दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने मंगलवार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) पर पाखंड का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये पार्टियां बीजेपी की प्रस्तावित "लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा" का विरोध कर रही हैं, जबकि इन्हीं विपक्षी दलों ने पहले भी लंबे समय तक विरोध-प्रदर्शन करके राजधानी में ट्रैफिक और व्यापारिक गतिविधियों को बाधित किया था। मल्होत्रा ने कहा, "जिन लोगों ने हफ्तों तक शहर की सड़कें जाम करके दिल्ली के व्यापार और आम जनता को बंधक बनाए रखा - कभी छात्रों के नाम पर, तो कभी चुनाव आयुक्त को हटाने के नाम पर - वे आज दो घंटे की एक प्रतीकात्मक पदयात्रा का विरोध कर रहे हैं। यह विरोध नहीं, बल्कि पाखंड है।"
बीजेपी की प्रस्तावित पदयात्रा का बचाव करते हुए मल्होत्रा ने कहा कि यह पूरी तरह शांतिपूर्ण होगी और संविधान के दायरे में रहकर की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों में हिंसा, पत्थरबाजी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने जैसी घटनाएं हुई हैं, जबकि बीजेपी का यह कार्यक्रम लोकतंत्र की रक्षा करने और जनता की चिंताओं को उठाने के उद्देश्य से है। उन्होंने कहा, "हमारी पहचान संविधान के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण और अनुशासित पदयात्रा निकालने की है। हम पत्थर नहीं फेंकेंगे; बल्कि लोकतंत्र के सम्मान में फूलों की वर्षा करेंगे।"
मल्होत्रा ने बताया कि बीजेपी युवा मोर्चा और ट्रेड सेल के कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करेंगे कि पदयात्रा के दौरान चांदनी चौक में व्यापारिक गतिविधियां सामान्य रूप से चलती रहें। उन्होंने दोहराया कि यह कार्यक्रम केवल प्रतीकात्मक होगा और दो घंटे के भीतर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो जाएगा। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में हर किसी को असहमति जताने का अधिकार है, लेकिन किसी को भी अराजकता फैलाने का अधिकार नहीं है। बीजेपी हमेशा बातचीत, शांति और लोकतांत्रिक मर्यादा के पक्ष में रही है।"
बीजेपी ने इस पदयात्रा को "लोकतंत्र बचाने और अराजकता हटाने" की एक कोशिश बताया है, और इस कार्यक्रम का विरोध करने के लिए कांग्रेस और 'आप' की आलोचना की है। वहीं, दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने चांदनी चौक में बीजेपी की प्रस्तावित पदयात्रा को लेकर पार्टी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस पदयात्रा से व्यापारिक गतिविधियां बाधित होंगी और व्यापारियों तथा आम जनता को परेशानी होगी।
यादव ने बीजेपी की आलोचना करते हुए कहा कि जब कांग्रेस ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली करने की योजना बनाई थी, तब बीजेपी ने व्यापार के नुकसान की चिंता जताते हुए उसका विरोध किया था। अब वही बीजेपी करवा चौथ से एक दिन पहले चांदनी चौक में हजारों कार्यकर्ताओं के साथ जुलूस निकालने की योजना बना रही है। यादव ने कहा, "बीजेपी, जो अब कारोबारी समुदाय के लिए मगरमच्छ के आँसू बहा रही है, उसने दिल्ली में छात्रों और विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान तुरंत दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद करवा दिए थे, मेट्रो के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए थे, और सार्वजनिक परिवहन की बसें भी रोक दी थीं।" उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी को उन जगहों पर जुलूस निकालने की अनुमति दी गई जो इसके लिए तय नहीं थीं, जबकि विपक्षी दलों और छात्रों को विरोध-प्रदर्शन करने की इजाज़त नहीं दी गई। इससे पहले, यादव और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने 1 नवंबर की रैली की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए रामलीला मैदान का दौरा किया।