Ayodhya अयोध्याराम मंदिर चंदा चोरी मामले में SIT की फाइनल रिपोर्ट सरकार को सौंपी, ट्रस्ट को भी कराई गई उपलब्ध। राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम यानी SIT की फाइनल रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है। इसके साथ ही गृह विभाग की ओर से आवश्यक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भी उपलब्ध कराई गई है। अब रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों और सिफारिशों के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित की गई थी। वरिष्ठ अधिकारी विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में गठित टीम ने मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच की। जांच के दौरान संबंधित दस्तावेजों, लेनदेन और अन्य तथ्यों को खंगाला गया। इससे पहले SIT की ओर से सरकार को प्राथमिक रिपोर्ट भी सौंपी गई थी। बताया गया कि इस रिपोर्ट के आधार पर कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
अब SIT की फाइनल रिपोर्ट सामने आने के बाद पूरे मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। गृह विभाग ने रिपोर्ट को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भी उपलब्ध कराया है। ऐसे में जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय करने और आवश्यक कदम उठाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। इस मामले को लेकर न्यायिक स्तर पर भी सुनवाई हुई है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जांच की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए गए थे। अदालत ने जांच को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया था। साथ ही SIT की जांच की प्रगति और उससे जुड़े पहलुओं को लेकर अदालत के समक्ष रिपोर्ट पेश करने की बात भी सामने आई थी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ तरीके से जांच होनी चाहिए। कोर्ट ने वास्तविक और जनहित से जुड़े लोगों को भी जांच के संबंध में अपने सुझाव देने का अवसर दिए जाने की बात कही थी। ऐसे सुझाव सॉलिसिटर जनरल के कार्यालय के माध्यम से SIT तक पहुंचाने की व्यवस्था बताई गई, ताकि जांच टीम आवश्यक पहलुओं पर विचार कर सके। राम मंदिर से जुड़ा मामला होने के कारण इस प्रकरण पर शुरुआत से ही व्यापक नजर रही है। चंदे और उससे जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद पारदर्शी जांच की मांग उठी थी। इसी क्रम में विशेष जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
अब फाइनल रिपोर्ट सरकार के पास पहुंचने के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि जांच में किन तथ्यों को स्थापित किया गया है और किन लोगों की जिम्मेदारी तय की गई है। रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी स्तर पर अनियमितता या आपराधिक भूमिका सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल फाइनल रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद सरकार और संबंधित विभागों की अगली कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
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