supriya Shrinate सुप्रिया श्रीनेत ने तीखा तंज कसा है।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम में संगठन के कई पदों पर बदलाव हुआ है। लेकिन कांग्रेस की प्रतिक्रिया में सबसे ज्यादा फोकस अमित मालवीय के आईटी सेल प्रमुख पद से हटने पर रहा। मालवीय करीब 11 वर्षों से भाजपा की डिजिटल रणनीति का प्रमुख चेहरा रहे थे। उनकी जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हस्के को सोशल मीडिया और आईटी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है।
सुप्रिया श्रीनेत ने मालवीय पर कसा तंज
कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने अमित मालवीय के हटने पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मालवीय के साथ अपने पुराने राजनीतिक और टीवी बहसों के अनुभवों का जिक्र करते हुए उन पर कटाक्ष किया।
श्रीनेत ने कहा कि टीवी बहसों में आमना-सामना होने के बाद उन्हें मालवीय की संवाद क्षमता को लेकर अलग अनुभव हुआ। इसके बाद उन्होंने भाजपा की नई सोशल मीडिया टीम पर भी निशाना साधा और दावा किया कि नई टीम में शामिल कुछ लोगों ने अपने पुराने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर अकाउंट लॉक कर लिए हैं। ये कांग्रेस नेता के आरोप हैं और भाजपा की ओर से इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है।
उन्होंने नई टीम को शुभकामनाएं देते हुए यह भी कहा कि उसके सामने राजनीतिक लड़ाई कठिन होने वाली है।
कांग्रेस के लिए क्यों खास है यह बदलाव?
अमित मालवीय पिछले एक दशक में भाजपा की डिजिटल राजनीति के सबसे प्रमुख चेहरों में रहे हैं। सोशल मीडिया पर कांग्रेस और भाजपा के बीच होने वाले राजनीतिक हमलों में मालवीय और सुप्रिया श्रीनेत अक्सर एक-दूसरे के आमने-सामने दिखाई देते रहे हैं।
ऐसे में मालवीय का आईटी सेल प्रमुख पद से हटना कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम के लिए केवल भाजपा का आंतरिक संगठनात्मक बदलाव नहीं है। इसे विपक्ष उस डिजिटल रणनीति में बदलाव के तौर पर भी देख रहा है, जिसने पिछले कई चुनावों में भाजपा के प्रचार अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
हालांकि मालवीय को हटाने के पीछे भाजपा ने किसी चुनावी हार या डिजिटल रणनीति की विफलता को आधिकारिक कारण नहीं बताया है। इसलिए विपक्ष की प्रतिक्रियाओं को राजनीतिक टिप्पणी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
कौन हैं नए डिजिटल प्रमुख दीपक म्हस्के?
अमित मालवीय की जगह आए दीपक म्हस्के छत्तीसगढ़ से ताल्लुक रखते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वह केमिस्ट्री के प्रोफेसर रह चुके हैं और चुनावी डेटा के विश्लेषण तथा डिजिटल रणनीति में अनुभव रखते हैं। वह करीब डेढ़ दशक से भाजपा के आईटी और सोशल मीडिया से जुड़े काम में सक्रिय रहे हैं।
म्हस्के ने नई जिम्मेदारी मिलने के बाद कहा है कि उनकी टीम सोशल मीडिया पर पार्टी और सरकार को लेकर किए जाने वाले प्रचार का जवाब देगी और लोगों के बीच मौजूद गलतफहमियों को दूर करने का प्रयास करेगी। उन्होंने सही जानकारी लोगों तक पहुंचाने को भी अपनी प्राथमिकताओं में बताया।
इससे संकेत मिलता है कि भाजपा अपने डिजिटल अभियान को कमजोर करने के बजाय नए नेतृत्व के साथ आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
भाजपा की नई टीम में व्यापक फेरबदल
आईटी सेल का बदलाव नितिन नबीन के संगठनात्मक फेरबदल का सिर्फ एक हिस्सा है। नई राष्ट्रीय टीम में कई पुराने पदाधिकारियों को बदला गया है और नए चेहरों को मौका मिला है। इसके साथ स्मृति ईरानी और राम माधव जैसे अनुभवी नेताओं को महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियां मिली हैं।
भाजपा का यह फेरबदल आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले हुआ है। इसलिए इसे संगठन को चुनावी मोड में लाने की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया बना सियासी जंग का बड़ा मैदान
पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया भारतीय राजनीति का महत्वपूर्ण चुनावी हथियार बन चुका है। एक्स, इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब और व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म पर राजनीतिक दलों के बीच लगातार नैरेटिव की लड़ाई चलती रहती है।
भाजपा ने इस क्षेत्र में काफी पहले संगठित ढांचा तैयार किया था। अमित मालवीय लंबे समय तक इसी डिजिटल नेटवर्क के प्रमुख चेहरों में रहे। कांग्रेस ने भी पिछले कुछ वर्षों में अपनी सोशल मीडिया टीम को मजबूत किया है और सुप्रिया श्रीनेत इस अभियान का प्रमुख चेहरा हैं।
यही वजह है कि भाजपा के आईटी नेतृत्व में बदलाव पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया इतनी तीखी दिखाई दी।
नए नेतृत्व के सामने बड़ी चुनौती
दीपक म्हस्के के सामने अब भाजपा के विशाल डिजिटल नेटवर्क को संभालने की जिम्मेदारी होगी। आने वाले विधानसभा चुनावों से लेकर 2029 के लोकसभा चुनाव तक सोशल मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है।
दूसरी तरफ कांग्रेस की डिजिटल टीम भी भाजपा के इस बदलाव को राजनीतिक हमले का मौका बना रही है। सुप्रिया श्रीनेत की प्रतिक्रिया इसी रणनीति का हिस्सा दिखाई देती है।
फिलहाल अमित मालवीय की जगह दीपक म्हस्के की नियुक्ति भाजपा का आंतरिक संगठनात्मक फैसला है। लेकिन कांग्रेस की प्रतिक्रिया ने इसे दोनों पार्टियों के बीच नई डिजिटल राजनीतिक लड़ाई में बदल दिया है। अब नजर इस पर होगी कि नए नेतृत्व में भाजपा की सोशल मीडिया रणनीति कितनी बदलती है और कांग्रेस उसका मुकाबला किस तरह करती है।